संविदा पर भर्ती होगी अब से ठेका पद्धति बंद पूरी जानकारी कल मिलेगी और वीडियो भी बनेगा
आउटसोर्स प्रथा का अंत आउटसोर्स परिचालकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है।
अनावश्यक कोई संगठन श्रेय ना ले ,जब आउटसोर्स मुख्यालय और परिवहन मंत्री और विधानसभा के समक्ष पहुंचे तब कोई संगठन समर्थन में नहीं उतरा आज जब संघर्ष परिणाम में बदला तो लिखा पढ़ी दिखा रहे हैं।
*सभी संगठनों ने लिखकर दिया परन्तु संघर्ष के लिए मैदान में कोई नहीं आया है यह सत्य है।*
कोई संगठन बेवकूफ ना बनायें आप सभी वर्षों से संगठन में है जो हो जाता है हमने करवाया, जबकि आप सभी सिर्फ अपने पदों का सुख भोग रहे हैं। अपने बच्चों को पदों पर आसीन कर रहे हैं।
सेवानिवृत्त होकर अल्प वेतन भोगियों के पैसे का उपभोग कर रहे हैं उनके चंदे से कार से गुम रहे हैं।
यदि कोई संगठन संविदा या अल्प वेतन भोगी हितैषी है तो अपने संगठन में मांग रख दें कि संविदा आउटसोर्स संगठनों को मान्यता देदे।
साफ लिखकर देदे तब हम जाने हितैषी है।
सिर्फ बेवकूफ बनाकर चंदा धंधा की राजनीति चलती है समस्त संगठनों का यहि है।
Koil, Aligarh | Aug 22, 2026