बिग ब्रेकिंग: सोशल मीडिया में वायरल हुआ अब ये संदेश।
साहब ।
हुड़दंगी, आतंकवादी, अपराधी, दुर्जन, दुष्ट और कपटी का कोई धर्म नहीं होता और उससे रिश्ता नहीं निभाया जाता।
रावण हिंदू ब्राह्मण होकर भी हिंदू क्षत्रिय से मारा गया।
कंश हिन्दू क्षत्रिय होकर भी हिंदू क्षत्रिय से मारा गया।
और दोनों के वध का हम उत्सव मनाते हैं।
दोनों दुष्टों को मारने वालों को भगवान मानकर पूजते हैं।
अन्याय सहकर मौन रहना यह महा दुष्कर्म है।
न्यायार्थ अपने बंधु को भी दंड देना धर्म है।