
देशव्यापी 'गो सम्मान आह्वान' हस्ताक्षर अभियान के तहत 3,72,684 हस्ताक्षर राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम सौंपे
झुंझुनूं। देशव्यापी 'गो सम्मान आह्वान' हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत केशव आदर्श विद्या मंदिर प्रांगण में संतों के सानिध्य में विशाल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में टीले के पीठाधीश्वर ओमनाथ महाराज, अनिल दास महाराज (शाकम्भरी), साध्वी योगश्री (कोटबांध) तथा सावंत दास महाराज (धनावता) सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ गोमाता एवं भारत माता के चित्र के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। संत-महात्माओं ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके पश्चात हरे रामा-हरे कृष्णा संकीर्तन मंडली द्वारा भक्ति संकीर्तन प्रस्तुत किया गया। पूरे वातावरण में गोभक्ति एवं राष्ट्रभक्ति की अनुपम छटा देखने को मिली।
कार्यक्रम संयोजक रूपेश तुलस्यान एवं उमाशंकर महमिया ने बताया कि देशव्यापी 40 करोड़ हस्ताक्षरों के लक्ष्य वाले इस अभियान के अंतर्गत झुंझुनूं जिले से 3,72,684 गोभक्तों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए। यह उपलब्धि जिले के शहरों, कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनसहभागिता से संभव हुई। अभियान में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, गोरक्षा दल, जिला गो सेवा समिति, विभिन्न गौशालाओं, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा हजारों गोभक्तों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम का संचालन रामगोपाल महमिया ने किया। संगोष्ठी में अभियान से जुड़े सभी तहसील अध्यक्षों एवं प्रमुख कार्यकर्ताओं का संत-महात्माओं द्वारा माला एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया।
अपने उद्बोधन में संत-महात्माओं ने कहा कि "गाय बचेगी तो संस्कृति बचेगी।" उन्होंने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और राष्ट्र की आध्यात्मिक चेतना का साक्षात स्वरूप हैं। कलियुग में गोसेवा सबसे बड़ा पुण्य एवं राष्ट्रसेवा का श्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने कहा कि गोमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए केवल सरकारों पर निर्भर रहने के बजाय समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर जनजागरण करना होगा। संगठित जनशक्ति और लोकतांत्रिक प्रयासों से ही गोसंरक्षण का उद्देश्य सफल हो सकता है।
संगोष्ठी के उपरांत संतों के सानिध्य में सैकड़ों गोभक्तों ने "गोमाता की जय" एवं "भारत माता की जय" के जयघोष के साथ विशाल रैली निकाली। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई जिला कलक्ट्रेट पहुँची, जहाँ जिला कलक्टर अरुण गर्ग को पेन ड्राइव के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम 3,72,684 हस्ताक्षरों सहित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि संपूर्ण भारत में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, गोमाता को राष्ट्रमाता अथवा राष्ट्रीय आराध्य का संवैधानिक सम्मान प्रदान किया जाए, गोसेवा के लिए केंद्रीय कानून एवं केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय का गठन किया जाए तथा गोचर भूमि संरक्षण, चारे की स्थायी नीति एवं गो-आधारित कृषि को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन दिया जाए।
जिला कलक्ट्रेट परिसर में गोरक्षा दल के प्रवीण स्वामी ने जिला कलक्टर को पगड़ी भेंट करते हुए घोषणा की कि जब तक गोमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक वे स्वयं पगड़ी धारण नहीं करेंगे। उनके इस संकल्प का उपस्थित गोभक्तों ने जोरदार समर्थन किया।
कार्यक्रम में भाजपा नेता सतीश गजराज के विशेष सहयोग के लिए आयोजन समिति ने उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक कमल स्वामी, जिला गो सेवा समिति के अध्यक्ष ताराचंद भोड़कीवाला, प्रवीण स्वामी (गोरक्षा दल), भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष कमलकांत शर्मा, जयराज जांगिड़ (विश्व हिंदू परिषद), रेखा सैनी ( खेतड़ी प्रभारी), श्रीकांत पंसारी, अनूप गाड़ियां, विकास डुमौली (पिलानी), शंकरलाल शर्मा (डुंडलोद), रविन्द्र तौलियासर, नरेंद्र सिंह शेखावत, राकेश सहल, सम्पत पुरोहित, प्रवीण योगी, संजय वर्मा, सुनील सैनी, संत कुमार निर्मल, सुभाष क्यामसरिया, सुमेर सिंह जाखोदया, पंकज टेलर, वेदप्रकाश महणसरिया, धीरज हिसारिया, अमित जांगिड़, राजू बुहाना, हिमांशु सिंधाना, सेंटी चिड़ावा, बादशाह खेतड़ी, विजेंद्र मलसिसर, भैरू उदयपुरवाटी, विनोद नायक सहित बड़ी संख्या में गोभक्त एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर कार्यक्रम संयोजक उमाशंकर महमिया ने जिलेभर से पधारे सभी संत-महात्माओं, गोभक्तों, सामाजिक संगठनों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गोमाता के सम्मान, संरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों की यह मुहिम जन-जन तक पहुँचाई जाएगी। संगोष्ठी का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि गोमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए राष्ट्रव्यापी जनजागरण को और अधिक व्यापक एवं सशक्त बनाया जाएगा। #Jhunjhunu #JhunjhunuNews