पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ में उल्लास के साथ मनाई गई किंकोड़ा तेरस, श्रीजी को धराया गया मुकुट-काछनी का भव्य श्रृंगार ।
पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी की हवेली में श्रावण शुक्ल त्रयोदशी (किंकोड़ा तेरस) के अवसर पर आज प्रभु श्रीनाथजी के मंदिर में विशेष दर्शन व मनोरथ का आयोजन किया गया। आज के दिन प्रभु की विरक्त योगी चतुरा नागा पर की गई कृपा का स्मरण करते हुए श्रीजी को विशेष भोग और अलौकिक श्रृंगार धराया गया, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
किंकोड़ा तेरस का यह दिन श्रीजी और उनके अनन्य भक्त चतुरा नागा के मिलन का प्रतीक है, आज ही के दिन प्रभु सद्दू पांडे के भैंसे पर सवार होकर रामदासजी और कुम्भनदासजी के साथ टॉड का घना पधारे थे जहां विरक्त योगी चतुरा नागा ने वर्षा ऋतु होने के कारण वन से किंकोड़े तोड़कर उसका शाक सिद्ध किया और रामदासजी ने चून का सीरा बनाया, जिसका प्रभु ने भोग ग्रहण किया, तभी से प्रभु को आज