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वेदांता 'अनलिमिटेड': अनिल अग्रवाल ने 3Ps – प्रोड्यूस, पार्टनर, पर्पज़ के साथ विकास की राह दिखाई वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने वेदांता लिमिटेड की 61वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में 'वेदांता अनलिमिटेड' का महत्वाकांक्षी विज़न प्रस्तुत किया। एजीएम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी का भविष्य तीन 'P'— प्रोड्यूस मोर (अधिक उत्पादन), पार्टनर बेटर (बेहतर साझेदारी) और पर्पज़ बियॉन्ड प्रॉफिट (लाभ से परे उद्देश्य) —पर आधारित होगा। वेदांता के ऐतिहासिक डीमर्जर के सफलतापूर्वक पूरा होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समूह की पाँचों स्वतंत्र कंपनियां—वेदांता लिमिटेड (NSE: VEDL), वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (NSE: VAML), वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (NSE: VOGL), वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (NSE: VISL) और वेदांता पावर लिमिटेड (NSE: VEDPOWER)—में से प्रत्येक के पास 100 अरब डॉलर की कंपनी बनने की क्षमता है। शेयरधारकों को संबोधित करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, "एक साल पहले आप एक ही एकीकृत कंपनी के शेयरधारक थे। आज आपके पास पांच अलग-अलग अवसर हैं। दुनिया में बहुत कम कॉर्पोरेट बदलाव ऐसे हुए हैं, जिन्होंने शेयरधारकों के लिए इतना बड़ा अवसर बनाया हो। और हमारा मानना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।" वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन वित्त वर्ष 2025-26 को एक ऐतिहासिक वर्ष बताते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, "इस वर्ष हमने ₹1,74,075 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक राजस्व और ₹25,096 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक प्रॉफिट दर्ज किया है।" वित्त वर्ष 2025-26 में वेदांता ने ₹55,976 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक EBITDA दर्ज किया। साथ ही, कंपनी का नेट डेट/EBITDA अनुपात 0.95x रहा, जो पिछले 14 तिमाहियों में सबसे बेहतर प्रदर्शन है। प्रोड्यूस मोर (अधिक उत्पादन) अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता की रणनीति का पहला 'पी' यानी अधिक उत्पादन कंपनी के विकास के अगले चरण की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि कंपनी का लक्ष्य 2031 तक जिंक और लेड का उत्पादन लगभग तीन गुना बढ़ाकर 30 लाख टन करना है। इसके साथ ही चांदी का उत्पादन दोगुना कर 1,500 टन, इस दशक के अंत तक तांबे का उत्पादन 10 लाख टन, वित्त वर्ष 2027-28 तक फेरोक्रोम की क्षमता 5 लाख टन और निकेल का उत्पादन 60,000 टन तक बढ़ाने की योजना है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी लिथियम, कोबाल्ट, सोना, तांबा, निकेल, मैंगनीज, रेयर अर्थ और पोटाश सहित 10 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों में खोज (एक्सप्लोरेशन) का काम तेज़ करेगी। उन्होंने समूह की अलग-अलग (डिमर्जर के बाद बनी) कंपनियों के विस्तार की योजनाओं को भी दोहराया। उन्होंने कहा, "वेदांता एल्युमीनियम एक बेहतरीन कंपनी है। अगले तीन वर्षों में हम इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करेंगे और दुनिया में सबसे कम लागत पर उत्पादन करने का लक्ष्य हासिल करेंगे। वेदांता ऑयल एंड गैस का लक्ष्य प्रतिदिन 5 लाख बैरल उत्पादन का है। इसे हासिल करने के लिए अगले 3 से 5 वर्षों में 5 बिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा। वहीं, वेदांता आयरन एंड स्टील अपनी क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष करेगी, जिसमें ग्रीन स्टील और स्पेशलिटी स्टील पर विशेष ध्यान रहेगा। साथ ही, वेदांता पावर के पास 20,000 मेगावाट क्षमता तक पहुंचने की स्पष्ट योजना है और कंपनी परमाणु ऊर्जा (न्यूक्लियर पावर) के क्षेत्र में भी कदम रखेगी। बेहतर साझेदारी तकनीक को वेदांता का सबसे मजबूत साझेदार बताते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, "भविष्य उन्हीं कंपनियों का है जो तकनीक को अपनाती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया भर के उद्योगों को बदल रहा है। तकनीक हमारी सबसे बड़ी ताकत है। चाहे खोज (एक्सप्लोरेशन) हो, संचालन, स्थिरता, सुरक्षा या उत्पादकता—हम अपने हर व्यवसाय में तकनीक का तेजी से उपयोग कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—और अधिक स्मार्ट, तेज़, सुरक्षित और बेहतर बनना।" लाभ से आगे बढ़कर उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के प्रति वेदांता की प्रतिबद्धता दोहराते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, "केवल इस वर्ष ही हमने भारत सरकार के राजस्व में ₹62,000 करोड़ से अधिक का योगदान दिया है। वहीं, पिछले 10 वर्षों में हमारा कुल योगदान लगभग ₹5 लाख करोड़ रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि वेदांता की प्रमुख सामाजिक पहल 'नंद घर', जो आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों का एक नेटवर्क है, 17 राज्यों में 15,000 केंद्रों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि इस पहल में देशभर की 10 करोड़ महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है। भारत के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर पर बात करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा, "संसाधनों की सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा बन गई है। हम सिर्फ संसाधनों के कारोबार में नहीं हैं, बल्कि भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।" अपने संबोधन के अंत में अनिल अग्रवाल ने शेयरधारकों का विश्वास बनाए रखने के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा, "हमने मिलकर एक मजबूत वेदांता का निर्माण किया है। अब हम मिलकर पांच असाधारण भविष्य का निर्माण करेंगे। 'वेदांत अनलिमिटेड' इसी सोच का प्रतीक है। आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।"

