#पौड़ी की 126 साल पुरानी रामलीला की परंपरा कायम, पर्यावरण संरक्षण का भी रखा जा रहा ध्यान
पौड़ी की ऐतिहासिक रामलीला में विजयदशमी पर इस बार 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। खास बात यह है कि पुतले का निर्माण स्थानीय कलाकार स्वयं करते हैं। इसके लिए न तो मैदानी क्षेत्रों से कारीगर बुलाए जाते हैं और न ही बाहर से सामग्री मंगाई जाती है।
रामलीला कमेटी के सदस्य मंगल सिंह रावत पिछले 25 वर्षों से रावण का पुतला तैयार कर रहे हैं। पुतले के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण रहित सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रामलीला कमेटी के संरक्षक आशुतोष नेगी और अध्यक्ष उमाचरण बड़थ्वाल के अनुसार, विजयदशमी की रात मेघनाद व कुंभकरण वध के मंचन के बाद रावण दहन किया जाएगा। रात करीब 10 बजे रावण के पुतले का दहन होगा, जबकि 21 अक्टूबर को झांकी के आयोजन के बाद रामलीला का समापन किया जाएगा।
पौड़ी की यह ऐतिहासिक परंपरा स्थानीय कलाकारों की मेहनत, सामूहिक सहयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है।
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Pauri, Garhwal | Oct 20, 2026