
93 पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी, गुरुवार तक काम शुरू करने की मोहलत
कलेक्टर ने दिए कारण बताओ नोटिस के निर्देश, काम से इंकार पर सेवा से पृथक करने से लेकर निलंबन तक की चेतावनी
देवास। जिले में शासकीय कार्यों के संपादन से कथित तौर पर इंकार कर रहे 93 परिवीक्षाधीन पटवारियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सभी एसडीएम को संबंधित पटवारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने और गुरुवार तक कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में काम शुरू नहीं करने या सुधार नहीं होने पर परिवीक्षा अवधि में ही सेवा से पृथक करने के साथ निलंबन और विभागीय जांच जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने का मामला
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में समय-सीमा पत्रों के निराकरण और अंतरविभागीय मामलों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पटवारियों से जुड़े कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। इसमें स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण, विलेख के निष्पादन एवं पंजीयन, फार्मर पंजीयन, राजस्व वसूली, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आधार पंजीयन, ई-केवाईसी, लैंड लिंकिंग, लघु सिंचाई एवं कृषि संगणना तथा गिरदावरी जैसे कार्य शामिल हैं।
कलेक्टर ने कार्य से इंकार और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के साथ सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है।
तहसीलदारों की कार्यशैली पर भी नाराजगी
बैठक में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदारों की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। आगामी दिनों में काम में सुधार और तेजी नहीं आई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अब निगाह गुरुवार पर
93 परिवीक्षाधीन पटवारियों को नोटिस के बाद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई गुरुवार के बाद सामने आएगी। सवाल यह है कि तय समय-सीमा में कितने पटवारी काम पर लौटते हैं और कितनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू होती है। साथ ही, इतने बड़े स्तर पर कार्य संपादन से इंकार की स्थिति सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों की निगरानी और जवाबदेही भी प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।