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Rewari News

@vyasmediagroup
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रेवाड़ी भाजपा में एक साल पुरानी खींचतान फिर उभरी:विधायक लक्ष्मण को नहीं मिला निमंत्रण;हलके में पत्थरों से विधायक गायब,4 धड़ों में बटी रेवाड़ी भाजपा

रेवाड़ी जिले के बावल में रैली से पहले पिछले साल 15 अगस्त को ऐसी ही पटकथा लिखी गई थी। राव तुलाराम स्टेडियम में 15 जून को रेवाड़ी विधानसभा की रैली हुई थी। जिसमें राव इंद्रजीत सिंह पहुंचे थे, परंतु उनके समर्थक पार्टी पदाधिकारियों और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे समर्थक नजर नहीं आए थे। पार्टी ने तब इस पर संज्ञान नहीं लिया, परंतु विधायक को यह बात याद थी।

30 जून को बावल रैली में सांसद- विधायकों के साथ संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों ने दूरी बनाई तो सुर्खियां बन गई।

6 जुलाई को विधायक ने अपनी पिछले साल 15 जून की रैली के साथ बावल में सीएम के कार्यक्रम के बहिष्कार का न्यौता एक ही बार में डबल करके लौटा दिया। सोमवार को धारूहेड़ा पहुंचें राव इंद्रजीत सिंह ने जिस प्रकार से निमंत्रण नहीं मिलने की बात कहकर अपनी और बावल विधायक की अनुपस्थिति का जायज ठहराया।

विधायक ने कहा कि एक तो उन्हें संगठन और प्रशासन की तरफ से शपथ ग्रहण कार्यक्रम का विधिवत न्यौता नहीं मिला था
हलके में पत्थरों से विधायक गायब

रेवाड़ी विधानसभा के गांवों में एक जुलाई को जिला परिषद के कई विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास हुआ। जिसके लिए तैयार किए गए शिलान्यास और उद्घाटन पत्थरों में स्थानीय सांसद और महेंद्रगढ़ की अटेली की विधायक आरती राव का नाम मोटे अक्षरों में अंकित दिखा। सरकारी ग्रांट से हुए कार्यों के पत्थरों से स्थानीय विधायक लक्ष्मण सिंह का नाम गायब दिखा।

गांव ततारपुर इस्तमुरार में लगे पत्थर पर राव इंद्रजीत सिंह और आरती राव के साथ जिला प्रमुख मनोज यादव, उपप्रमुख नीलम अनिल रायपुर, पार्षद सुनीता रणधीर सिंह, बीडीपीओ सुरजीत सिंह, ग्राम सचिव श्रीभगवान यादव और सरपंच सूबेदार रामचंद्र का नाम लिखा हुआ है, परंतु स्थानीय विधायक को जगह नहीं मिल पाई। जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालों के घेरे में है।

4 धड़ों में बटी रेवाड़ी भाजपा

रेवाड़ी विशेषकर अहीरवाल में शुरू से ही रामपुरा और बूढ़पुर हाउस में राजनीतिक तनातनी बनी रही है। राव बीरेंद्र सिंह और राव मोहर सिंह के समय से चली आ रही राजनीतिक लड़ाई का नेतृत्व पिछले करीब 4 दशक से राव इंद्रजीत सिंह और राव नरबीर सिंह कर रहे हैं। 2014 से दोनों भाजपा में होते हुए भी मौका मिलने पर एक दूसरे के खिलाफ बोलने का कोई मौका नहीं चूकते।

