
इलाज के लिए निजी अस्पताल जाने की मजबूरी घटा रहा सदर अस्पताल, लगातार बढ़ रहीं स्वास्थ्य सुविधाएं
महिलाओं की चिकित्सा सेवा में एक और विस्तार,
पहली बार हुई डीएनसी-बायोप्सी एक दिन में 23 महिलाओं को मिली जांच से लेकर शल्य चिकित्सा तक की सुविधा
किशनगंज, 5 अक्टूबर।
किसी परिवार के लिए बीमारी जितनी चिंता की बात होती है, उतनी ही चिंता उसके इलाज पर होने वाले खर्च की भी होती है। खासकर तब, जब आवश्यक जांच या उपचार के लिए निजी अस्पताल जाना पड़े। ऐसे में यदि वही सुविधा सरकारी अस्पताल में उपलब्ध हो जाए तो मरीज को न केवल अपने जिले में उपचार मिलता है, बल्कि परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होता है। किशनगंज सदर अस्पताल में लगातार जुड़ती नई चिकित्सा सुविधाएं इसी बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
इसी क्रम में सदर अस्पताल में पहली बार डीएनसी-बायोप्सी की प्रक्रिया की गई। डीएनसी-बायोप्सी स्त्री रोग से संबंधित एक महत्वपूर्ण जांच प्रक्रिया है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत से ऊतक का नमूना लेकर उसकी जांच की जाती है। इससे असामान्य रक्तस्राव सहित कुछ स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के कारणों की पहचान में चिकित्सकों को सहायता मिलती है। इस सुविधा की शुरुआत के बाद महिलाओं को ऐसी प्रक्रिया के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शबनम यास्मीन ने बताया कि सदर अस्पताल में डीएनसी-बायोप्सी की सुविधा शुरू होना महिलाओं के लिए उपयोगी कदम है। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सकीय क्षमता का उपयोग करते हुए महिलाओं को आवश्यक जांच एवं उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे मरीजों को बाहर जाने की परेशानी और अतिरिक्त खर्च से राहत मिल सकती है।
एक दिन में 23 महिलाओं को मिली चिकित्सा सुविधा
5 अक्टूबर को सदर अस्पताल में महिलाओं से संबंधित विभिन्न सेवाओं का संचालन किया गया। इस दौरान 17 अल्ट्रासाउंड जांच, 3 एलएससीएस, 2 पीपीबीएलटी तथा 1 डीएनसी-बायोप्सी की गई। इन सभी चिकित्सा प्रक्रियाओं को महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शबनम यास्मीन द्वारा किया गया।यह केवल एक दिन की चिकित्सा गतिविधि नहीं, बल्कि सदर अस्पताल में लगातार बढ़ती जांच, प्रसव और शल्य चिकित्सा क्षमता का उदाहरण है। नई सुविधाओं के जुड़ने से मरीजों के लिए उपचार के विकल्प बढ़ रहे हैं और सरकारी अस्पताल में ही अधिक से अधिक आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है।
जिले में ही मिले बेहतर स्वास्थ्य सेवा
जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए आवश्यक जांच और उपचार की सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उनका जोर इस बात पर है कि मरीजों को छोटी-बड़ी चिकित्सा जरूरतों के लिए अनावश्यक रूप से जिले से बाहर न जाना पड़े और उन्हें अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।
नई सुविधाओं का लाभ सीधे मरीजों तक पहुंचे
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि सदर अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार निरंतर किया जा रहा है। अस्पताल में नई प्रक्रियाओं और उपचार सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर अधिक सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उपचार की क्षमता लगातार मजबूत हो रही
डीएस डॉ. अनवर हुसैन ने कहा कि सदर अस्पताल में मरीजों की जरूरत के अनुरूप सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। जांच और शल्य चिकित्सा से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार का उद्देश्य मरीजों को अधिक से अधिक उपचार सुविधाएं अस्पताल में ही उपलब्ध कराना है। डीएनसी-बायोप्सी जैसी प्रक्रिया का शुरू होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निजी खर्च से राहत, सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क सुविधा
निजी अस्पतालों में डीएनसी-बायोप्सी जैसी प्रक्रियाओं के लिए चिकित्सकीय परामर्श, जांच, प्रक्रिया और अन्य सेवाओं पर अलग-अलग खर्च हो सकता है। इसके अलावा मरीज और परिजनों को आने-जाने तथा अन्य खर्च भी वहन करना पड़ता है। वहीं सरकारी व्यवस्था में उपलब्ध सेवाओं के तहत पात्र मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।यही कारण है कि सदर अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार केवल अस्पताल की क्षमता बढ़ने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध उस परिवार से है, जिसे अब आवश्यक उपचार के लिए निजी अस्पताल में बड़ी राशि खर्च करने की मजबूरी से राहत मिल सकती है । सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य भी यही है कि सरकारी अस्पताल में सुविधा बढ़े, मरीजों का भरोसा मजबूत हो और जिले के लोगों को अधिक से अधिक उपचार अपने ही जिले में उपलब्ध हो। सदर अस्पताल में पहली बार हुई डीएनसी-बायोप्सी इसी लगातार आगे बढ़ती स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की एक नई कड़ी है।
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