(में समय हु)
एक दिन उगाता है न्यू उम्मीद का
किसी को बचपन की और
तो किसी को जवानी की और
किसी का बुढ़ापे कि और
इशारा कर के साय अस्त हो जाता है सूर्य
सब समय समय की बात होती है
आज है जो कल नहीं लौट कर आयेगा
जाने वाला जायेगा किसी से नहीं रुकेगा समय बड़ा बलवान होता है
सतयुग त्रेता युग द्वापर युग और अब कलयुग चल रहा है
जय श्री राम
(में समय हु)
एक दिन उगाता है न्यू उम्मीद का
किसी को बचपन की और
तो किसी को जवानी की और
किसी का बुढ़ापे कि और
इशारा कर के साय अस्त हो जाता है सूर्य
सब समय समय की बात होती है
आज है जो कल नहीं लौट कर आयेगा
जाने वाला जायेगा किसी से नहीं रुकेगा समय बड़ा बलवान होता है
सतयुग त्रेता युग द्वापर युग और अब कलयुग चल रहा है
जय श्री राम - Chittaurgarh News