2014 के बाद से धीरे-धीरे रामपुरा हाउस में पार्टी का पॉवर सेंटर शिफ्ट होने लगा। दो दिग्गजों की लड़ाई में अपनी अनदेखी से आहत संगठन से जुड़े पुराने कार्यकर्ता अपनी अनदेखी से आहत होकर घर बैठने लगे। जिससे पार्टी तीन धड़ों में बंट गई। धारूहेड़ा में शपथ ग्रहण के बाद विधायक की मंच से दूरी ने पार्टी में अब एक और नया मोर्चा खोल दिया।
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रेवाड़ी के धारूहेड़ा में 54 दिन बाद सोमवार को नगर पालिका के चेयरमैन अजय जांगड़ा ने शपथ ली। उनके साथ 18 नगर पार्षदों ने भी शपथ ली। केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह शपथ ग्रहण समारोह के खास मेहमान बने। नगर पालिका कार्यालय में आयोजित शपथ ग्रहण में उनके साथ बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार और कोसली के विधायक अनिल यादव भी नजर आए। स्थानीय विधायक लक्ष्मण सिंह शपथ ग्रहण के मंच पर दिखाई नहीं दिए।
हालांकि अभी विधायक के कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। जिससे बावल में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद अब धारूहेड़ा नगर पालिका का शपथ ग्रहण कार्यक्रम चर्चा का कारण बन गया है।
रेवाड़ी में घर में ब्लास्ट, 4 लोग झुलसे:शीशे-दरवाजे टूटकर दूर गिरे; पड़ोसी बोले- बम फटने जैसी आवाज आई

रेवाड़ी के हंस नगर स्थित एक घर में रविवार शाम जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 4 लोग झुलस गए हैं, जिनमें एक युवती की हालत गंभीर है। घर में लगे शीशे और दरवाजे भी टूट गए। बताया गया है कि प्रेस करते हुए धमाका हुआ।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीमें जांच के लिए मौके पर पहुंचीं। घायलों को सिविल अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सभी घायलों को रोहतक, गुरुग्राम और दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में रेफर कर दिया गया।

अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ब्लास्ट किस चीज में हुआ। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर जांच की है। पड़ोसियों का कहना है कि आवाज बम फटने जैसी थी।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दूरी पर उठ रहे सवाल—कैप्टन ने राव इंद्रजीत को घेरा

रेवाड़ी। 

पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि बावल विधानसभा क्षेत्र में आयोजित "खेत बचाओ" कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति के बावजूद सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का कार्यक्रम से दूरी बनाए रखना और उनके प्रभाव वाले क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर करती है। यह केवल भाजपा का आंतरिक मामला नहीं, बल्कि दक्षिण हरियाणा की जनता के हितों से जुड़ा गंभीर विषय है।

कैप्टन अजय यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री स्वयं दक्षिण हरियाणा आए थे। यह क्षेत्र के लिए बड़ी विकास परियोजनाओं, नई सौगातों और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सरकार के सामने रखने का सुनहरा अवसर था, लेकिन राव इंद्रजीत सिंह स्वयं कार्यक्रम में नहीं पहुंचे और उनके प्रभाव वाले रेवाड़ी जिले के तीनों भाजपा विधायक—रेवाड़ी से लक्ष्मण यादव, कोसली से अनिल राव व बावल से डॉ. कृष्ण कुमार—भी कार्यक्रम से दूर रहे। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा की गुटबाजी अब खुलकर जनता के सामने आ चुकी है।

यादव ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह का राजनीतिक इतिहास बताता है कि उनकी किसी भी मुख्यमंत्री के साथ लंबे समय तक नहीं बनी। कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल से उनके मतभेद रहे, बाद में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ भी उनके संबंध अच्छे नहीं रहे। भाजपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ भी टकराव की स्थिति बनी रही और अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ भी वही स्थिति दिखाई दे रही है। व्यक्तिगत अहंकार और गुटबाजी का खामियाजा दक्षिण हरियाणा की जनता भुगत रही है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का विषय किसानों से जुड़ा था। यदि क्षेत्र के सांसद, विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता उपस्थित होते तो सिंचाई परियोजनाओं, नहरों के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने, फसलों के उचित दाम, ग्रामीण सड़कों, मंडियों के विकास तथा दक्षिण हरियाणा की अन्य प्रमुख समस्याओं को लेकर सरकार से ठोस घोषणाएं करवाई जा सकती थीं, लेकिन भाजपा की आपसी खींचतान ने किसानों और आम जनता के हितों को पीछे धकेल दिया।

