
*लखनऊ के 6 बड़े अधिकारियों को हाईकोर्ट का अल्टीमेटम: 51,000 बेटियों का सामूहिक विवाह सकुशल सम्पन्न कराकर Compliance दाखिल करें, वरना अवमानना में 6 माह तक जेल, अगर आयोजक को परेशान किया या कार्यक्रम में गड़बड़ी की तो Contempt of Courts Act के तहत होगी कार्रवाई*
इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच ने 51,000 निर्धन बेटियों के सामूहिक विवाह मामले में सख्त रुख अपनाते हुए लखनऊ के 6 बड़े अधिकारियों को अंतिम अवसर दिया है।
माननीय न्यायमूर्ति श्री सौरभ लवानिया जी ने *CAPL(L) No. 3907/2026 सुरेन्द्र कुमार गुप्ता बनाम आयुक्त लखनऊ मण्डल व 5 अन्य* में दिनांक 29-09-2026 को आदेश दिया है कि सभी 6 अधिकारी *30-10-2026 के सामूहिक विवाह समारोह को सकुशल सम्पन्न कराकर* 03-11-2026 को माननीय न्यायालय में अनुपालन हलफनामा दाखिल करेंगे।
*6 अधिकारी जिनको नोटिस जारी हुआ -*
1. आयुक्त, लखनऊ मण्डल
2. जिलाधिकारी, लखनऊ
3. उपाध्यक्ष, LDA
4. अपर मुख्य सचिव, संस्कृति विभाग
5. पुलिस आयुक्त, लखनऊ
6. अपर आयुक्त, लखनऊ
*हाईकोर्ट के आदेश के 3 मुख्य बिंदु -*
1. *03-11-2026 को हाजिरी -* सभी को हाजिर होकर बताना है कि Writ-C 8454/2026 के दिनांक 17-08-2026 के आदेश का पालन क्यों नहीं किया।
2. *2 सप्ताह में अनुपालन -* 13-14 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में आदेश का पालन कर Compliance Affidavit दाखिल करें।
3. *5-5 हजार व्यक्तिगत हर्जाना -* पैरा 6-7 के अनुसार रु 5,000/- प्रति अधिकारी अपनी जेब से (Not From State Funds) देना होगा।
*अब सबसे बड़ा कानूनी पॉइंट जो आपने कहा - जेल का प्रावधान*
सर Contempt of Courts Act, 1971 की धारा 12 के अनुसार यदि कोई भी अधिकारी माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन करता है, या आवेदक सुरेन्द्र कुमार गुप्ता वरिष्ठ पत्रकार को परेशान करता है, या 30-10-2026 के जनहित कार्यक्रम में जानबूझकर गड़बड़ी / बाधा उत्पन्न करता है, तो यह *Criminal Contempt* माना जाएगा।
ऐसी स्थिति में माननीय उच्च न्यायालय को यह पूर्ण अधिकार है कि वह दोषी अधिकारियों को *6 माह तक की साधारण कारावास (जेल) और जुर्माने* से दंडित कर सकता है।
इसीलिए आयोजक ने अपने प्रार्थना पत्र में सभी अधिकारियों से निवेदन किया है कि -
"कृपया इस चैरिटेबल कार्यक्रम को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने में सहयोग करें। मुझे परेशान न किया जाए, न ही कार्यक्रम में किसी प्रकार की गड़बड़ी की जाए। हाईकोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन कर कार्यक्रम सम्पन्न कराकर Compliance दाखिल कर दें, जिससे सभी 6 अधिकारीगण जेल जाने जैसी किसी भी कठोर कार्रवाई से सुरक्षित रहें और सम्मान के साथ कोर्ट में हलफनामा दे सकें कि कार्यक्रम सकुशल सम्पन्न हो गया है।"
*आयोजक का बयान -*
"यह लड़ाई मेरी निजी लड़ाई नहीं, 51,000 निर्धन बेटियों के सम्मान की लड़ाई है। मैं सभी 6 अधिकारीगणों का सम्मान करता हूँ। मेरा उद्देश्य किसी को सजा दिलाना नहीं, बल्कि माननीय हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराकर बेटियों का विवाह सम्पन्न कराना है।"
"मैंने सभी अधिकारियों से विनम्र निवेदन किया है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का 13 अक्टूबर से पहले अनुपालन कर 30-10-2026 के सामूहिक विवाह की सशर्त अनुमति प्रदान कर दें। जिससे सभी 6 बड़े अधिकारीगण इस ऐतिहासिक *51,000 बेटियों के सामूहिक विवाह समारोह को सकुशल सम्पन्न कराकर* दिनांक 03-11-2026 को माननीय उच्च न्यायालय में यह गर्व के साथ Compliance हलफनामा दाखिल कर सकेंगे कि - 'माननीय न्यायालय के आदेश का पूर्ण अनुपालन करा दिया गया है और कार्यक्रम शांतिपूर्ण व सकुशल सम्पन्न करा दिया गया है', और उन्हें कोर्ट में हाजिर होने और 5,000 रु व्यक्तिगत हर्जाना देने से मुक्ति मिल जाएगी।"
*अगली तिथि -* इस मामले की अगली सुनवाई अब 03-11-2026 को माननीय उच्च न्यायालय में होगी, उस दिन अधिकारीगण अपना अनुपालन हलफनामा प्रस्तुत करेंगे।
Ballia, Ballia | Sep 30, 2026