
रेवाड़ी जिले के जाड़रा क्षेत्र में हरे पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। वन विभाग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए वन अपराध रिपोर्ट (FOR) दर्ज कर ली है तथा पेड़ों की कटाई में प्रयुक्त बताई गई JCB मशीन को जब्त कर लिया। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत दो व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, जिनमें वर्तमान ब्लॉक समिति अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र खोला का नाम भी शामिल है। मामले की जांच जारी है।
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 13 जुलाई 2026 को विभाग को सूचना मिली कि रेवाड़ी–महेंद्रगढ़ मार्ग पर जाड़रा क्षेत्र में सड़क किनारे लगे हरे पेड़ों की JCB मशीन की सहायता से कटाई की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण के दौरान कथित रूप से कटाई में प्रयुक्त JCB मशीन (HR-36 AU-4966) को जब्त कर लिया।
वन विभाग द्वारा तैयार की गई वन अपराध रिपोर्ट में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार दो व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप
मामले से संबंधित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सड़क किनारे लगे करीब 34 हरे पेड़ों को JCB मशीन की सहायता से काट दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि मौके पर पहुंचने तक कई पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा चुका था। शिकायत में इसे पर्यावरण संरक्षण संबंधी नियमों के विपरीत बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की है।
जब्त JCB सुपुर्दगी पर छोड़ी गई
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार कार्रवाई के दौरान जब्त की गई JCB मशीन को बाद में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत संबंधित व्यक्ति को सुपुर्द कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मशीन की सुपुर्दगी का अर्थ यह नहीं है कि मामला समाप्त हो गया है। वन अपराध रिपोर्ट और जांच की प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी तथा अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण पर उठे सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हरियाणा सरकार मानसून के दौरान बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चला रही है और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऐसे में हरे पेड़ों की कथित कटाई की घटना ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि जांच में बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटाई की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच जारी
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य या अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अंतिम निर्णय जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ही लिया जाएगा।
Rewari, Rewari | Jul 14, 2026