कैप्टन यादव ने कहा कि दक्षिण हरियाणा की जनता ने भाजपा को भरपूर समर्थन दिया। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा को बड़ी जीत दिलाई। जनता को उम्मीद थी कि अब दक्षिण हरियाणा को बड़ी विकास परियोजनाएं मिलेंगी, अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे और क्षेत्र के लिए नई सौगातों की घोषणा होगी। आज भी दक्षिण हरियाणा में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य वर्षों से अधूरे पड़े हैं, जिनका शीघ्र पूरा होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में इन सभी मांगों को मजबूती से उठाया जा सकता था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के कारण क्षेत्र एक बड़े अवसर से वंचित रह गया।

उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि अपने ही क्षेत्र के हितों के लिए सरकार के सामने मजबूती से आवाज़ नहीं उठाएंगे, तो सबसे बड़ा नुकसान दक्षिण हरियाणा की जनता और किसानों का होगा।

कैप्टन ने भाजपा नेतृत्व से मांग की कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम से दूरी बनाने और पार्टी के भीतर खुलकर सामने आई गुटबाजी का संज्ञान लिया जाए। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या व्यक्तिगत नाराज़गी जनता के हितों से बड़ी है। दक्षिण हरियाणा की जनता जानना चाहती है कि क्षेत्र के विकास, अधूरी परियोजनाओं और किसानों के मुद्दों की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।
रेवाड़ी में फिर उठा जिला प्रमुख- कांग्रेस कॉर्डिनेटर का विवाद:बैठक में पार्षद बोले- हमारी प्रतिष्ठा का सवाल; निष्पक्ष जांच के बाद हो कार्रवाई

रेवाड़ी जिला प्रमुख मनोज यादव की एक महिला के साथ पोस्ट का विवाद एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को विवाद के बाद जिला परिषद की पहली बैठक हुई। बैठक में पार्षदों ने कहा कि यह विवाद केवल मनोज यादव का नहीं, बल्कि हम सभी पार्षदों की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। इसे ऐसे ही नहीं छोड़ा जा सकता। आप चेयरमैन बाद में और पहले एक पार्षद हैं। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जिससे इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

जानिए क्या बोले पार्षद

मीटिंग शुरू होते ही एक पार्षद ने प्रस्ताव रखा। जिसमें कहा कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर बहुत कुछ चला। आप हमारे प्रमुख हैं, इससे समाज में हमारी भी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची हैं। लोग हमसे सवाल करते हैं। इसलिए इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन हो। जांच में जो भी दोषी पाए जाए उसके खिलाफ कार्रवाई हो।

इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए दूसरे पार्षद बोले, काम से कोई मना नहीं कर रहा। आज जिला प्रमुख हैं। इसके उपर उंगली उठ रही हैं, मतलब हम सब पर उंगली उठ रही है। जब पार्षद प्रतिनिधि ने बीच में बोलने का प्रयास किया तो पार्षद ने कहा हो भाई आपकी पार्षद उर बैठी सै, ओ भाई तेरा काम कौनी, पार्षद करेंगी। जब व्यक्ति बोलते रहे तो पार्षद ने पूछा आप कौन सौ भाई, कौन सौ हो...। पार्षद बैठें हैं यहां पे। ओ सायना मत बन, बात सुन पहला। एक बै बता दी, बात सुन लै। विवाद बढ़ता देख दूसरे पार्षद शांत करने पहुंचे। फिर आवाज आई, सोशल मीडिया की बात थी, सोशल मीडिया पै खत्म हो गई। कार्रवाई को आगे बढाओ
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रेवाड़ी में फिर उठा जिला प्रमुख- कांग्रेस कॉर्डिनेटर का विवाद:बैठक में पार्षद बोले- हमारी प्रतिष्ठा का सवाल; निष्पक्ष जांच के बाद हो कार्रवाई

