
AMU में चेयरमैन बनने के बाद पहली बार सिकन्दरपुर पहुंचे प्रोफेसर #सैयद #सिराजुद्दीन #अजमली, गांधी इंटर कॉलेज गेट पर हुआ जोरदार स्वागत
बलिया। 25 अगस्त 2026
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी #AMU के #उर्दू विभाग के नवनियुक्त #चेयरमैन प्रोफेसर #सैयद #सिराजुद्दीन #अजमली चेयरमैन बनने के बाद पहली बार अपने #गृह नगर #सिकन्दरपुर पहुंचे। प्रथम आगमन पर सिकन्दरपुर में उनका फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया।
प्रोफेसर अजमली का स्वागत कार्यक्रम उनके मातृ संस्थान गांधी इंटर कॉलेज के मुख्य गेट पर आयोजित किया गया, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की थी। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके शुभचिंतक, पूर्व छात्र, शिक्षक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
अपने संस्थान में पहुंचकर #भावुक हुए प्रोफेसर
गांधी विद्यालय के दरवाजे पर रोककर किए गए स्वागत से प्रोफेसर अजमली भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “अपने घर आना हमेशा अच्छा लगता है। इस बार जरा ज्यादा ही अच्छा हो गया। इतना हार-फूल, इतनी मोहब्बतें, इतना स्वागत। अल्लाह आप लोगों को सलामत रखे। आप लोगों का बहुत शुक्रिया। गांधी विद्यालय हमारा जो मदर इंस्टीट्यूशन है, जहां हमने पढ़ा, तालीम हासिल की, वहां उसके दरवाजे पर रोककर आपने इस्तकबाल किया, आपका बहुत शुक्रिया।”
#छात्रों को दिया #पढ़ाई को लेकर #संदेश
अपने क्षेत्र के छात्रों को संदेश देते हुए प्रोफेसर अजमली ने कहा कि उन्होंने गांधी विद्यालय में हाईस्कूल की पढ़ाई के दौरान पढ़ाई को कभी हल्के में नहीं लिया। उन्होंने कहा, “हमने पढ़ने को हल्के में नहीं लिया। संजीदगी से पढ़ा। उसका इनाम हमें अल्लाह ने इस तरह दिया कि आगे बढ़ते चले गए और ये सिर्फ अल्लाह का एहसान है।”
उन्होंने छात्रों से मेहनत और गंभीरता के साथ शिक्षा हासिल करने का आह्वान किया।
#पुराने #गुरुओं को किया #याद
स्वागत समारोह के दौरान प्रोफेसर अजमली ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए अपने गुरुजनों के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी अपने प्रिंसिपल और शिक्षकों की याद आती है।
उन्होंने गुप्ता जी, केदारनाथ ठाकुर, जगन्नाथ प्रसाद, कृष्णनाथ राय, गौरी शंकर राय, पंडित विजय शंकर पांडेय, मौलवी अरशद और उनके बेटे मौलवी मास्टर सहित अपने शिक्षकों को याद किया और उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
#उर्दू पर बोले—उर्दू #मोहब्बत की जुबान है
उर्दू भाषा के महत्व पर बोलते हुए प्रोफेसर अजमली ने कहा, “उर्दू प्यार की, मोहब्बत की जुबान है। दुनिया की जो सबसे ज्यादा पसंदीदा जुबानें हैं, उनमें से एक है और उर्दू पढ़ने वाला अलग से पहचाना जाता है।”
उन्होंने क्षेत्र के बच्चों और युवाओं से उर्दू भाषा पढ़ने और इसमें आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि उर्दू की शिक्षा बच्चों को सामाजिक और अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने में मदद करेगी।
#AMU उर्दू विभाग की मिली नई जिम्मेदारी
बता दें कि प्रोफेसर सैयद सिराजुद्दीन अजमली मूल रूप से सिकन्दरपुर के रहने वाले हैं। वह लंबे समय से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। हाल ही में उन्हें विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग की नई जिम्मेदारी देते हुए चेयरमैन बनाया गया है।
चेयरमैन बनने के बाद यह उनका पहला सिकन्दरपुर दौरा रहा, जहां अपने पुराने शिक्षण संस्थान पहुंचने पर शिक्षकों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।