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Rewari News

@vyasmediagroup
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रेवाड़ी नगर परिषद विवादों से साथ नहीं छूट रहा है
 4.32 करोड़ की सड़क पर बवाल:रात के अंधेरे में निर्माण का ; दुकानदार बोले- सिर्फ खानापूर्ति हो रही,चुनाव से पहले सड़क निर्माण पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव भी सवाल उठा चुके हैं इससे पूर्व ब्रॉस मार्केट की सड़क विवादों में आई थी

रेवाड़ी नगर परिषद विवादों से साथ नहीं छूट रहा है। मई में हुए चुनाव के बाद सत्ता का चेहरा तो बदल गया, कार्यप्रणाली का ढर्रा फिलहाल वहीं दिख रहा है। 4.32 करोड़ की लागत से अग्रसेन चौक से रेलवे चौक तक मुख्य बाजार तक बनी सड़क (सीसी रोड) निर्माण पूरा होने से पहले विवादों में घिर गई है। लेबर रेत पर मेटीरियल डालकर सड़क बनाती दिख रही है।
सड़क निर्माण पर स्थानीय दुकानदारों ने भी सवाल उठाए हैं। चुनाव से पहले सड़क निर्माण पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव भी सवाल उठा चुके हैं। इससे पूर्व ब्रॉस मार्केट की सड़क विवादों में आई थी। जिसके बाद चंडीगढ़ से आई टीम सैंपल लेकर गई, कई माह बीतने के बाद आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो पाई।

ऐसे में सड़क निर्माण को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
रेलवे रोड   कि सड़क निर्माण के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। नीचे लेबल बनाया ना बेस, यूं ही रोड़ी डाल दी। नीचे कूड़ा दबा पड़ा है। रात को तीन बजे कौन दुकानदार आए। मामूली बरसात में पानी भर जाता है। कोई कुछ नहीं, ना साइड सही सही है, ना कुछ और सही है।

उस तरफ ऊंचा कर दिया, इस तरफ नीचा कर दिया। ना इसमें ढाल है और ना कुछ। ऐसे बनाया है, जैसे खानापूर्ति है।
इन पर भी उठे थे सवाल

इससे पहले नगर परिषद द्वारा मानसून से पहले नालों और सीवरेज की सफाई और डोर- टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर देने पर भी सवाल उठे थे। मानसून की बरसात शुरू होने तक 50 फीसदी नालों और सीवरेज की सफाई नहीं हो पाई थी। जिससे मामूली बरसात के बाद पूरे शहर में जलभराव देखने को मिला।

करीब 5 माह से अधिक समय बीतने के बावजूद कूड़ा कलेक्शन अभी तक भी पटरी पर नहीं लौट पाया है।
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30 जून की चर्चित रैली के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का प्रस्तावित बावल दौरा अब सिर्फ एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा। राजनीतिक गलियारों में सवाल गूंज रहा है—क्या यह शक्ति प्रदर्शन है, संगठन को संदेश है या अहीरवाल की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत......?

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Rewari नगर परिषद की ओर से स्ट्रीट लाइटों की देखरेख और मरम्मत पर हर वर्ष 70 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाती ईसके  बाद भी शहर की कई प्रमुख 
 मार्गों पर रात के समय स्ट्रीट लाइट खराब या मरम्मत के अभाव में काम नहीं कर रही है। कई कॉलोनियों और बाजारों में भी यही स्थिति बनी हुई है। इसके चलते रात में अंधेरा रहता है
समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब बरसात के मौसम में सड़कों पर बने गड्ढे पानी से भर जाते हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं देते और आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो जाते हैं
पैदल चलने वाले लोगों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी अंधेरे में आवागमन करने में कठिनाई होती है। कई स्थानों पर बेसहारा पशु भी रात के समय सड़क पर बैठे रहते हैं, जिससे हादसों की आशंका और बढ़ जाती है।
नगर परिषद की ओर से स्ट्रीट लाइटों की देखरेख और मरम्मत पर हर वर्ष 70 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाती है। इसके बाद भी मुख्य मार्गों पर पर्याप्त रोशनी नहीं मिल रही है।
ऐसे में देखरेख पर सवाल खड़े हो गए हैं...?
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रेवाड़ी। जिला नगर योजनाकार की टीम ने शुक्रवार को शहरी क्षेत्र, गांव बालावास और माजरा में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों में हुए निर्माण को ध्वस्त कराया