रेवाड़ी जिला प्रमुख मनोज यादव की एक महिला के साथ पोस्ट का विवाद एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को विवाद के बाद जिला परिषद की पहली बैठक हुई। बैठक में पार्षदों ने कहा कि यह विवाद केवल मनोज यादव का नहीं, बल्कि हम सभी पार्षदों की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। इसे ऐसे ही नहीं छोड़ा जा सकता। आप चेयरमैन बाद में और पहले एक पार्षद हैं। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जिससे इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

जानिए क्या बोले पार्षद

मीटिंग शुरू होते ही एक पार्षद ने प्रस्ताव रखा। जिसमें कहा कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर बहुत कुछ चला। आप हमारे प्रमुख हैं, इससे समाज में हमारी भी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची हैं। लोग हमसे सवाल करते हैं। इसलिए इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन हो। जांच में जो भी दोषी पाए जाए उसके खिलाफ कार्रवाई हो।

इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए दूसरे पार्षद बोले, काम से कोई मना नहीं कर रहा। आज जिला प्रमुख हैं। इसके उपर उंगली उठ रही हैं, मतलब हम सब पर उंगली उठ रही है। जब पार्षद प्रतिनिधि ने बीच में बोलने का प्रयास किया तो पार्षद ने कहा हो भाई आपकी पार्षद उर बैठी सै, ओ भाई तेरा काम कौनी, पार्षद करेंगी। जब व्यक्ति बोलते रहे तो पार्षद ने पूछा आप कौन सौ भाई, कौन सौ हो...। पार्षद बैठें हैं यहां पे। ओ सायना मत बन, बात सुन पहला। एक बै बता दी, बात सुन लै। विवाद बढ़ता देख दूसरे पार्षद शांत करने पहुंचे। फिर आवाज आई, सोशल मीडिया की बात थी, सोशल मीडिया पै खत्म हो गई। कार्रवाई को आगे बढाओ
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आज से 15 जुलाई तक रोहतक जाएगी मदार-रेवाड़ी स्पेशल ट्रेन:नारनौल व झज्जर के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा और मरीजों को मिलेगा फायदा

दक्षिण हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने मदार-रेवाड़ी-मदार स्पेशल रेलसेवा का 3 जुलाई से 15 जुलाई तक अस्थायी रूप से रोहतक तक विस्तार करने का फैसला किया है। इससे नारनौल, निजामपुर, अटेली, कुंड और रेवाड़ी क्षेत्र के यात्रियों को पहली बार इस अवधि में बिना ट्रेन बदले सीधे रोहतक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09639 मदार-रोहतक स्पेशल प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे मदार से रवाना होगी। यह किशनगढ़, फुलेरा, रींगस, नीमकाथाना, निजामपुर, नारनौल, अटेली और कुंड होते हुए सुबह 10:30 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी।

यहां 20 मिनट के ठहराव के बाद सुबह 10:50 बजे रवाना होकर गोकलगढ़, पाल्हावास, झज्जर और अस्थल बोहर स्टेशनों से गुजरते हुए दोपहर 12:50 बजे रोहतक पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09640 रोहतक-मदार स्पेशल प्रतिदिन दोपहर 1:20 बजे रोहतक से रवाना होगी।

मदार जाएगी

ट्रेन झज्जर, पाल्हावास और गोकलगढ़ के रास्ते दोपहर 3:20 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। यहां 10 मिनट के ठहराव के बाद दोपहर 3:30 बजे रवाना होकर कुंड, अटेली, नारनौल, निजामपुर, डाबला, नीमकाथाना, रींगस, फुलेरा और किशनगढ़ होते हुए रात 10:35 बजे मदार पहुंचेगी।

15 जुलाई तक लागू

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था केवल 3 जुलाई से 15 जुलाई तक लागू रहेगी। इसके बाद 16 जुलाई से 31 जुलाई तक यह ट्रेन पहले की तरह केवल मदार-रेवाड़ी-मदार रूट पर ही संचालित होगी।

