
#नगरीय_निकाय_चुनाव_को_लेकर_जिला_मजिस्ट्रेट_ने_जारी_किए_प्रतिबंधात्मक_आदेश_______
#भारतीय_नागरिक_सुरक्षा_संहिता_2023_की_धारा_163_के_प्रावधान____
#जिले_की_समस्त_नगरीय_निकाय_सीमा_में_रहेंगे___
#डीग____राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिला मजिस्ट्रेट मयंक मनीष ने जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना समाप्ति अर्थात 22 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले की समस्त नगरीय निकाय सीमा में विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। आदेश का उद्देश्य चुनाव के दौरान अथवा मतगणना के समय एवं उसके बाद संभावित स्थानीय विवाद, तनाव, असामाजिक गतिविधियों तथा साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले प्रयासों को रोकना और लोकशांति बनाए रखना है।
#हथियारों_के_प्रदर्शन_एवं_धारण_पर_प्रतिबंध______
आदेश के तहत विस्फोटक, रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र तथा धारदार हथियार जैसे राइफल, रिवॉल्वर, पिस्तौल, बंदूक, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, गुप्ती, त्रिशूल, कटार, धारिया, गंडासा, फर्सी आदि के साथ-साथ लाठी, डंडा, पत्थर एवं ईंट जैसे घातक साधनों को लेकर सार्वजनिक स्थानों पर घूमने, प्रदर्शन करने अथवा साथ लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि ड्यूटी पर तैनात पुलिस, सशस्त्र बल, अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड एवं चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारी इस आदेश से मुक्त रहेंगे। धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने वाले सिख समुदाय के व्यक्तियों, शस्त्र अनुज्ञापत्र नवीनीकरण के लिए शस्त्र निरीक्षण अथवा पुलिस थाने में जमा कराने ले जाने वाले व्यक्तियों, दिव्यांग एवं बीमार व्यक्तियों द्वारा सहारे के लिए लाठी/बैसाखी के उपयोग तथा प्रतियोगिता की तैयारी अथवा भाग लेने वाले राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के सदस्यों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार छूट रहेगी।
जिले से बाहर से आने वाला कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित हथियारों को जिले की सीमा में नहीं ला सकेगा तथा सार्वजनिक स्थानों पर उनका प्रयोग या प्रदर्शन नहीं कर सकेगा।
बिना अनुमति जुलूस, सभा एवं ध्वनि प्रसारण पर रोक-
सक्षम अधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी सार्वजनिक स्थल पर जुलूस, सभा, धरना, भाषण आदि का आयोजन नहीं किया जा सकेगा तथा ध्वनि प्रसारण यंत्रों का उपयोग भी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। विवाह समारोह एवं शव यात्रा को इस प्रतिबंध से अपवाद रखा गया है।
सांप्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले, उत्तेजनात्मक अथवा भड़काऊ नारे, भाषण एवं उद्बोधन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऐसे पम्पलेट, पोस्टर अथवा अन्य प्रचार सामग्री को छापने, छपवाने, वितरित करने या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रचारित करने पर भी रोक रहेगी।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ एवं दुष्प्रचार सामग्री पर प्रतिबंध-
फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सऐप, यूट्यूब सहित इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के किसी भी माध्यम से धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष अथवा दुष्प्रचार फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करने पर प्रतिबंध रहेगा।
सार्वजनिक एवं राजकीय संपत्तियों पर किसी के समर्थन या विरोध में नारे लिखने, चित्र बनाने, पोस्टर या होर्डिंग लगाने तथा संपत्ति को विरूपित करने पर भी रोक रहेगी। निजी संपत्ति का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग उसके स्वामी की लिखित पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा सेवन पर रोक-
आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा का सेवन करने अथवा करवाने तथा इसके लिए किसी को दुष्प्रेरित करने पर प्रतिबंध रहेगा। अधिकृत विक्रेताओं के अतिरिक्त सार्वजनिक स्थलों पर निजी उपयोग के अलावा अन्य प्रयोजन से मदिरा ले जाने पर भी रोक रहेगी। निर्धारित ड्राई डे पर मदिरा का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
चुनाव प्रचार के दौरान यातायात बाधित नहीं करने के निर्देश-
चुनाव प्रचार या प्रसारण के लिए वाहनों के माध्यम से यातायात बाधित नहीं किया जा सकेगा। सक्षम अधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र लगे वाहनों का उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा।
इसके साथ ही किसी भी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरिजाघर अथवा अन्य धार्मिक स्थल का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकेगा। कोई भी व्यक्ति मतदान दिवस पर मतदान केन्द्र से एवं मतगणना दिवस पर मतगणना केन्द्र से दो सौ मीटर की परिधि के अंदर किसी भी तरह के मोबाइल फोन, सैलफोन, वायरलैस का उपयोग नहीं करेगा, न ही लेकर चलेगा। यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी में लगे पुलिस अधिकारियों / कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। मतदान दिवस पर मतदाताओं को वाहनों से मतदान केन्द्रों तक ले जाने और वहां से वापस लाने पर पूर्णतः रोक रहेगी।
आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत अभियोग चलाया जा सकेगा।