
बिहार भाजपा का बड़ा संगठनात्मक दांव, 5 विधायकों को मिली सरकार-संगठन समन्वयक की जिम्मेदारी
पटना, 22 जून। बिहार भाजपा ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से राज्यभर में नई संगठनात्मक व्यवस्था लागू की है। प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi ने पूरे बिहार को पांच बड़े क्षेत्रों में विभाजित कर पांच विधायकों को सरकार-संगठन समन्वयक नियुक्त किया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
पार्टी के अनुसार इस पहल का मकसद सरकारी योजनाओं की जानकारी कार्यकर्ताओं तक पहुंचाना, जमीनी स्तर से फीडबैक जुटाना तथा संगठनात्मक गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि सरकार और संगठन के बीच सीधा संवाद मजबूत होने से योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसंपर्क अभियान को और गति मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत मिथिला और तिरहुत क्षेत्र की जिम्मेदारी विधायक मनोज शर्मा को सौंपी गई है। उनके कार्यक्षेत्र में दरभंगा, मधुबनी, झंझारपुर, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर सहित कई संगठनात्मक जिले शामिल हैं।
मगध और शाहाबाद संभाग का दायित्व विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह को दिया गया है। वे गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, अरवल के साथ-साथ कैमूर, रोहतास, बक्सर और भोजपुर जिलों में समन्वय कार्य देखेंगे।
चंपारण और सारण संभाग की जिम्मेदारी विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह को सौंपी गई है। उनके अधीन बगहा, बेतिया, रक्सौल, मोतिहारी, ढाका, गोपालगंज, सिवान और सारण क्षेत्र के जिले आएंगे।
वहीं भागलपुर, कोशी और सीमांचल क्षेत्र के लिए विधायक विजय खेमका को समन्वयक बनाया गया है। उनके जिम्मे भागलपुर, बांका, नवगछिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे महत्वपूर्ण जिले होंगे।
राजधानी पटना समेत मुंगेर, बेगूसराय और नालंदा संभाग का प्रभार विधायक संजय गुप्ता को दिया गया है। वे पटना महानगर, पटना ग्रामीण, बाढ़, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, नालंदा और शेखपुरा जिलों में संगठन और सरकार के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
भाजपा की इस नई संरचना को आगामी राजनीतिक गतिविधियों और विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहली बार पूरे बिहार को पांच बड़े समन्वय क्षेत्रों में बांटकर स्पष्ट जवाबदेही तय की गई है। पार्टी को उम्मीद है कि इससे कार्यकर्ताओं और सरकार के बीच संवाद की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
Rajauli, Nawada | Jun 23, 2026