Badgaon, Udaipur | Jul 15, 2026

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Allen udaipur neet exam celebration 
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Badgaon, Udaipur | Jul 18, 2026

पुलिस अधीक्षक ने किया शहर का संध्याकालीन भ्रमण, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों एवं दुर्ग क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का लिया जायजा

चित्तौड़गढ़, 18 जुलाई 2026। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने शुक्रवार सायंकाल शहर क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों तथा यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह, थानाधिकारी कोतवाली रजनीश, थानाधिकारी सदर प्रेमसिंह एवं पुलिस निरीक्षक सुनीता गुर्जर मौजूद रहे।

भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने गोल प्याऊ चौराहा, बूंदी रोड, किला क्षेत्र, सुभाष चौक, गांधी नगर, घटियावली रोड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों का निरीक्षण किया। उन्होंने संभावित नाकाबंदी स्थलों की उपयोगिता एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी नाकाबंदी सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच करने तथा संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक ने ऐतिहासिक दुर्ग क्षेत्र का दौरा कर वहां पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के दौरान बनने वाली यातायात स्थिति एवं जाम की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने दुर्ग मार्ग पर यातायात को सुचारू एवं सुरक्षित बनाए रखने, वाहनों की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने तथा पर्यटकों एवं आमजन को अनावश्यक असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी तथा आमजन के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि आमजन की सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम तथा शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नियमित गश्त, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों की समय-समय पर समीक्षा, प्रभावी यातायात प्रबंधन तथा आवश्यकता अनुसार नाकाबंदी की व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी, ताकि आमजन एवं पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

