
बेगूं में अवैध खनन का खेल जारी, प्रशासन मौन,
आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहे मिट्टी माफिया।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।श्री दिव्या साहू
बेगूं। बेगूं नगर के आसपास अवैध खनन का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। नगरवासियों का आरोप है कि तहसील मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर, उप जिला अस्पताल के निकट स्थित गंगापुर तालाब की चारागाह भूमि से प्रतिदिन हजारों टन मिट्टी का अवैध खनन कर बाजार में बेचा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रहे इस खेल के बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगापुर तालाब ही नहीं, बल्कि राजगढ़ तालाब और काटूंडा तालाब क्षेत्र से भी लगातार मिट्टी और जिकरा का अवैध खनन व परिवहन जारी है। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, वहीं सरकारी भूमि भी तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है।
आखिर इन खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? क्या इन्हें किसी राजनीतिक संरक्षण का लाभ मिल रहा है, या फिर संबंधित विभागों की मिलीभगत से यह कारोबार बेखौफ संचालित हो रहा है? लोगों का आरोप है कि पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं।जिला मुख्यालय की ओर से अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बेगूं क्षेत्र की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती है। अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं, जबकि मिट्टी माफिया खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे? क्या अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई होगी या फिर पर्यावरण और सरकारी भूमि का दोहन इसी तरह जारी रहेगा?
ग्रामीणों ने राजस्व विभाग, पुलिस, खनिज विभाग से तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।