विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में आज तड़के भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के पावन अवसर पर बाबा महाकाल की भस्म आरती दिव्य और भव्य रूप में संपन्न हुई। सुबह कपाट खुलते ही गर्भगृह में हरिओम जल और पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद भांग, चंदन, रजत चंद्र, त्रिशूल, शेषनाग मुकुट और रजत मुण्डमाल से बाबा का राजा स्वरूप में शृंगार हुआ। ड्रायफ्रूट और सुगंधित पुष्पों से सुसज्जित महाकाल के इस आलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे।
मंत्रोच्चार, डमरू और झांझ-मंजीरों की गूंज के बीच महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद महादेव निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। नंदी हॉल में नंदी जी के पूजन और कानों में मनोकामनाएं कहने के साथ ही पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान रहा।
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