पुलिस अधीक्षक ने किया शहर का संध्याकालीन भ्रमण, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों एवं दुर्ग क्षेत्र की यातायात व्यवस्था का लिया जायजा चित्तौड़गढ़, 18 जुलाई 2026। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने शुक्रवार सायंकाल शहर क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों तथा यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह, थानाधिकारी कोतवाली रजनीश, थानाधिकारी सदर प्रेमसिंह एवं पुलिस निरीक्षक सुनीता गुर्जर मौजूद रहे। भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने गोल प्याऊ चौराहा, बूंदी रोड, किला क्षेत्र, सुभाष चौक, गांधी नगर, घटियावली रोड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों का निरीक्षण किया। उन्होंने संभावित नाकाबंदी स्थलों की उपयोगिता एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी नाकाबंदी सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच करने तथा संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक ने ऐतिहासिक दुर्ग क्षेत्र का दौरा कर वहां पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के दौरान बनने वाली यातायात स्थिति एवं जाम की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने दुर्ग मार्ग पर यातायात को सुचारू एवं सुरक्षित बनाए रखने, वाहनों की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने तथा पर्यटकों एवं आमजन को अनावश्यक असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से कानून-व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी तथा आमजन के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि आमजन की सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम तथा शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नियमित गश्त, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों की समय-समय पर समीक्षा, प्रभावी यातायात प्रबंधन तथा आवश्यकता अनुसार नाकाबंदी की व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी, ताकि आमजन एवं पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

Badgaon, Udaipur | Jul 18, 2026

सपनों को पाने के लिए बिना मेहनत की नींद चाहिए और लक्ष्य को पाने के लिए बिना नींद की मेहनत चाहिए- कृति 
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सपनों को पाने के लिए बिना मेहनत की नींद चाहिए और लक्ष्य को पाने के लिए बिना नींद की मेहनत चाहिए- कृति #neet #allen #allenudaipur #mewar #trendingudaipur

Badgaon, Udaipur | Jul 18, 2026

ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत ने किया शिल्पग्राम का भ्रमण
- लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों से हुए भावविभोर
- आदिवासी संस्कृति संरक्षण पर हुई चर्चा
- भारत-ऑस्ट्रेलिया सांस्कृतिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा

उदयपुर, 17 जुलाई। ऑस्ट्रेलिया के कॉन्सुल जनरल पॉल मर्फी एवं उनके प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के शिल्पग्राम का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने शिल्पग्राम के चौपाल मंच पर प्रस्तुत लंगा गायन, डांगी नृत्य, पोवाड़ा, कालबेलिया एवं भवाई जैसी लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया तथा कलाकारों के साथ संवाद कर सामूहिक छायाचित्र भी खिंचवाए।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे की पहल पर राजस्थान की आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से संभावित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने शिल्पग्राम का भ्रमण कर यहां की सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के एबोरिजिनल समुदाय और राजस्थान के आदिवासी समाज के बीच सांस्कृतिक संरक्षण एवं आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। राज्यपाल के निर्देशानुसार इस दिशा में केन्द्र स्तर पर आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल का शिल्पग्राम के मुख्य द्वार पर पारंपरिक रूप से तिलक एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के उप निदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत ने उन्हें शिल्पग्राम परिसर का भ्रमण कराया तथा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक झोपड़ियों, स्कल्पचर पार्क और ग्रामीण जीवन शैली की जानकारी दी। इस दौरान श्री पॉल मर्फी ने शिल्पग्राम प्रांगण में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण भी किया।
प्रतिनिधिमंडल ने शिल्पग्राम में आयोजित विशेष सांस्कृतिक संध्या का अवलोकन किया, जिसमें लंगा, डांगी, पोवाड़ा, कालबेलिया एवं भवई जैसी पश्चिम भारत की प्रसिद्ध लोककलाओं की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों ने पश्चिम भारत की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक विरासत का परिचय कराया तथा भारतीय लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के सतत प्रयासों को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में श्री पॉल मर्फी ने शिल्पग्राम में प्रस्तुत लोककलाओं एवं कलाकारों की सराहना करते हुए इसे भारतीय पारंपरिक कला एवं शिल्प संरक्षण का एक अद्वितीय केन्द्र बताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई महावाणिज्य दूतावास को हाल ही में राजस्थान की कांसुल जनरल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इससे पहले महावाणिज्य दूतावास गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के लिए जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि इस विस्तारित दायित्व के तहत राजस्थान के सांस्कृतिक एवं आर्थिक क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों के साथ संवाद स्थापित कर सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
उन्होंने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के बड़ी संख्या में लोग दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किशनराव बागड़े के मार्गदर्शन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा भविष्य में अनेक साझा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पश्चिमी भारत में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत श्री पॉल मर्फी ने किया। उनके साथ सुश्री ऐश्वर्या वर्मा, रिसर्च ऑफिसर (पॉलिसी) तथा सुश्री नाज़नीन लूथर, एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट (प्रोटोकॉल एवं मीडिया) भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का संचालन सिद्धांत भटनागर ने किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, दयाराम सुथार सहित केन्द्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत ने किया शिल्पग्राम का भ्रमण - लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों से हुए भावविभोर - आदिवासी संस्कृति संरक्षण पर हुई चर्चा - भारत-ऑस्ट्रेलिया सांस्कृतिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा उदयपुर, 17 जुलाई। ऑस्ट्रेलिया के कॉन्सुल जनरल पॉल मर्फी एवं उनके प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के शिल्पग्राम का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने शिल्पग्राम के चौपाल मंच पर प्रस्तुत लंगा गायन, डांगी नृत्य, पोवाड़ा, कालबेलिया एवं भवाई जैसी लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया तथा कलाकारों के साथ संवाद कर सामूहिक छायाचित्र भी खिंचवाए। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे की पहल पर राजस्थान की आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऑस्ट्रेलिया के सहयोग से संभावित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने शिल्पग्राम का भ्रमण कर यहां की सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के एबोरिजिनल समुदाय और राजस्थान के आदिवासी समाज के बीच सांस्कृतिक संरक्षण एवं आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। राज्यपाल के निर्देशानुसार इस दिशा में केन्द्र स्तर पर आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल का शिल्पग्राम के मुख्य द्वार पर पारंपरिक रूप से तिलक एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के उप निदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत ने उन्हें शिल्पग्राम परिसर का भ्रमण कराया तथा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक झोपड़ियों, स्कल्पचर पार्क और ग्रामीण जीवन शैली की जानकारी दी। इस दौरान श्री पॉल मर्फी ने शिल्पग्राम प्रांगण में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण भी किया। प्रतिनिधिमंडल ने शिल्पग्राम में आयोजित विशेष सांस्कृतिक संध्या का अवलोकन किया, जिसमें लंगा, डांगी, पोवाड़ा, कालबेलिया एवं भवई जैसी पश्चिम भारत की प्रसिद्ध लोककलाओं की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों ने पश्चिम भारत की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक विरासत का परिचय कराया तथा भारतीय लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। अपने संबोधन में श्री पॉल मर्फी ने शिल्पग्राम में प्रस्तुत लोककलाओं एवं कलाकारों की सराहना करते हुए इसे भारतीय पारंपरिक कला एवं शिल्प संरक्षण का एक अद्वितीय केन्द्र बताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई महावाणिज्य दूतावास को हाल ही में राजस्थान की कांसुल जनरल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इससे पहले महावाणिज्य दूतावास गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के लिए जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि इस विस्तारित दायित्व के तहत राजस्थान के सांस्कृतिक एवं आर्थिक क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों के साथ संवाद स्थापित कर सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशा जाएगा। उन्होंने पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के बड़ी संख्या में लोग दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किशनराव बागड़े के मार्गदर्शन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा भविष्य में अनेक साझा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पश्चिमी भारत में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत श्री पॉल मर्फी ने किया। उनके साथ सुश्री ऐश्वर्या वर्मा, रिसर्च ऑफिसर (पॉलिसी) तथा सुश्री नाज़नीन लूथर, एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट (प्रोटोकॉल एवं मीडिया) भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन सिद्धांत भटनागर ने किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी, अधीक्षण अभियंता सी.एल. सालवी, दयाराम सुथार सहित केन्द्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Badgaon, Udaipur | Jul 17, 2026

जामुन स्पेशल स्टोरी - DiPR सुजस समाचार
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जामुन स्पेशल स्टोरी - DiPR सुजस समाचार #rajdhani_khabar #viralvideos #udaipur #dipr #jamun

Badgaon, Udaipur | Jul 17, 2026