#RSSगुरुकुल की छात्राओं ने शुरू की #अनोखी पहल, राखियों में सजाया भाईचारे का संदेश
अपने घर और बहनों से दूर ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों को बांधीं स्वनिर्मित राखियां, एनसीसी की छात्राओं ने प्रबंधक जय प्रताप सिंह ‘गुड्डू’ को राखी बांधकर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
बलिया,27अगस्त।। रक्षाबंधन पर्व के पूर्व कठघरा बंशी बाजार स्थित आर.एस.एस. गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी अकादमी की छात्राओं ने इस बार एक अनोखी और भावनात्मक पहल की। अपने घर-परिवार और बहनों से दूर रहकर जनसेवा में जुटे प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को छात्राओं ने अपने हाथों से बनाई गई राखियां बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। छात्राओं की इस पहल का उद्देश्य अधिकारियों को यह अहसास कराना रहा कि भले ही वे ड्यूटी के कारण अपने घर और बहनों से दूर हों, लेकिन समाज की बेटियां और बहनें उनके साथ हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी की छात्राओं ने विद्यालय के प्रबंध निदेशक जय प्रताप सिंह ‘गुड्डू’ को राखी बांधकर की। छात्राओं ने उन्हें स्वनिर्मित राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद विद्यालय की प्रार्थना सभा आयोजित हुई, जिसका संचालन एनसीसी की छात्राओं ने किया। रक्षाबंधन पर्व से जुड़े पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति से विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल बन गया।
इस अवसर पर सर्वश्रेष्ठ प्रार्थना सभा आयोजित कराने के लिए कक्षा 9वीं ‘ए’ के कक्षा अध्यापक मंसूर आलम को विद्यालय के प्रबंध निदेशक जय प्रताप सिंह ‘गुड्डू’ ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं विद्यालय के वरिष्ठ प्रभारी आलोक पांडेय को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इसके बाद विद्यालय की सभी कक्षाओं में ‘राखी बनाओ प्रतियोगिता’ आयोजित की गई। छात्राओं ने पूरे उत्साह और मनोयोग के साथ रंग-बिरंगी, आकर्षक एवं कलात्मक राखियां तैयार कीं। प्रत्येक कक्षा से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली राखियों का चयन किया गया।
प्रतियोगिता के बाद छात्राओं ने विद्यालय में तैयार की गई इन्हीं स्वनिर्मित राखियों को लेकर प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच पहुंचकर इस अनोखी पहल को आगे बढ़ाया। छात्राओं ने उप जिलाधिकारी सिकन्दरपुर, तहसीलदार सिकन्दरपुर, थाना प्रभारी सिकन्दरपुर एवं पुलिस टीम के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकन्दरपुर में अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की कलाइयों पर राखियां बांधीं।
छात्राओं ने अधिकारियों से कहा कि रक्षाबंधन केवल अपने घर की बहन से राखी बंधवाने का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और भाईचारे का पर्व भी है। ड्यूटी के कारण जो अधिकारी अपने घर और बहनों से दूर हैं, उनकी कलाइयां सूनी न रहें, इसी भावना से छात्राओं ने उन्हें राखी बांधने का निर्णय लिया। छात्राओं की इस आत्मीय पहल से अधिकारी भी भावुक नजर आए और उन्होंने छात्राओं की सोच, संस्कार एवं संवेदनशीलता की जमकर सराहना की।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर प्रत्येक वर्ष विद्यालय में राखी बनाओ प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इस बार प्रतियोगिता को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए छात्राओं को प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के उन अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, जो जनसेवा में अपने परिवार और बहनों से दूर रहकर जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। छात्राओं द्वारा अपने हाथों से बनाई राखियां बांधना इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।
इस दौरान विद्यालय के प्रभारी विजेंद्र पांडेय एवं शिक्षिका अमीषा सिंह भी छात्राओं के साथ मौजूद रहीं। पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत यादव ने किया।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक जय प्रताप सिंह ‘गुड्डू’ ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का संदेश देने वाला पर्व है। छात्राओं द्वारा स्वयं राखियां बनाकर उन अधिकारियों की कलाइयों पर बांधना, जो अपने घर और बहनों से दूर रहकर समाज की सेवा कर रहे हैं, बेहद सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां छात्राओं की रचनात्मकता के साथ-साथ उनमें संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी और अच्छे संस्कार विकसित करती हैं। उन्होंने सभी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।