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नारनौल में फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी का खेल! ट्रैक्टर मालिक को चुकाने पड़े 8 लाख रुपये, अब एजेंट पर धोखाधड़ी का केस दर्ज नारनौल/कनीना। महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र में कथित फर्जी बीमा पॉलिसी जारी कर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। कनीना शहर थाना पुलिस ने एक बीमा एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता रेवाड़ी जिले के लिसाना गांव निवासी देवेंद्र उर्फ कालिया ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में उसने अपने ट्रैक्टर का बीमा कराने के लिए कनीना निवासी मनोज कुमार से संपर्क किया था। मनोज कुमार ने स्वयं को अधिकृत एजेंट बताते हुए उससे करीब 10 हजार रुपये प्रीमियम के रूप में लिए और बीमा पॉलिसी जारी कर दी। कुछ समय बाद ट्रैक्टर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया और मामला मुआवजे के लिए मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) में पहुंचा। सुनवाई के दौरान संबंधित बीमा कंपनी ने अदालत में दावा किया कि प्रस्तुत की गई पॉलिसी उनकी ओर से जारी नहीं की गई थी और वह फर्जी है। बीमा कंपनी के इस खुलासे के बाद पूरा मामला पलट गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फर्जी पॉलिसी के कारण दुर्घटना से जुड़े मुआवजे की पूरी जिम्मेदारी उस पर आ गई और उसे अदालत के आदेशानुसार करीब 8 लाख रुपये अपनी जेब से चुकाने पड़े। पीड़ित ने मामले की शिकायत डीएसपी कार्यालय में दी थी। जांच के दौरान दस्तावेजों और बयानों का अवलोकन किया गया। जांच रिपोर्ट में मामला दर्ज कर आगे अनुसंधान किए जाने की सिफारिश की गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मंजूरी मिलने पर कनीना शहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो आखिर एक कथित फर्जी पॉलिसी कैसे जारी हुई, किसके नाम पर प्रीमियम लिया गया और वर्षों तक इसकी जानकारी क्यों नहीं लग पाई? पुलिस जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के निष्पक्ष परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

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नारनौल में फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी का खेल! ट्रैक्टर मालिक को चुकाने पड़े 8 लाख रुपये, अब एजेंट पर धोखाधड़ी का केस दर्ज नारनौल/कनीना। महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र में कथित फर्जी बीमा पॉलिसी जारी कर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। कनीना शहर थाना पुलिस ने एक बीमा एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता रेवाड़ी जिले के लिसाना गांव निवासी देवेंद्र उर्फ कालिया ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में उसने अपने ट्रैक्टर का बीमा कराने के लिए कनीना निवासी मनोज कुमार से संपर्क किया था। मनोज कुमार ने स्वयं को अधिकृत एजेंट बताते हुए उससे करीब 10 हजार रुपये प्रीमियम के रूप में लिए और बीमा पॉलिसी जारी कर दी। कुछ समय बाद ट्रैक्टर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया और मामला मुआवजे के लिए मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) में पहुंचा। सुनवाई के दौरान संबंधित बीमा कंपनी ने अदालत में दावा किया कि प्रस्तुत की गई पॉलिसी उनकी ओर से जारी नहीं की गई थी और वह फर्जी है। बीमा कंपनी के इस खुलासे के बाद पूरा मामला पलट गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फर्जी पॉलिसी के कारण दुर्घटना से जुड़े मुआवजे की पूरी जिम्मेदारी उस पर आ गई और उसे अदालत के आदेशानुसार करीब 8 लाख रुपये अपनी जेब से चुकाने पड़े। पीड़ित ने मामले की शिकायत डीएसपी कार्यालय में दी थी। जांच के दौरान दस्तावेजों और बयानों का अवलोकन किया गया। जांच रिपोर्ट में मामला दर्ज कर आगे अनुसंधान किए जाने की सिफारिश की गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मंजूरी मिलने पर कनीना शहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो आखिर एक कथित फर्जी पॉलिसी कैसे जारी हुई, किसके नाम पर प्रीमियम लिया गया और वर्षों तक इसकी जानकारी क्यों नहीं लग पाई? पुलिस जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के निष्पक्ष परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। - Mahendragarh News