राजस्व संपदा क्षेत्र में बिना विभागीय अनुमति के तीन एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में सात डीपीसी और सड़क के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। बालावास-माजरा क्षेत्र में दो एकड़ भूमि पर विकसित हो रही एक अन्य अवैध कॉलोनी में सड़क नेटवर्क को जेसीबी की सहायता से हटाया गया।

जिला नगर योजनाकार नरेंद्र नैन ने लोगों से अपील की है कि नियंत्रित एवं शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच डीटीपी कार्यालय से कर लें, ताकि भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
दैनिक भास्कर में आज की सुर्खियां
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5 से 15 (तीज उत्सव अवधि) तक श्री नगरकोट (कांगड़ा) वाली माता मंदिर, गुर्जरवाड़ा, रेवाड़ी में सुहागिन महिलाओं के लिए निःशुल्क मेहंदी सेवा का आयोजन किया जा रहा है।
सात एकड़ में फैले अवैध निर्माण ध्वस्त किए

रेवाड़ी। जिला नगर योजनाकार विभाग ने बुधवार को दो अवैध कॉलोनियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। यह कार्रवाई डवाना और लालपुर गांव में की गई। इसमें करीब सात एकड़ क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों को हटाया गया।
जिला नगर योजनाकार नरेंद्र नैन ने बताया कि डवाना गांव में चार एकड़ क्षेत्र में अवैध कॉलोनी विकसित हो रही थी। इसमें चार डीपीसी, पांच प्रीकास्ट चारदीवारी और कच्चे रोड नेटवर्क को जेसीबी से ध्वस्त किया गया। वहीं, लालपुर गांव में तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी में भी कार्रवाई हुई। यहां तीन डीपीसी और कच्चे रोड नेटवर्क हटाए गए। यह कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई। भारी पुलिस बल की सहायता से इसे शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।

जिला नगर योजनाकार नरेंद्र नैन ने लोगों से अपील की कि नियंत्रित एवं शहरी क्षेत्र में बिना विभागीय अनुमति कोई निर्माण न करें। प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की वैधता जिला नगर योजनाकार कार्यालय से जांच लें। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेचकर लोगों को गुमराह करते हैं। इससे खरीदारों को बाद में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। जिला नगर योजनाकार कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर कॉलोनी की वैधता की जानकारी मिल सकती है।
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रेवाड़ी में फिर बदला मुख्य अतिथि का नाम, राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं

पहले स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को बनाया गया था मुख्य अतिथि, कुछ ही मिनट बाद नई सूची जारी कर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को सौंपी जिम्मेदारी

रेवाड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार 17 जुलाई को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस दौरान वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेशभर में किया जाएगा। रेवाड़ी में इसका आयोजन एचएसवीपी जिमखाना क्लब में होगा, लेकिन कार्यक्रम से पहले ही मुख्य अतिथि के नाम को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

लोक संपर्क विभाग की ओर से पहले जारी की गई सूची में रेवाड़ी के कार्यक्रम के लिए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को मुख्य अतिथि बनाया गया था। इस संबंध में प्रेस नोट भी जारी कर दिया गया। हालांकि कुछ ही मिनट बाद विभाग ने संशोधित सूची जारी कर दी, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री का नाम हटाकर रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को मुख्य अतिथि घोषित कर दिया गया। वहीं आरती सिंह राव को महेंद्रगढ़-नारनौल में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया गया। दिलचस्प बात यह रही कि पहली सूची में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव का नाम तक शामिल नहीं था।

सूची और प्रेस नोट में अचानक किए गए इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि कुछ ही मिनटों में निर्णय बदलना पड़ा।

यह पहला अवसर नहीं है जब रेवाड़ी में किसी सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के नाम में अंतिम समय पर बदलाव किया गया हो। इससे पहले भी स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और अन्य सरकारी आयोजनों में मुख्य अतिथियों के नाम बदलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

हाल ही में जिला ग्रीवेंस कमेटी के अध्यक्ष को लेकर भी ऐसा ही मामला देखने को मिला था। पहले जारी सूची में प्रदेश के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह का नाम अध्यक्ष के रूप में शामिल था, लेकिन बाद में संशोधित आदेश जारी कर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा को ग्रीवेंस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।

