
स्कूलों का जीर्णोद्धार और पेयजल रहेगा सर्वोच्च प्राथमिकता, डीएमएफ की राशि से होंगे विकास कार्य
शिवपुरी। जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) मद से खनन प्रभावित क्षेत्रों और जिले के दूरस्थ अंचलों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। गुरुवार को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला खनिज प्रतिष्ठान समिति की बैठक में विकास कार्यों के प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
बैठक में स्कूलों के जीर्णोद्धार और पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की जरूरत और प्राथमिकता के अनुसार विकास कार्यों के प्रस्ताव शामिल कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे शासकीय स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए, जहां भवन की मरम्मत, अतिरिक्त कक्ष या अन्य बुनियादी निर्माण की आवश्यकता है।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट वाले स्थानों को चिन्हित कर स्थायी जल आपूर्ति के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में इन प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
जिला खनिज अधिकारी राम सिंह उईके ने बताया कि वर्ष 2026 में डीएमएफ मद में 76.51 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। वर्तमान में मद में 6 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध है। इस राशि का उपयोग नियमानुसार खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और पर्यावरण सुधार से जुड़े कार्यों में किया जाएगा।
बैठक में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, करैरा विधायक रमेश प्रसाद खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा अमित यादव, नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, जिला पंचायत सीईओ विजय राज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।