
अंबाला में सडक़ सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान को मिली गति
सितम्बर में 12,116 यातायात चालान- 38.92 लाख रुपये की राशि के चालान जारी
ब्लैक स्पॉट सुधार, रोड सेफ्टी ऑडिट, अवैध कट बंद करने के दिए निर्देश: उपायुक्त सचिन गुप्ता
अंबाला, 21 अक्तूबर।
सडक़ सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों को और गति देते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने संबंधित विभागों को सडक़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा यातायात नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित करें।
उपायुक्त बुधवार को डीसी कार्यालय के सभागार में आयोजित जिला सडक़ सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सडक़ सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों, पिछली बैठक के लंबित मामलों की प्रगति, यातायात प्रवर्तन, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, सडक़ अवसंरचना तथा स्कूल वाहन पॉलिसी की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि सितम्बर 2026 में यातायात नियमों के उल्लंघन के 12,116 चालान किए गए। इन चालानों के तहत 38 लाख 92 हजार रुपये की राशि के चालान जारी किए गए।
इनमें बिना हेलमेट, ओवरस्पीडिंग, दोपहिया वाहन पर ट्रिपल सवारी, बिना लाइसेंस, ड्रंकन ड्राइविंग, बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र तथा बिना सीट बेल्ट सहित विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले शामिल हैं।
उपायुक्त ने कहा कि यह प्रवर्तन सडक़ सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष रूप से बिना हेलमेट, ओवरस्पीडिंग और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग जैसे जोखिमपूर्ण व्यवहार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखी जाए।
सडक़ सुरक्षा के लिए इंजीनियरिंग उपायों पर विशेष जोर
बैठक में सडक़ सुरक्षा के विभिन्न इंजीनियरिंग एवं सुधारात्मक उपायों की समीक्षा की गई। इनमें सडक़ों की मरम्मत, पैच वर्क, अवैध कट बंद करना, स्पीड ब्रेकर, हैजर्ड मार्कर, जेब्रा क्रॉसिंग, व्हाइट लाइनिंग और रिफ्लेक्टिव टेप लगाने जैसे कार्य शामिल हैं। उन्होनें लोक निर्माण विभाग, मार्कि टिंग बोर्ड, एनएचएआई, एचएसएएमबी, नगर निगम आदि सम्बधिंत विभागों के अधिकारियों को जिला की सभी सडक़ों पर आवश्यक पैंच वर्क व सडक़ों की मुरम्मत करवाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही एक्सीडेंट प्रोन एरिया एवं ब्लैक स्पॉट की पहचान एवं सुधार तथा रोड सेफ्टी ऑडिट की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन्होंन