
कागजों में मृत घोषित हुए 80 वर्षीय बुजुर्ग को मिला न्याय, मोहनगढ़ तहसीलदार ने दिखाई संवेदनशीलता
मोहनगढ़ तहसील में प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान गिलोजी केवट को सिस्टम की त्रुटि के कारण लगभग दो वर्ष पहले रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया था, जिसके चलते उनकी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बंद हो गई थी।
लगातार दो वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने के बाद बुजुर्ग अपनी समस्या लेकर रात्रि जन चौपाल में पहुंचे। प्रभारी तहसीलदार सावंत सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी जानकारी जुटाई और पाया कि पोर्टल पर गलत तरीके से मृत दर्शाकर उनका नाम हटा दिया गया था।
शुक्रवार को तहसील पहुंचने पर तहसीलदार ने बुजुर्ग को अपने पास बैठाकर उनकी बात सुनी, आवश्यक दस्तावेज और शपथ पत्र की प्रक्रिया पूरी कराई तथा समस्या के निराकरण के निर्देश दिए। तहसीलदार के इस मानवीय और संवेदनशील व्यवहार की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे अधिकारी आमजन के मन में प्रशासन के प्रति विश्वास और सम्मान को मजबूत करते हैं। यह घटना दर्शाती है कि संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली से वर्षों पुरानी समस्याओं का भी समाधान संभव है।
📍 स्थान : मोहनगढ़, जिला टीकमगढ़
🎥 रिपोर्ट : बुंदेली 24 एक्सप्रेस
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