
सरकार सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए उठाए ठोस कदम: सविता मान
सरकारी स्कूलों की भवनों की हालत जर्जर बनी हुई है
स्कूलों में बिजली-पानी की कोई व्यवस्था नहीं है
करोड़ों रूपयों के जनरेटर सैट बने सफेद हाथी
भिवानी, 20 अगस्त। भाजपा सरकार के हरियाणा प्रदेश को शिक्षा का हब बनाने का दावा झुठा साबित हो रहा है। शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए भाजपा केवल विज्ञापनों व कागजी योजनाएं बना कर जनता के पैसों से अपने निजी लोगों व अपने खजाने को भरने में लगी हुई। धरातल पर कोई भी कार्य नहीं हो रहा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों की हालत खस्ता है। गर्मी के इस भयंकर मौसम में स्कूलों में बिजली व पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। करोड़ों की कीमत के जनरेटर सैट सफेद हाथी बन कर रह गए हैं। बिना देखभाल के सभी जनरेटर कबाड़ बन गए हैं तथा भीष्ण गर्मी में बच्चे पीने के पानी के लिए दरदर भटक रहे हैं। उन्हें बाहर से पानी लाना पड़ता है जिससे बहुत परेशानी तो होती ही है वहीं उनकी पढ़ाई भी बाधित हो रही है। यह बात कांग्रेस महिला विंग की पूर्व प्रदेश महासचिव सविता मान ने गिरते हुए शिक्षा स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। भिवानी जिले में भी अधिकतर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। जिस स्कूल में शिक्षक हैं तो वहां के स्कूल भवनों की हालत जर्जर है तथा स्कूलों में शौचालय भी नहीं हैं। जिसके कारण बच्चों को अपनी जान जोखिम में डाल कर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि गांव तालु के राजकीय कन्या पाठशाला व गांव मित्ताथल के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जैसे अनेक गांवों के स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। यहां इन स्कूलों में कुछ कंडम पड़ी इमारतें हादसों को न्यौता दे रही हैं। कई स्कूलों में छतों से पानी टपक रहा है। छतों के लेंटर झड़ रहे हैं जो कभी भी बड़े हादसे को न्यौता दे सकते हैं। स्कूलों में शौचालय न होने के कारण छात्राओं को बाथरूम के लिए बाहर जाना पड़ता है। जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरा जाए, कंडम जर्जर अवस्था वाले भवनों का नवनिर्माण किया जाए, स्कूलों में शौचालयों का निर्माण करवाया जाए, स्कूलों में बच्चों के बैठने के उचित व्यवस्था की जाए सभी सरकारी स्कूलों में पीने के पानी के लिए आरओ युक्त वाटर कूलर लगाए जाएं ताकि उन्हें पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके। जिससे उनका स्वास्थ्य सही रहे।