
महानवा माई स्थान में हवन-यज्ञ से गूंजा भक्तिमय वातावरण, आचार्य आशीष मिश्रा ने बताया हवन का धार्मिक महत्व!
महानवमी पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दी गईं आहुतियां, कन्या पूजन के बाद बच्चियों को कराया गया महाप्रसाद ग्रहण; अध्यक्ष जुलुम सहनी के नेतृत्व में 46 वर्षों से निभाई जा रही दुर्गा पूजा की परंपरा।
बेतिया/मझौलिया। पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड अंतर्गत महानवा स्थित करीब 200 वर्ष पुराने पावन माई स्थान पर महानवमी के अवसर पर भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित भव्य हवन-यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर परिवार, समाज और क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। हवन की सुगंध और मंत्रों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।महानवमी के पावन अवसर पर आयोजित हवन-यज्ञ में आचार्य पंडित आशीष मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विधि- विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया और श्रद्धालुओं को हवन के आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व से अवगत कराया। आचार्य आशीष मिश्रा ने बताया कि सनातन धर्म में हवन-यज्ञ को विशेष स्थान प्राप्त है। यह देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने का माध्यम है। हवन के दौरान मंत्रोच्चार और आहुतियों के माध्यम से भक्त ईश्वर से सुख-समृद्धि और लोककल्याण की प्रार्थना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हवन मन में सकारात्मक भाव जगाने, एकाग्रता बढ़ाने और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराने में सहायक होता है। यह भारतीय सनातन परंपरा और धार्मिक संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है। हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विधि-विधान से कन्या पूजन किया गया। बच्चियों के चरण पूजन के उपरांत उन्हें श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति के अध्यक्ष जुलुम सहनी ने बताया कि महानवा माई स्थान पर करीब 46 वर्षों से दुर्गा पूजा की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। पूजा को सफल बनाने में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज में एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम हैं। महानवा माई स्थान पर सुबह और शाम आयोजित धार्मिक प्रवचन श्रद्धालुओं को धर्म और आध्यात्मिकता का संदेश दे रहे हैं, जबकि रात्रि में आयोजित रासलीला लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। करीब दो शताब्दी पुराने इस पावन स्थल की धार्मिक महत्ता और दशकों से चली आ रही पूजा परंपरा ने महानवा को आस्था का प्रमुख केंद्र बना दिया है। आचार्य पंडित आशीष मिश्रा के मार्गदर्शन और अध्यक्ष जुलुम सहनी के नेतृत्व में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मनोज कुमार राय ,रामबचन ठाकुर, हरिओम सोनी ,अमन पांडे ,राजन कुमार, हेमंत शर्मा ,अभय लाल ,राधेश्याम प्रसाद, नवल किशोर पंडित ,बबन पटेल, दुर्गा पंडित ,रॉबिन साह आदि शामिल थे ।