झज्जर-रोहतक को भी फायदा

इस अस्थायी विस्तार से रोहतक आने-जाने वाले विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें रेवाड़ी में ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी और समय की भी बचत होगी। साथ ही इन दिनों के दौरान दक्षिण हरियाणा का झज्जर और रोहतक से रेल संपर्क भी पहले की तुलना में बेहतर हो जाएगा।
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आज से 15 जुलाई तक रोहतक जाएगी मदार-रेवाड़ी स्पेशल ट्रेन:नारनौल व झज्जर के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा और मरीजों को मिलेगा फायदा

दक्षिण हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने मदार-रेवाड़ी-मदार स्पेशल रेलसेवा का 3 जुलाई से 15 जुलाई तक अस्थायी रूप से रोहतक तक विस्तार करने का फैसला किया है। इससे नारनौल, निजामपुर, अटेली, कुंड और रेवाड़ी क्षेत्र के यात्रियों को पहली बार इस अवधि में बिना ट्रेन बदले सीधे रोहतक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09639 मदार-रोहतक स्पेशल प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे मदार से रवाना होगी। यह किशनगढ़, फुलेरा, रींगस, नीमकाथाना, निजामपुर, नारनौल, अटेली और कुंड होते हुए सुबह 10:30 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी।

यहां 20 मिनट के ठहराव के बाद सुबह 10:50 बजे रवाना होकर गोकलगढ़, पाल्हावास, झज्जर और अस्थल बोहर स्टेशनों से गुजरते हुए दोपहर 12:50 बजे रोहतक पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09640 रोहतक-मदार स्पेशल प्रतिदिन दोपहर 1:20 बजे रोहतक से रवाना होगी।

मदार जाएगी

ट्रेन झज्जर, पाल्हावास और गोकलगढ़ के रास्ते दोपहर 3:20 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। यहां 10 मिनट के ठहराव के बाद दोपहर 3:30 बजे रवाना होकर कुंड, अटेली, नारनौल, निजामपुर, डाबला, नीमकाथाना, रींगस, फुलेरा और किशनगढ़ होते हुए रात 10:35 बजे मदार पहुंचेगी।

15 जुलाई तक लागू

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था केवल 3 जुलाई से 15 जुलाई तक लागू रहेगी। इसके बाद 16 जुलाई से 31 जुलाई तक यह ट्रेन पहले की तरह केवल मदार-रेवाड़ी-मदार रूट पर ही संचालित होगी।

झज्जर-रोहतक को भी फायदा

इस अस्थायी विस्तार से रोहतक आने-जाने वाले विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें रेवाड़ी में ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी और समय की भी बचत होगी। साथ ही इन दिनों के दौरान दक्षिण हरियाणा का झज्जर और रोहतक से रेल संपर्क भी पहले की तुलना में बेहतर हो जाएगा।
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रेवाड़ी में मानूसन की पहली बारिश में सिस्टम फेल:स्पेशल नोडल अधिकारी लगाए गए थे;सरकुलर रोड पर जमा,
हमे तो खुश होना चाहिए, यहां हमें बिना पैसे खर्च किए स्विमिंग पूल मिल गया,चाहे तो यहां बोटिंग भी कर सकते हैं, अधिकारी हर साल आते हैं और फोटो खींचवाकर चले जाते हैं,कई साल से हम यह देखते आ रहे हैं,विकास तो बस नेताओं और अफसरों का होता है, जमीन पर कुछ भी नहीं होता

रेवाड़ी में मानसून की पहली बारिश ने प्रशासन के पुख्ता जल निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी। जिला उपायुक्त द्वारा सीवरेज और नालों की सफाई के लिए नियुक्त किए गए स्पेशल नोडल अधिकारी की कवायद भी शहर में जलभराव को रोकने में नाकाम रही।

सड़कों से गलियों और बाजारों से  तक जलभराव देखने को मिला। आलम यह है, कि सेक्टर जैसे पॉश इलाके और प्रमुख बाजार भी जलभराव से नहीं बच पाया

