
रेवाड़ी में फिर बदला मुख्य अतिथि का नाम, राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं
पहले स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को बनाया गया था मुख्य अतिथि, कुछ ही मिनट बाद नई सूची जारी कर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को सौंपी जिम्मेदारी
रेवाड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार 17 जुलाई को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस दौरान वे विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेशभर में किया जाएगा। रेवाड़ी में इसका आयोजन एचएसवीपी जिमखाना क्लब में होगा, लेकिन कार्यक्रम से पहले ही मुख्य अतिथि के नाम को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
लोक संपर्क विभाग की ओर से पहले जारी की गई सूची में रेवाड़ी के कार्यक्रम के लिए प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को मुख्य अतिथि बनाया गया था। इस संबंध में प्रेस नोट भी जारी कर दिया गया। हालांकि कुछ ही मिनट बाद विभाग ने संशोधित सूची जारी कर दी, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री का नाम हटाकर रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को मुख्य अतिथि घोषित कर दिया गया। वहीं आरती सिंह राव को महेंद्रगढ़-नारनौल में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया गया। दिलचस्प बात यह रही कि पहली सूची में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव का नाम तक शामिल नहीं था।
सूची और प्रेस नोट में अचानक किए गए इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि कुछ ही मिनटों में निर्णय बदलना पड़ा।
यह पहला अवसर नहीं है जब रेवाड़ी में किसी सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के नाम में अंतिम समय पर बदलाव किया गया हो। इससे पहले भी स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और अन्य सरकारी आयोजनों में मुख्य अतिथियों के नाम बदलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
हाल ही में जिला ग्रीवेंस कमेटी के अध्यक्ष को लेकर भी ऐसा ही मामला देखने को मिला था। पहले जारी सूची में प्रदेश के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह का नाम अध्यक्ष के रूप में शामिल था, लेकिन बाद में संशोधित आदेश जारी कर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा को ग्रीवेंस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।
बार-बार इस तरह के बदलावों ने प्रशासनिक प्रक्रिया और राजनीतिक समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों की लंबी प्रक्रिया के बाद मुख्य अतिथियों के नाम तय किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद अंतिम समय में बार-बार बदलाव होने से संबंधित नेताओं जिनका नाम बार बार बदला जाता है उनकी तो असहज स्थिति बनती है। साथ ही विपक्ष को भी सरकार की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाने का मौका मिल जाता है।
अब देखना होगा कि इस बार हुए बदलाव को भाजपा और प्रशासन किस तरह स्पष्ट करते हैं, लेकिन फिलहाल रेवाड़ी में मुख्य अतिथि के नाम बदलने का मुद्दा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
Rewari, Rewari | Jul 16, 2026