
पश्चिम बंगाल विधानसभा बनेगी डिजिटल, राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
Election Commission of India Suvendu Adhikari
नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा को पूर्णतः डिजिटल और कागजरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) के कार्यान्वयन के लिए गुरुवार को त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा देश की 33वीं विधानसभा बन गई है, जो नेवा पहल से जुड़ गई है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, विधि एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन तथा पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष की उपस्थिति में संपन्न हुए। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विधायी संस्थाओं में डिजिटल परिवर्तन समय की आवश्यकता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा को पूर्ण डिजिटल सदन बनाने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक संस्थाओं के आधुनिकीकरण और तकनीक आधारित शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि डिजिटल मंचों के माध्यम से विधायी कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकता है। इससे जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सूचनाएं समय पर उपलब्ध होंगी और कार्यप्रणाली में दक्षता बढ़ेगी। वहीं डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि तकनीक के उपयोग से नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी, पारदर्शिता को बल मिलेगा तथा विधायी सूचनाओं तक लोगों की पहुंच और अधिक आसान होगी।पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने विश्वास व्यक्त किया कि नेवा के लागू होने से विधानसभा की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनेगी। संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव निकुंज बिहारी ढल ने इसे विधायी डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। समझौता ज्ञापन पर संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से अपर सचिव एवं मिशन लीडर (नेवा) डॉ. सत्य प्रकाश, पश्चिम बंगाल विधानसभा की ओर से प्रधान सचिव सौमेंद्र नाथ दास तथा पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से संसदीय कार्य विभाग की विशेष सचिव सम्पा धर ने हस्ताक्षर किए। गौरतलब है कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन संसदीय कार्य मंत्रालय की एक मिशन मोड परियोजना है, जिसका उद्देश्य देशभर की विधानसभाओं और विधान परिषदों के कामकाज को एकीकृत डिजिटल मंच के माध्यम से आधुनिक और कागजरहित बनाना है। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के अनुरूप संचालित की जा रही है।
नेवा मंच के माध्यम से प्रश्न, विधेयक, नोटिस, आश्वासन, समिति कार्य, कार्यसूची, बुलेटिन तथा सदन की अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों का संचालन डिजिटल रूप से किया जा सकेगा। इसके साथ ही विधायी दस्तावेजों और कार्यवाहियों का स्थायी डिजिटल अभिलेख भी तैयार होगा। संसदीय कार्य मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में देश की 21 विधानसभाएं नेवा मंच के माध्यम से सफलतापूर्वक पूर्णतः डिजिटल और कागजरहित सदनों में परिवर्तित हो चुकी हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा का इस पहल से जुड़ना ‘एक राष्ट्र-एक अनुप्रयोग’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।