शहर के मॉडल टाउन, सेक्टर-3-4, सरकुलर रोड, ब्रॉस मार्केट, मुख्य बाजार, रेलवे रोड, सब्जी मंडी, अनाज मंडी, बावल रोड और बस स्टैंड जैसे सभी स्थानों जलभराव की स्थिति देखने को मिली। ब्रॉस मार्केट में जनभराव से निपटने के लिए टैंकर लगाकर पानी निकलना पड़ा। बृहस्पतिवार को हुए जलभराव ने मानसून की बरसात से पहले ट्रेलर ने ही लोगों को डरा दिया।

हमे तो खुश होना चाहिए, यहां हमें बिना पैसे खर्च किए स्विमिंग पूल मिल गया। चाहे तो यहां बोटिंग भी कर सकते हैं। अधिकारी हर साल आते हैं और फोटो खींचवाकर चले जाते हैं। कई साल से हम यह देखते आ रहे हैं। विकास तो बस नेताओं और अफसरों का होता है। जमीन पर कुछ भी नहीं होता
रेवाड़ी में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन ठप:3 माह से सैलरी नहीं मिलने पर की हड़ताल; अब घरों से नहीं उठेगा कचरा

हरियाणा के रेवाड़ी में बुधवार से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाले कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों को सीएसआई के दफ्तर में खड़ी कर कर्मचारी दफ्तर के पास धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने ठेकेदार पर 3 माह से वेतन नहीं देने के आरोप लगाए। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में घरों से निकलने वाला कूड़ा नहीं उठ पाएगा।

जल्द हड़ताल खत्म नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा सकती है।

हर बार अधिकारी और ठेकेदार आश्वासन देकर काम पर वापस बुला लेते हैं। इस बार हम झूठे आश्वासन पर अपनी हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
"वह परी कहाँ से लाएं जिसे दुल्हन तेरी बनाएं..." —राव इंद्रजीत पर सतीश यादव का सबसे बड़ा सियासी हमला!

"अहंकार छोड़िए... नहीं तो अहीरवाल का विकास रुक जाएगा"

हरियाणा की राजनीति में अब जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है। "खेत बचाओ" कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और रेवाड़ी जिले के तीनों भाजपा विधायकों की गैरहाजिरी को लेकर पूर्व जिला प्रमुख एवं एडवोकेट सतीश यादव ने ऐसा हमला बोला है, जिसने अहीरवाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

सतीश यादव ने फिल्मी अंदाज में तंज कसते हुए कहा—

"वह परी कहाँ से लाएं जिसे दुल्हन तेरी बनाएं... आखिर किसी न किसी के साथ समन्वय बैठाकर चलना ही पड़ेगा। राजनीति अकेले नहीं चलती।"

यहीं नहीं, उन्होंने सीधे-सीधे राव इंद्रजीत सिंह पर अहंकार की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व के साथ तालमेल नहीं होगा तो रेवाड़ी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़ और मेवात के विकास पर भी असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के कृषि मंत्री स्वयं रेवाड़ी आए थे, तब व्यक्तिगत नाराजगी या प्रोटोकॉल को किनारे रखकर मंच पर मौजूद रहना चाहिए था। उनके मुताबिक, ऐसे मौके क्षेत्र के हित में सरकार के सामने मजबूत पैरवी करने के लिए होते हैं, न कि राजनीतिक दूरी दिखाने के लिए।

तीन भाजपा विधायकों की गैरहाजिरी पर भी सतीश यादव ने निशाना साधते हुए कहा—

"विधायकों का क्या है... वे तो आपके कहने पर चलेंगे। आप कहेंगे जाओ तो जाएंगे, नहीं कहेंगे तो नहीं जाएंगे।"

उन्होंने दावा किया कि वर्षों से जारी अहंकार, टकराव और समन्वय की कमी का सबसे बड़ा नुकसान अहीरवाल की जनता उठा रही है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह केवल एक राजनीतिक बयान है या हरियाणा भाजपा के भीतर बदलते समीकरणों का खुला संकेत? क्या राव इंद्रजीत सिंह इन आरोपों का जवाब देंगे, या यह सियासी विवाद और गहराएगा?

