॥ गौरव का क्षण ॥.
विकास सिसोदिया
आदर्श के स्थापना काल से आदर्श से जुडा सिसोदिया परिवार किसी परिचय का मोहताज नहीं है, आज से लगभग 25 वर्ष पूर्व आदरणीय भंवरलाल जी सिसोदिया यहाँ C I के पद पर कार्यरत थे, पुलिस विभाग में एक स्वच्छ छवि के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में उनकी पुरे जिले में धाक थी, वे अपने कर्तव्य के प्रति जितने सजग थे उतने ही शिक्षा के बारे में जागरूक थे, यही कारण है कि एक अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने झोंपड़ी में संचालित आदर्श को अपने बच्चों के अध्ययन के लिए चुना। उनके दो पुत्र विकास व नवीन व बिटिया ज्योति, तीनो ही कुशाग्र बुद्धि के तथा बेहद संस्कारवान थे। मुझे अनेक बार आदरणीय सिसोदिया जी से बच्चों कि पढ़ाई कि जानकारी व चर्चा के लिए मिलने का अवसर मिला, उनकी शिक्षा के बारे में पकड़ बेमिसाल थी, उनके सुझाव प्रायोगिक होते थे, हमेशा मुझे छोटे भाई जैसा स्नेह देने वाले सिसोदिया जी के बच्चे भी मेरा बेहद संम्मान करते थे, यही कारण है कि उनसे एक पारिवारिक सा रिश्ता बन गया। सिसोदिया जी के पदोन्नती के बाद एडिशनल स्पेशल पद से सेवानिवृत हुए लेकिन उनसे जुड़ाव बना रहा, बच्चे बड़े हो गए लेकिन फोन पर सम्पर्क बना रहा। तीनो बच्चे बहुत अच्छी तरह से सैटल हो गए नवीन आकाशवाणी, सूरतगढ़ में प्रोग्रामर, बेटी ज्योति बी आर अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय, श्री गंगानगर में इंग्लिश में कॉलेज लेक्चरर व विकास SBI में बैंक प्रबंधक। कल का दिन मेरे लिए बेहद उल्लास वाला रहा क्योंकि आदर्श गौरव विकास कि पदोन्नती SBI में AGM पर हो गई, 40 वर्ष की कम आयु में AGM पद पर पहुंचना बेहद अनूठी उपलब्धि है। विकास की इस शानदार उपलब्धि पर मैं उनके प्रेरणास्त्रोत माताश्री व पिताश्री को कोटि कोटि वंदन करता हूं तथा अपने तीनो शिष्यों विकास, नवीन व ज्योति को इस अद्भुत उपलब्धि के लिए सेल्यूट करता हूँ, आप इसी प्रकार से सफलता के कीर्तिमान स्थापित कर हम सभी को गौरवान्वित करो यही श्याम प्रभु से प्रार्थना है.....आपकी सदैव जय हो.....