
ओबीसी सर्वे में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का भारी विरोध, बीएलओ संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
शिक्षण कार्य हो रहा है बुरी तरह प्रभावित", अन्य विभागों के कार्मिकों को लगाने या व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई
डीडवाना।अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सर्वे कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और प्रगणक पूरी तरह लामबंद हो गए हैं। अपनी व्यावहारिक समस्याओं और मांगों को लेकर समस्त बीएलओ व प्रगणकों ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रशासनिक आदेशों के कारण शिक्षण व्यवस्था पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि उपखंड कार्यालय द्वारा हाल ही में जारी आदेश के तहत क्षेत्र के बीएलओ कर्मचारियों को ओबीसी सर्वे कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चूंकि क्षेत्र में कार्यरत अधिकांश बीएलओ मूल रूप से शिक्षक हैं, इसलिए सांख्यिकी विभाग के इस वृहद और गणनात्मक कार्य में उनकी व्यस्तता के चलते राजकीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है, जिसे देखते हुए इस कार्य के लिए अन्य सरकारी विभागों के कार्मिकों की सेवाएं ली जानी चाहिए, जो शिक्षा और शिक्षकों दोनों के व्यापक हित में होगा।बीएलओ और प्रगणक संघ ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि यदि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण शिक्षकों को ही इस कार्य में तैनात रखना जरूरी है, तो प्रशासन को तुरंत निम्नलिखित चार बिंदुओं पर ध्यान देकर व्यवस्था में सुधार करना होगा।सर्वे का पूरा कार्य वर्तमान और नवीन भाग संख्या के अनुसार ही करवाया जाए, ताकि धरातल पर संख्यात्मक अनुपात व्यावहारिक और सुविधाजनक बना रहे।कार्यभार और क्षेत्र की व्यापकता को देखते हुए प्रत्येक नवीन भाग संख्या के अनुसार पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त बीएलओ और प्रगणकों की नियुक्ति की जाए।जब तक सर्वे का कार्य पूरी तरह संपन्न नहीं हो जाता, तब तक संबंधित शिक्षकों को विद्यालय के दैनिक शिक्षण कार्य और अन्य उपस्थिति से पूर्णतया कार्यमुक्त (रिलैक्स) रखा जाए।इस अतिरिक्त और जटिल सांख्यिकी कार्य के बदले सभी कार्मिकों को सम्मानजनक मानदेय प्रदान किया जाए तथा सर्वे की अंतिम समय सीमा को भी आगे बढ़ाया जाए।ज्ञापन सौंपने के दौरान डीडवाना-कुचामन जिला मुख्यालय के विभिन्न भागों से आए शिक्षक व बीएलओ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान प्रमुख रूप से बीएलओ संघ के पदाधिकारियों सहित नरपत सिंह, भवानी सिंह राठौड़ महेंद्र कुमार और अन्य प्रभागों के दर्जनों शिक्षकों ने अपना पुरजोर विरोध दर्ज करवाया।