(नोट: यह समाचार पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव के सार्वजनिक बयान पर आधारित है। राव इंद्रजीत सिंह या उनके प्रतिनिधियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
दैनिक भास्कर में आज की सुर्खियां
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रेवाड़ी में पैसेंजर ट्रेन से अलग होकर इंजन आगे निकला:पीछे छूट गए डिब्बे; किशनगढ़-बालावास के पास टूटा कपलिंग हुक

रेवाड़ी में मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब श्रीगंगानगर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन का इंजन अचानक डिब्बों से अलग होकर आगे निकल गया। घटना किशनगढ़-बालावास रेलवे स्टेशन के बीच हुई, जहां कपलिंग हुक टूटने से इंजन और डिब्बों का संपर्क टूट गया। कुछ दूरी तक इंजन बिना डिब्बों के चलता रहा, जबकि डिब्बे रेलवे ट्रैक पर रुक गए।

बाद में लोको पायलट को इसका पता चला तो वह इंजन को वापस लेकर आया और डिब्बों को दोबारा जोड़कर ट्रेन को रवाना किया गया। घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

कुछ दूरी आगे जाने के बाद लोको पायलट को इंजन के डिब्बों से अलग होने का अहसास हुआ। इसके बाद वह इंजन को रिवर्स कर वापस डिब्बों के पास लाया। रेलवे कर्मचारियों ने दोबारा कपलिंग जोड़ने के बाद ट्रेन को श्रीगंगानगर के लिए रवाना कर दिया।

रेलवे अधिकारियों ने साधी चुप्पी

घटना के संबंध में स्टेशन मास्टर सतबीर सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं जीआरपी थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि कपलिंग हुक टूटने के कारण इंजन डिब्बों से अलग हो गया था। समय रहते स्थिति का पता चलने पर इंजन वापस लाकर डिब्बों को जोड़ दिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। संयोगवश उस समय ट्रैक पर कोई दूसरी ट्रेन या मालगाड़ी नहीं थी, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
राव बड़े या राणा...
सीएम के कार्यक्रम से राव इंद्रजीत सिंह की दूरी का सबसे बड़ा कारण रहा प्रोटोकॉल की अनदेखी।

इनविटेशन कार्ड में राव इंद्रजीत सिंह से पहले लिखा गया था श्याम सिंह राणा का नाम‌। 

आयोजकों ने संबोधन की सूची में भी नहीं डाला अहीरवाल के कद्दावर नेता का नाम। 

जिस विधायक के बोल हल्के में कार्यक्रम रखा गया इनविटेशन कार्ड में उसका नाम ही नहीं लिखा।
प्रोटोकॉल की अनदेखी को नापते हुए ही राव इंद्रजीत सिंह ने अपने समर्थ को सहित कार्यक्रम से खुद को दूर रखा 
रेवाड़ी। बावल कृषि अनुसंधान केंद्र में मंगलवार को हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कम नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम से केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पूरी को लेकर तरह-तरह के प्रयास लगाए जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में चर्चाओं से लेकर अफवाहों तक का बाजार गर्म है। अफवाह तो अफवाह है लेकिन चर्चाओं में भी दम नजर नहीं आ रहा है। इस राजनीतिक घटनाक्रम की पटकथा इनविटेशन तैयार करने वाले लोगों ने लिखी जिसमें केंद्रीय मंत्री से पहले प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का नाम विशिष्ट अतिथि के रूप में लिखा गया। प्रोटोकॉल के अनुसार केंद्रीय मंत्री का नाम प्रदेश के मंत्री से पहले आना चाहिए था। ठीक इसी तरह बोल के विधायक की भी इनविटेशन कार्ड में पूरी तरह अनदेखी की गई। जिस विधायक का हलका पड़ता है, उसी का नाम निमंत्रण पत्र में कहीं नजर नहीं आया। संबोधन की सूची में भी राव इंद्रजीत सिंह का नाम नहीं डाला गया, जिसकी उन्हें पहले से भनक लग चुकी थी। इससे पूर्व हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की ओर से सोमवार को जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का कोई जिक्र नहीं किया गया था। राव के कार्यक्रम में नहीं आने के प्रमुख कारण यही हैं, अब चाहे कोई कैसे भी प्रयास लगता रहे।
"कांग्रेस कमेटी शहरी जिला सचिव ललित अग्रवाल ने नीम का थाना से कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी से शिष्टाचार भेंट की