बार-बार इस तरह के बदलावों ने प्रशासनिक प्रक्रिया और राजनीतिक समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों की लंबी प्रक्रिया के बाद मुख्य अतिथियों के नाम तय किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद अंतिम समय में बार-बार बदलाव होने से संबंधित नेताओं जिनका नाम बार बार बदला जाता है उनकी तो  असहज स्थिति बनती है। साथ ही विपक्ष को भी सरकार की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाने का मौका मिल जाता है।

अब देखना होगा कि इस बार हुए बदलाव को भाजपा और प्रशासन किस तरह स्पष्ट करते हैं, लेकिन फिलहाल रेवाड़ी में मुख्य अतिथि के नाम बदलने का मुद्दा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
ब्रेकिंग न्यूज::::::

रेवाड़ी के डीटीपी मनदीप सिहाग का तबादला 

रेवाड़ी से सीधे फतेहाबाद किया गया तबादला

बीते कुछ समय से विवादों से घिरे थे डीटीपी मनदीप सिहाग

तोड़फोड़ कार्रवाई को लेकर खड़े हुए थे सवाल

कांग्रेस के साथ ही भाजपा के भी कुछ नेताओं के निशाने पर थे सिहाग

सूत्रों के अनुसार: मुख्यमंत्री तक पहुंची थी शिकायतें

भिवानी के डीटीपी नरेंद्र कुमार होंगे अब रेवाड़ी के डीटीपी
3 महीने तक दिल्ली कैंट पर नहीं रुकेंगी कई ट्रेनें:स्टेशन निर्माण कार्य शुरू,  यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

दिल्ली मंडल के अंतर्गत दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर चल रहे मेजर अपग्रेडेशन कार्य के चलते महेंद्रगढ़ जिले के रेल यात्रियों को आगामी तीन माह तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्लेटफार्म संख्या दो और तीन पर ब्लॉक लिए जाने के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे की कई महत्वपूर्ण रेल सेवाएं दिल्ली कैंट स्टेशन पर अस्थायी रूप से नहीं रुकेंगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि 15 जुलाई से अक्टूबर 2026 तक विभिन्न तिथियों में कई रेलगाड़ियों के दिल्ली कैंट स्टेशन पर ठहराव को निरस्त किया गया है।

दिल्ली जाने वाले लोग होंगे परेशान

इसका असर महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल, अटेली और महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ेगा, क्योंकि जिले के अनेक यात्री दिल्ली कैंट स्टेशन का उपयोग आगे की यात्रा के लिए करते हैं।

नारनौल-महेंद्रगढ़ के ये ट्रेन शामिल

प्रभावित रेल सेवाओं में महेंद्रगढ़ जिले से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इनमें सीकर-दिल्ली सराय रोहिल्ला (14713), उदयपुर सिटी-दिल्ली सराय रोहिल्ला (20474), जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला (22422), लालगढ़-दिल्ली सराय रोहिल्ला (22471) जैसी ट्रेनें शामिल हैं।

इसके अलावा जोधपुर-गोरखपुर स्पेशल (04829) भी निर्धारित अवधि तक दिल्ली कैंट स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। वहीं रेवाड़ी के रास्ते दिल्ली को जाने वाली कई अन्य ट्रेन जो जयपुर से आती हैं, वे भी दिल्ली कैंट स्टेशन पर नहीं रुकेंगी।

अन्य विकल्प अपनाएं

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। जिन यात्रियों का गंतव्य दिल्ली कैंट है, उन्हें नई दिल्ली, दिल्ली सराय रोहिल्ला या अन्य निकटवर्ती स्टेशनों का विकल्प अपनाना पड़ सकता है।

दिल्ली कैंट स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ेगी
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रेवाड़ी जिले के जाड़रा क्षेत्र में हरे पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। वन विभाग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए वन अपराध रिपोर्ट (FOR) दर्ज कर ली है तथा पेड़ों की कटाई में प्रयुक्त बताई गई JCB मशीन को जब्त कर लिया। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत दो व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, जिनमें वर्तमान ब्लॉक समिति अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र खोला का नाम भी शामिल है। मामले की जांच जारी है।

वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 13 जुलाई 2026 को विभाग को सूचना मिली कि रेवाड़ी–महेंद्रगढ़ मार्ग पर जाड़रा क्षेत्र में सड़क किनारे लगे हरे पेड़ों की JCB मशीन की सहायता से कटाई की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण के दौरान कथित रूप से कटाई में प्रयुक्त JCB मशीन (HR-36 AU-4966) को जब्त कर लिया।

वन विभाग द्वारा तैयार की गई वन अपराध रिपोर्ट में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार दो व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप

मामले से संबंधित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सड़क किनारे लगे करीब 34 हरे पेड़ों को JCB मशीन की सहायता से काट दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि मौके पर पहुंचने तक कई पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा चुका था। शिकायत में इसे पर्यावरण संरक्षण संबंधी नियमों के विपरीत बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की है।

जब्त JCB सुपुर्दगी पर छोड़ी गई

वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार कार्रवाई के दौरान जब्त की गई JCB मशीन को बाद में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत संबंधित व्यक्ति को सुपुर्द कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मशीन की सुपुर्दगी का अर्थ यह नहीं है कि मामला समाप्त हो गया है। वन अपराध रिपोर्ट और जांच की प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी तथा अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण पर उठे सवाल

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हरियाणा सरकार मानसून के दौरान बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चला रही है और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऐसे में हरे पेड़ों की कथित कटाई की घटना ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि जांच में बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटाई की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

जांच जारी

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य या अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अंतिम निर्णय जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ही लिया जाएगा।
यात्री कृपया ध्यान दें..
रेवाड़ी रूट पर 14 से 17 अक्टूबर तक कई ट्रेनें रद्द, कई का बदला रूट

रेवाड़ी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मण्डल के कनीना खास-महेन्द्रगढ स्टेशनों के मध्य समपार फाटक संख्या 98 पर आरयूबी निर्माण कार्य हेतु ब्लॉक लिया जा रहा है, जिसके कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार उपरोक्त कार्य के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर संचालित निम्न रेलसेवाएं प्रभावित रहेगी:-

रद्द रेलसेवाएं (प्रारम्भिक स्टेशन से)

1. गाडी संख्या 54789, रेवाडी-बीकानेर एक्सप्रेस दिनांक 14.10.26 से 17.10.26 तक रद्द रहेगी।
2. गाडी संख्या 54790, बीकानेर- रेवाडी एक्सप्रेस दिनांक 14.10.26 से 17.10.26 तक रद्द रहेगी।

आंशिक रद्द रेलसेवाएं (प्रारम्भिक स्टेशन से)

1. गाडी संख्या 54803, सीकर-रेवाडी एक्सप्रेस जो दिनांक 14.10.26 को सीकर से प्रस्थान करेगी वह लोहारू तक संचालित होगी। अर्थात् यह रेलसेवा लोहारू-रेवाडी के मध्य आंषिक रद्द रहेगी।

2. गाडी संख्या 14824, रेवाडी-जोधपुर एक्सप्रेस दिनांक 14.10.26 को रेवाडी के स्थान पर लोहारू से संचालित होगी। अर्थात् यह रेलसेवा रेवाडी-लोहारू के मध्य आंषिक रद्द रहेगी।

मार्ग परिवर्तित रेलसेवाएं

1. गाडी संख्या 14727, श्रीगंगानगर-तिलकब्रिज एक्सप्रेस जो दिनांक 13.10.2026 को श्रीगंगानगर से प्रस्थान करेगी। वह परिवर्तित मार्ग हनुमानगढ-बठिण्डा बाईपास-भिवानी-रेवाडी होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा संगरिया-मंडी डबवाली-सिरसा-हिसार-भिवानी स्टेशनों पर ठहराव करेगी। 

2. गाडी संख्या 54310, हिसार-दिल्ली रेलसेवा जो दिनांक 14.10.2026 को हिसार से प्रस्थान करेगी। वह परिवर्तित मार्ग भिवानी-रेवाडी होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा हांसी-भिवानी-चरखी दादरी-झाडली-कोसली स्टेशनों पर ठहराव करेगी। 

3. गाडी संख्या 54309, दिल्ली-हिसार रेलसेवा जो दिनांक 14.10.2026 को दिल्ली से प्रस्थान करेगी। वह परिवर्तित मार्ग रेवाडी-भिवानी होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा कोसली-झाडली-चरखी दादरी-भिवानी-हांसी स्टेशनों पर ठहराव करेगी। 

4. गाडी संख्या 14717, दिल्ली सराय-सीकर रेलसेवा जो दिनांक 14.10.2026 को दिल्ली सराय से प्रस्थान करेगी। वह परिवर्तित मार्ग रेवाडी-रींगस होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा नारनौल-नीमकाथाना-रींगस स्टेशनों पर ठहराव करेगी। 

5. गाडी संख्या 22421, दिल्ली सराय-जोधपुर रेलसेवा जो दिनांक 14.10.2026 को दिल्ली सराय से प्रस्थान करेगी। वह परिवर्तित मार्ग रेवाडी-रींगस-फुलेरा-डेगाना होकर संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह रेलसेवा नारनौल-नीमकाथाना-रींगस-फुलेरा-कुचामन सिटी-मकराना स्टेशनों पर ठहराव करेगी। 

रीशड्यूल रेलसेवाएं

1. गाडी संख्या 22472, दिल्ली सराय-बीकानेर रेलसेवा दिनांक 14.10.2026 को दिल्ली सराय से अपने निर्धारित समय से 01 घंटे की देरी से प्रस्थान करेगी।
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मोहल्ला गुर्जरवाड़ा स्थित प्राचीन सिद्ध श्री नगरकोट कांगड़ा वाली माता मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना

"रेवाड़ी के मोहल्ला गुर्जरवाड़ा में स्थित प्राचीन सिद्ध श्री नगरकोट कांगड़ा वाली माता मंदिर भक्तों की आस्था, श्रद्धा और विश्वास का एक अद्भुत केंद्र है। मोहल्ले के बुजुर्गों के अनुसार यह पावन मंदिर लगभग 100 से 150 वर्ष पुराना है और इसकी महिमा दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।"
 

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"मंदिर के इतिहास के बारे में बताया जाता है कि इस पावन धाम की स्थापना का श्रेय स्वर्गीय श्री मनोहर लाल अग्रवाल जी को जाता है। उस समय उनके जीवन में एक बड़ी कमी थी, उन्हें संतान सुख की प्राप्ति नहीं हुई थी। अपनी मनोकामना को लेकर वे हिमाचल प्रदेश स्थित मां नगरकोट कांगड़ा देवी के दरबार में पहुंचे और सच्चे मन से माता रानी से पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा।"
 

"मां भगवती की असीम कृपा से कुछ समय बाद उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। माता की इस अनंत कृपा से भाव-विभोर होकर श्री मनोहर लाल अग्रवाल जी ने अपने हिस्से की भूमि में से एक पवित्र स्थान माता रानी के मंदिर निर्माण हेतु दान कर दिया और विधि-विधान के साथ माता की प्राण प्रतिष्ठा करवाई।"
 
"तभी से लेकर आज तक इस मंदिर में नियमित रूप से पूजा-पाठ, आरती, भजन-कीर्तन, जागरण और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता आ रहा है। इस पवित्र परंपरा को अग्रवाल परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी श्रद्धा और समर्पण के साथ निभाता चला आ रहा है। मोहल्ला गुर्जरवाड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों में माता रानी की अपार महिमा मानी जाती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि जो भी भक्त सच्चे मन से माता के चरणों में अपनी अरदास लेकर आता है, माता उसकी झोली खुशियों से भर देती हैं और उसकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।"
रेवाड़ी में IGL कंपनी के कर्मचारियों पर केस:ब्लास्ट केस, दिल्ली के अस्पताल में युवती की मौत; घर बना था आग का गोला

रेवाड़ी के हंस नगर में धमाके के मामले में मॉडल टाउन थाना पुलिस ने IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। धमाके में झुलसी तन्नु की 9 जुलाई की शाम दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। तन्नु की मां मधु ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह रसोई में बर्तन रखने गई थी। धमाके की आवाज सुनकर वापस लौटी, तो पूरा घर आग का गोला बन चुका था।

