
जयपुर में आधी रात एक फ्लैट में लगी आग के बीच कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत ने अपनी जान की परवाह किए बिना ऐसा साहस दिखाया कि सात लोगों की जिंदगी बच गई। धुएं से भरे फ्लोर पर फंसे लोगों के लिए वह उस वक्त किसी फरिश्ते से कम नहीं थे।
घटना सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे की है। कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत अपने साथी सिपाही छितरमल के साथ डायल 112 वाहन पर ड्यूटी कर रहे थे। खातीपुरा मोड़ के पास से गुजरते समय पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि सिरसी रोड स्थित मुस्कान रेजिडेंसी की तीसरी मंजिल पर आग लगी है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम करीब तीन मिनट में मौके पर पहुंच गई। वहां लोगों की भीड़ जमा थी और बताया गया कि दो फ्लैटों में कुल सात लोग फंसे हुए हैं। आग के कारण पूरे फ्लोर पर धुआं फैल चुका था और अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने धुएं के बीच पहुंचकर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस दौरान एक बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर सुरक्षित बाहर लाने का उनका साहस लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
सुरेश चंद शेरावत जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित माचवा गांव के रहने वाले हैं। वर्ष 2013 में वह राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए थे और पिछले करीब दो वर्षों से जयपुर आयुक्तालय के वैशाली नगर थाने में तैनात हैं।
आधी रात आग की सूचना मिलने के बाद जिस तरह उन्होंने बिना अपनी सुरक्षा की चिंता किए बचाव अभियान में हिस्सा लिया, उसकी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी सराहना की है। बताया गया है कि अधिकारियों ने फोन कर कांस्टेबल सुरेश चंद शेरावत के साहस की तारीफ की।
एक पुलिसकर्मी के लिए ड्यूटी सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त लोगों की जिंदगी बचाने का जिम्मा भी है। सुरेश चंद शेरावत की इस बहादुरी ने इसी जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है।
Gormi, Bhind | Aug 12, 2026