"कांग्रेस कमेटी शहरी जिला सचिव ललित अग्रवाल ने राजस्थान के नीम का थाना विधानसभा से विधायक सुरेश मोदी से शिष्टाचार भेंट की। ललित अग्रवाल जिला सचिव ने बताया कि खाटूश्याम जी जाते समय रास्ते में सुरेश मोदी के निवास स्थान पर जाकर उनसे मुलाकात की और कांग्रेस पार्टी के बारे में विस्तार से चर्चा की। कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का और 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने की बात कही। ललित अग्रवाल ने बताया कि विधायक सुरेश मोदी ने राजस्थान विधानसभा में नीम का थाना के रुके हुए विकास कार्यों और क्षेत्र की समस्याओं को उठाते रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में पानी की समस्या के निवारण और यमुना जल समझौते का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया है।

"पार्टी के शहरी जिला सचिव ललित अग्रवाल ने कहा कि सुरेश मोदी जी से उनकी यह पहली मुलाकात हुई है सुरेश मोदी जी बहुत ही सुशील स्वभाव के व्यक्ति है और बहुत ही मधुर वह आए गए हुए इंसान का मान सम्मान करने वाले इंसान है। आपको बता दे कि नीम का थाना से वर्तमान विधायक कांग्रेस के सुरेश मोदी राजस्थान विधानसभा में नीम का थाना को जिला बनाए रखने और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। नीम का थाना को जिला बनाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और विधायक के बीच काफी संघर्ष हुआ था। विधायक सुरेश मोदी ने जिला रद्द किए जाने के विरोध में राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए याचिकाएं दायर की थीं।
हरियाणा सरकार की ओर से मं रेवाड़ी में  खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया,  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह और जिले के तीनों विधायकों की कार्यक्रम से गैरहाजिरी,रेवाड़ी में 5 मंडल अध्यक्ष भी नहीं पहुंचे,राव इंद्रजीत की गैरमाजूदगी एक बार फिर कई सवाल छोड़ गई,तीनों विधायकों के साथ कुछ और बड़े चेहरे भी गायब रहे,BJP सब कुछ ठीक है......?

हरियाणा सरकार की ओर से मंगलवार को रेवाड़ी में हुआ खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। कारण रहा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह और जिले के तीनों विधायकों की कार्यक्रम से गैरहाजिरी।
कार्यक्रम में लगाए गए पोस्टर पर राव इंद्रजीत की मुख्यमंत्री के साथ फोटो भी लगी थी, लेकिन मंच पर उनकी की गैरमाजूदगी एक बार फिर सवाल छोड़ गई। एक खास बात ये भी रही कि कार्यक्रम में पांच मंडल अध्यक्षों ने भी इस कार्यक्रम से दूरी रखी।
इन्होंने भी बनाई कार्यक्रम से दूरी

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम से केंद्रीय राज्यमंत्री और तीनों विधायकों के साथ कुछ और बड़े चेहरे भी गायब रहे। इनमें जिला परिषद चेयरमैन मनोज यादव, रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन विनिता पीपल, धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन अजय जांगड़ा, जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल रायपुर शामिल हैं। भाजपा संगठन से मंडल अध्यक्ष सुभाष यादव, नरेश यादव, बलराज, हनुमान छाबड़ी और रमेश भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे