
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नदियों के अधिक जल-स्तर को देखते हुए जितिया पर्व पर विशेष सतर्कता बरतने का दिया निर्देश
श्रद्धालुओं सहित सभी लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता; प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश
क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) क्रियाशील रखें: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने की लोगों से अपील: प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा-निर्देशों का पालन करें, वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए अपने-अपने घरों/ सुरक्षित क्षेत्रों में ही पूजा-अर्चना करें, किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क स्थापित करें
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जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने नदियों में अत्यधिक जलस्तर को देखते हुए जितिया पर्व (2 से 4 अक्टूबर) के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, थानाध्यक्षों एवं अन्य अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आज जिउतिया का नहाय-खाय है। यद्यपि यह घर में ही किये जाने वाला पर्व है, तथापि कहीं-कहीं महिलाएँ नदी तट पर भी जाती हैं। वर्तमान में नदियों का जल-स्तर काफ़ी बढ़ा हुआ है।अतः इस मामले में भी एहतियात बरतने की ज़रूरत है। उन्होंने निदेश दिया कि एनडीआरएफ /एसडीआरएफ एवं अंचल/थानों को अलर्ट पर रखा जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि जितिया पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों के नदी घाटों पर स्नान एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुँचने की संभावना रहती है। वर्तमान परिस्थितियों में नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए श्रद्धालुओं सहित सभी लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, थानाध्यक्षों एवं अन्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का लगातार अनुश्रवण करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) तैनात रखें। सुरक्षा के दृष्टिकोण से आपदा की आकस्मिकता से निपटने हेतु एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीम एवं प्रशिक्षित गोताख़ोरों की प्रतिनियुक्ति करें। आवश्यकता के अनुसार नदी तटों पर मजबूत बैरिकेडिंग कराते हुए बैरिकेडिंग पर स्पष्ट रूप से लाल कपड़े लगाए जाएँ एवं लोगों को असुरक्षित क्षेत्रों की ओर जाने से रोकें। श्रद्धालुओं को अपने घरों में ही/ सुरक्षित क्षेत्रों में ही स्नान एवं पूजा-अर्चना करने के लिए जागरूक करने तथा गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए विभिन्न माध्यमों से लगातार सुरक्षा संबंधी निर्देश एवं आवश्यक सावधानियों का प्रसारण कराने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
सभी अंचल एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सतर्कता बरतने का निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के नदी तटों एवं संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी विलंब के प्राथमिकता के आधार पर बैरिकेडिंग कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोका जा सके तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर आम लोगों के बीच सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही, जितिया पर्व के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में सभी माध्यमों से जन-जागरूकता संदेश आम लोगों तक पहुँचाने का निर्देश दिया गया है।
अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था), अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी एवं पश्चिमी तथा प्रखंडों के नोडल पदाधिकारियों को संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर को सुरक्षा एवं एहतियाती उपायों की निगरानी करने तथा शहरी क्षेत्रों के सभी कार्यपालक पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदी किनारे एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ की स्थिति का लगातार आकलन करते हुए उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा सुगम यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, प्रशिक्षित गोताखोर एवं चिकित्सा दल रहेंगे अलर्ट मोड पर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नदी तटों एवं घाटों पर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीम एवं प्रशिक्षित गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा संसाधनों के साथ चिकित्सा दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को पर्व के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से की सावधानी बरतने की अपील
जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए अपने-अपने घरों/ सुरक्षित क्षेत्रों में ही स्नान एवं पूजा-अर्चना करें तथा बच्चों को नदी के पानी में जाने से रोकें। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने, किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क स्थापित करने तथा जितिया पर्व को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर लोगों द्वारा जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (0621-2212007; +91 85440 10249), राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार, पटना के हेल्पलाइन नंबर (0612-2294204/205) या आपातकालीन सहायता नंबर 1070 पर सूचना दी जा सकती है।
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