
जब ज़मीन के लिए होते हैं विवाद, तब उखदी के मोहम्मद अब्दुल्लाह ने पेश की मिसाल। जानकर हो जायेंगे हैरान, देखिए
वर्तमान समय में ज़मीन-जायदाद को लेकर आए दिन लगातार विवाद, मुकदमे और हिंसा की घटनाएँ देखने को मिलती हैं, तो वहीं बिहार के शेखपुरा जिले के उखदी गाँव के मोहम्मद अब्दुल्लाह ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। बताते चलें कि मोहम्मद अब्दुल्लाह ने गाँव के बच्चों के बेहतर भविष्य और शिक्षा की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए अपनी भूमि दान कर दी। वर्तमान समय में दान की गई भूमि पर आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है, जिसका लाभ गाँव के छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को मिल रहा है।मोहम्मद अब्दुल्लाह का कहना है कि उनके पूर्वजों की उखदी मौजा में काफी भूमि रही है। उनका मानना है कि यदि उस भूमि का कुछ हिस्सा समाज और आने वाली पीढ़ियों के काम आ जाए, तो इससे बड़ा पुण्य नहीं हो सकता। गाँव के लोगों का कहना है कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। जब अधिकांश लोग ज़मीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के लिए एक-दूसरे से लड़ने को तैयार रहते हैं, तब मोहम्मद अब्दुल्लाह का यह भूमि दान मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और गाँव के विकास के प्रति समर्पण का संदेश देता है। उखदी गाँव की तरक्की ही असली विरासत है, और समाज के हित में किया गया दान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमिट प्रेरणा बन जाता है। मोहम्मद अब्दुल्लाह को गांव के लोग बधाई दे रहे हैं। मोहम्मद अब्दुल्लाह ने बताया कि लगातार गांव, समाज चाहे जो भी हिंदू,मुस्लमान, सिख,ईसाई सभी समाज के बच्चों के भविष्य के लिए तैयार रहूंगा।
समाज सेवा करना ही धर्म है।