
अंधेरा जंगल, फटा टायर और साथ में मां… तभी फरिश्ता बनकर पहुंची पुलिस
दुमका। मसानजोर के झाझापाड़ा के पास रात करीब 8:30 बजे जंगल के बीच कार का टायर फटने से दुमका लौट रहे मोहम्मद वसीम बारी और उनकी मां मुश्किल में फंस गए। चारों तरफ घना जंगल और घुप अंधेरा था। ऊपर से वसीम को टायर बदलने का अनुभव भी नहीं था।
इसी बीच एक थार वहां आकर रुकी। हालात देखकर उसमें सवार लोगों ने न सिर्फ मदद की, बल्कि कुछ देर बाद गाड़ी साइड में लगाकर खुद टायर बदलने में जुट गए। एक व्यक्ति ने जैक संभाला, दूसरे ने मदद के लिए फोन किया और कुछ ही देर में एक और व्यक्ति बाइक से मौके पर पहुंच गया।
काफी मशक्कत के बाद कार में स्टेपनी लगा दी गई। वसीम के मुताबिक, इस पूरी मदद के दौरान उन्हें कुछ करने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
सबसे भावुक करने वाली बात तब सामने आई, जब मदद करने वालों ने अपना परिचय दिया। इनमें मसानजोर थाना के बड़ा बाबू श्री अवधेश कुमार, सप्तम जी और बेनीलाल साहब शामिल थे।
दुमका ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत मोहम्मद वसीम बारी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में इस घटना को साझा करते हुए लिखा कि उस रात पुलिसकर्मियों और उनके साथियों ने यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था की पहचान नहीं, जरूरत के वक्त इंसानियत का सहारा भी बन सकती है।
🙏 अवधेश कुमार, सप्तम जी और बेनीलाल साहब को सलाम।
कभी-कभी किसी अनजान की छोटी-सी मदद, मुश्किल घड़ी में जिंदगी भर याद रहने वाली कहानी बन जाती है।