
गंडक तट पर रातभर गूंजे शिवभजन, भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु
नेपाल के परसा जिले के जकतिया व धूमवाटांड़ क्षेत्र से पहुंचे करीब सौ शिवभक्तों ने किया रतजगा
सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुनाई गई शिव-पार्वती विवाह की कथा
बगहा/वाल्मीकिनगर। सावन महीने के अंतिम चरण में वाल्मीकिनगर में शिवभक्तों की आस्था चरम पर पहुंच गई है। बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और नारायणी नदी से जल भरने के लिए वाल्मीकिनगर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु यहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अपनी यात्रा को यादगार बना रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार की रात नेपाल के परसा जिले के जकतिया और धूमवाटांड़ थाना क्षेत्र के करीब सौ शिवभक्तों ने वाल्मीकिनगर के ऊपरी शिविर स्थित तीन नंबर पहाड़ पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में देर रात तक शिवभजनों की गूंज सुनाई देती रही। वाद्य यंत्रों की मनमोहक धुन पर कलाकारों ने भगवान शिव की वेशभूषा में भक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नेपाल के प्रसिद्ध नेपाली गायक निरहू ने अपनी मधुर आवाज से श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा। भजनों पर श्रद्धालु झूमते और जयकारे लगाते नजर आए।
शिव-पार्वती विवाह की कथा ने बांधा समां
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शिव-पार्वती विवाह की कथा का भी आयोजन हुआ। नेपाल और शेरवा दोन क्षेत्र से पहुंचे कांवरियों तथा स्थानीय श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया। माता पार्वती के बिना बुलाए मायके जाने और भगवान शिव से जुड़े प्रसंगों का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सुबह संगम तट पर उमड़ी भीड़
शुक्रवार की सुबह गंगा स्नान और जल भरने के लिए नेपाल, बिहार व उत्तर प्रदेश से आए शिवभक्त नारायणी-गंडक संगम तट की ओर बढ़ने लगे। नदी किनारे बने पाथवे पर कांवरियों की कतार देखकर ऐसा लग रहा था मानो हर श्रद्धालु सबसे पहले स्नान कर जल उठाने को आतुर हो। सुबह आठ बजे तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रशासन की निगरानी में स्नान किया और जटाशंकर तथा कालेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर अपने-अपने शिवालयों के लिए रवाना हुए।
अंतिम सोमवारी को लेकर बढ़ी चहल-पहल
सावन की अंतिम सोमवारी पर जलाभिषेक की तैयारी को लेकर वाल्मीकिनगर में शिवभक्तों का पहुंचना लगातार जारी है। श्रद्धालु नदी घाटी योजना हाईस्कूल मैदान समेत नारायणी तट के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर ठहरे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ 24 घंटे गश्त की व्यवस्था की गई है।