
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न
ब्लैक स्पॉट्स को तत्काल ठीक करने तथा साइन बोर्ड व रंबल स्ट्रिप लगाने के निर्देश
बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र के नहीं चलेंगी स्कूली बसें, ओवरस्पीडिंग पर पैनी नजर
हाईवे पर अतिक्रमण और अवैध ढाबों के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई का अल्टीमेटम
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में गत माह के कार्यवृत्त की अनुपालन आख्या पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (NH-35) पर निर्मित रंबल स्ट्रिप्स पर अब तक पेंटिंग न कराए जाने पर असंतोष व्यक्त किया। अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड (बांदा) ने अवगत कराया कि निविदा (टेंडर) प्रक्रिया गतिमान है, जिसे शीघ्र स्वीकृत कराकर पेंटिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने खोह से भौरी तक क्षतिग्रस्त व असमान सड़क को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
खोह पुल के पुनर्निर्माण के संबंध में निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कार्य प्रारंभ होने से न्यूनतम 10 दिवस पूर्व सूचित किया जाए ताकि ससमय रूट डायवर्जन (मार्ग परिवर्तन) की सुचारू व्यवस्था की जा सके। उन्होंने निर्माण कार्य को न्यूनतम समयावधि में पूर्ण करने की हिदायत दी ताकि आमजन को असुविधा न हो।
बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) ने अवगत कराया कि जनपद में कुल 21 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित कर मुख्यालय भेजे गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि गत माह में 21 सड़क दुर्घटनाएं प्रतिवेदित हुई हैं, जो कि विगत वर्ष की समान अवधि से कम हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी बैठक में प्रत्येक सड़क दुर्घटना के कारणों और स्थल का संक्षिप्त विश्लेषणात्मक विवरण प्रस्तुत किया जाए, ताकि सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने विशेष रूप से रौली, कल्याणपुर, भरतपुर एवं चौहान ढाबा जैसे संवेदनशील दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों तथा मुख्य राजमार्ग से जुड़ने वाले ग्रामीण मार्गों पर रंबल स्ट्रिप, साइन बोर्ड और साइनेज अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग खंड (बांदा) को निर्देशित किया कि खोह पुलिस लाइन के समीप धंसी हुई पटरी की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध की गई प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा के दौरान ओवरस्पीडिंग चालान मई माह में स्पीड गन के माध्यम से 2972 चालान किए गए जो विगत माह मात्र 9 चालान थे। जनपद में तीन स्पीड गन ओवर स्पीडिंग के लिए लगाए गए हैं।
ड्रंकन ड्राइविंग 233 चालान किए गए। जिलाधिकारी ने इस पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
लाइसेंस निलंबन इस माह 75 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। जिलाधिकारी ने इसमें और तेजी लाने के निर्देश दिए
परिवहन विभाग प्रवर्तन के संबंध में यात्री एवं मालकर अधिकारी द्वारा कुल 40 वाहनों का चालान किया गया तथा 12 वाहनों के परमिट निलंबन की संस्तुति की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन वाहन चालकों का तीन बार चालान हो चुका है, उनका ड्राइविंग लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
आगामी शिक्षण सत्र के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। यात्री एवं मालकर अधिकारी ने बताया कि अब तक 292 स्कूली वाहनों का फिटनेस परीक्षण किया गया है, जिसमें से 16 वाहन अनफिट पाए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र के कोई भी स्कूली वाहन सड़क पर संचालित नहीं होना चाहिए।
राजमार्गों को सुरक्षित बनाने हेतु जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) को संयुक्त बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित अवैध ढाबों तथा अतिक्रमण को तत्काल हटवाने के लिए संयुक्त अभियान चलाने का आदेश दिया।
बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) यामीन अहमद, अधिशासी अभियंता (लोक निर्माण विभाग) जितेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, बांदा) तथा अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज) सहित समिति के अन्य सदस्य व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।