आईजीएल की टेस्टिंग के दौरान पाइप लाइन खुली रखने से जमा हुई गैस के कारण हुआ है। इससे पहले पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण गैस रिसाव को माना था। जिस पर आईजीएल के अधिकारी चुप्पी साधे हुए थे। अब आईजीएल कर्मचारियों पर केस दर्ज होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।
रेवाड़ी के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार निलंबित, हरियाणा सरकार ने जारी किए आदेश

हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने रेवाड़ी के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 3 जुलाई 2026 को आदेश जारी किए गए हैं, जबकि 8 जुलाई 2026 को महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा, हरियाणा द्वारा संबंधित अधिकारियों को इसकी प्रति भेजी गई।

आदेश के अनुसार, प्रदीप कुमार को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-5 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।

सरकार ने निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय डाइट (DIET) हुसैनपुर, रेवाड़ी निर्धारित किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

निलंबन आदेश की प्रतियां उपायुक्त रेवाड़ी, जिला शिक्षा अधिकारी, कोषाधिकारी, डाइट हुसैनपुर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।

फिलहाल जारी आदेश में निलंबन के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
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रेवाड़ी में 28 लाख का फ्लेक्स बोर्ड घोटाला: छह डॉक्टर चार्जशीट, फर्म होगी ब्लैकलिस्ट

प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के संज्ञान में आने के बाद मामले में त्वरित हुई कार्रवाई

रेवाड़ी। जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2022-23 की हेल्थ एंड वेलनेस स्कीम के तहत सामने आए करीब 28 लाख रुपये के फ्लेक्स बोर्ड घोटाले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। लंबी जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने छह चिकित्सकों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत चार्जशीट जारी करने का फैसला लिया है। वहीं, फर्जी बिलों से जुड़ी यादव प्रिंट आर्ट फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त करने के आदेश भी दिए गए हैं। यह सीधा असर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की सख्ती का है। 

सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में एनएचएम के तहत जिले के पीएचसी और सीएचसी केंद्रों पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाने थे। आरोप है कि बोर्ड लगाए बिना ही करीब 28 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। बाद में जांच में पूरा मामला उजागर हुआ।

इन चिकित्सकों पर होगी विभागीय कार्रवाई

सरकार ने जिन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया है, उनमें शामिल हैं—

डॉ. राजवीर सिंह (तत्कालीन उप सिविल सर्जन)

डॉ. अशोक कुमार (उप सिविल सर्जन)

डॉ. जोगिंदर तंवर (उप सिविल सर्जन)

डॉ. दीपक वर्मा (चिकित्सा अधिकारी)

डॉ. रजनीश (चिकित्सा अधिकारी)

डॉ. अभिषेक राव (चिकित्सा अधिकारी)

ये सभी उस समय परचेज कमेटी के सदस्य थे।

पहले ही निलंबित हैं डॉ. राजवीर सिंह

इस मामले में मुख्य आरोपी माने जा रहे तत्कालीन उप सिविल सर्जन डॉ. राजवीर सिंह को जांच के दौरान पहले ही निलंबित किया जा चुका था और वह वर्तमान में भी निलंबित हैं। अब बाकी अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

फर्म होगी ब्लैकलिस्ट, सिक्योरिटी राशि जब्त

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यादव प्रिंट आर्ट फर्म ने समय पर फ्लेक्स बोर्ड नहीं लगाए, लेकिन भुगतान प्राप्त कर लिया। इसे टेंडर की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए फर्म को ब्लैकलिस्ट करने तथा कार्यालय में जमा सिक्योरिटी राशि जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

15 दिन में भेजनी होगी चार्जशीट

स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र का प्रारूप तैयार कर 15 दिनों के भीतर सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके।

करीब 28 लाख रुपये के इस कथित घोटाले में अब स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है और आने वाले दिनों में मामले में और बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल में तेज हुई कार्रवाई
रेवाड़ी के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2022-23 के करीब 28 लाख रुपये के फ्लेक्स बोर्ड घोटाले में लंबे समय से कार्रवाई लंबित थी। अब स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कार्यकाल में इस मामले में विभागीय कार्रवाई तेज हो गई है। सरकार ने छह चिकित्सकों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि फर्जी बिलों से जुड़ी यादव प्रिंट आर्ट फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त करने के आदेश दिए गए हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों पर बढ़ती सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।