
रांची में बोरिंग कराने से पहले लें अनुमति, नहीं तो लगेगा 1 लाख तक जुर्माना
रांची राजधानी रांची में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए नगर निगम ने बोरिंग को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब घर या व्यावसायिक परिसर में ट्यूबवेल अथवा बोरवेल कराने से पहले नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। घरेलू उपयोग के लिए अधिकतम 4 इंच व्यास की बोरिंग की ही अनुमति दी जाएगी।
बिना अनुमति बोरिंग कराने पर आवासीय भवन मालिक पर 25 हजार रुपये तक और व्यावसायिक बोरिंग के मामले में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा नगर निगम बोरिंग को सील भी कर सकता है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी
नगर निगम ने बोरिंग की अनुमति को वर्षाजल संचयन से भी जोड़ दिया है। जिन भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं है, वहां पहले इसकी व्यवस्था करनी होगी। इसके बाद ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।
गहराई भी होगी निर्धारित
घरेलू बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूजल स्तर के आधार पर तय की जाएगी। बोरिंग के बाद उसकी गहराई और उस समय के जलस्तर की जानकारी नगर निगम को देना होगा।
अनुमति के लिए पहचान पत्र, होल्डिंग रसीद, जीपीएस फोटो समेत आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। बोरिंग केवल निजी जमीन पर ही कराई जा सकेगी। सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग की अनुमति नहीं होगी।
15 दिनों के भीतर करानी होगी बोरिंग
नगर निगम से अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में काम शुरू नहीं होने पर अनुमति स्वत: रद्द मानी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में अवधि के बाद अनुमति पर विचार किया जा सकता है।
आवासीय बोरिंग के लिए 2,500 से 5,000 रुपये शुल्क
5,000 वर्गफीट तक के आवासीय भवन के लिए बोरिंग अनुमति शुल्क 2,500 रुपये, जबकि इससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन के लिए 5,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
व्यावसायिक भवनों में 1,000 वर्गफीट तक के लिए 10 हजार रुपये शुल्क देना होगा। 1,000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल पर 10 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से शुल्क लिया जाएगा।
भूजल दोहन नियंत्रित करना उद्देश्य
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने लोगों से बोरिंग कराने से पहले नगर निगम की अनुमति लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति बोरिंग कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।