
मोहम्मदी के रामलीला मेले में झूले बंद,दुकानदारों की रोजी-रोटी पर असर!
भगवान श्रीराम की आस्था से जुड़ा मेला, आखिर रौनक पर रोक क्यों?
मोहम्मदी के ऐतिहासिक रामलीला मेले में भीड़भाड़ कम होने से दुकानदारों की दुकानदारी पहले ही प्रभावित हो रही है। वहीं, आज प्रशासन द्वारा झूले बंद कराए जाने से मेले की रौनक और व्यापार पर और असर पड़ा है।
रामलीला मेला हिंदू समाज की आस्था, भगवान श्रीराम के आदर्शों और हमारी सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा है। ऐसे मेले में झूले बंद होने से बच्चों और परिवारों के मनोरंजन पर असर पड़ने के साथ-साथ छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है।
सवाल यह है कि भगवान श्रीराम के नाम पर लगने वाले मेले में आखिर झूले क्यों बंद किए गए? यदि सुरक्षा संबंधी कोई कारण है, तो प्रशासन को उसका स्पष्ट जवाब देते हुए ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे सुरक्षा भी बनी रहे और मेले की रौनक भी कायम रहे।
राम की आस्था से जुड़ा मेला केवल नाम का मेला बनकर न रह जाए! प्रशासन को हिंदू समाज की भावनाओं और दुकानदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने चाहिए।
आस्था का सम्मान हो, व्यापार सुरक्षित रहे और रामलीला मेले की रौनक बनी रहे।