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Bhind breaking news

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खबर का हुआ असर गोरमी की कल्याण पूरा रोड पर डाली गई गिट्टी
सुन लो SP और कलेक्टर.... जीतू पटवारी
भिंड: गोरमी की कल्याणपुर रोड बनी ‘गड्ढों की सड़क’, बरसात में हर कदम पर हादसे का खतरा

<nis:link nis:type=tag nis:id=bhindbreakingnews nis:value=BhindBreakingNews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=गोरमी nis:value=गोरमी nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=कल्याणपुररोड nis:value=कल्याणपुररोड nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=बदहालसड़क nis:value=बदहालसड़क nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=गड्ढोंकीसड़क nis:value=गड्ढोंकीसड़क nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=नगरपरिषद nis:value=नगरपरिषद nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=बरसात nis:value=बरसात nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=सड़कसुरक्षा nis:value=सड़कसुरक्षा nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=जनसमस्या nis:value=जनसमस्या nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=roadsafety nis:value=RoadSafety nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyapradesh nis:value=MadhyaPradesh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bhindnews nis:value=BhindNews nis:enabled=true nis:link/>
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की विदेश में पढ़ाई, छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और हाउस रेंट को लेकर उठे सवालों के बीच पार्टी ने पलटवार किया है। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पार्टी अपने दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए तैयार है, लेकिन उससे पहले सरकार को पीएम केयर्स फंड और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

मीडिया से बातचीत में सौरव दास ने कहा कि अभिजीत दिपके पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं तो वह भी अपनी डिग्री, छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए तैयार हैं।

सौरव दास ने कहा कि सरकार पहले पीएम केयर्स फंड का ऑडिट कराए, साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी मांग की कि भारतीय जनता पार्टी को मिलने वाली फंडिंग के स्रोतों की जानकारी भी सार्वजनिक की जाए। उनका कहना था कि यदि उनकी पार्टी से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं तो दूसरे पक्ष को भी पारदर्शिता दिखानी चाहिए।

हाउस रेंट और अन्य आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि इन मुद्दों पर जो खबरें और चर्चाएं चल रही हैं, वे उनके अनुसार बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि इन बातों को देखकर ऐसा लगता है कि इन पर स्टैंड-अप कॉमेडी बनाई जा सकती है और लोगों को इन्हें उसी नजरिए से देखना चाहिए।

पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद सौरव दास ने कहा कि हालिया प्रदर्शन के बाद आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा की जा रही है। उनके अनुसार पार्टी इस अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने की योजना बना रही है और 6 अगस्त को आगे की रणनीति सार्वजनिक करेगी।

इससे पहले अभिजीत दिपके ने भी कहा था कि उन्होंने अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण की मदद से पढ़ाई की है। उनका कहना है कि वह अपनी छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और डिग्री से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने को तैयार हैं, यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं।

दिपके ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों के पीछे केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस आरोप पर संबंधित एजेंसियों या सरकार की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल हाउस रेंट, पढ़ाई और वित्तीय दस्तावेजों को लेकर उठे सवालों पर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में पुलिस ने 21 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इनमें तीन महिलाएं और सात बच्चे भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह समूह जम्मू से दो वाहनों में सवार होकर कश्मीर घाटी की ओर जा रहा था, तभी पुलिस ने नियमित जांच के दौरान इन्हें रोक लिया।

पुलिस के अनुसार, रविवार को रामबन जिले के एक चेकपॉइंट पर नियमित वाहन जांच के दौरान दोनों गाड़ियों को रोका गया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के समय समूह में शामिल कोई भी व्यक्ति भारत में अपने वैध प्रवास या यात्रा से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद सभी 21 लोगों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस केंद्र भेज दिया गया।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि यह सभी बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जानकारी से पता चला है कि यह समूह कथित तौर पर असम के रास्ते भारत में प्रवेश करने के बाद ट्रेन से जम्मू पहुंचा था और वहां से काम की तलाश में कश्मीर घाटी जा रहा था।

पुलिस अब इस पूरे मामले के पीछे किसी स्थानीय या अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन लोगों को भारत में प्रवेश कराने, एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने या घाटी तक ले जाने में किसी संगठित गिरोह की मदद तो नहीं मिली।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सभी लोगों से पूछताछ जारी है। उनकी राष्ट्रीयता, यात्रा मार्ग और भारत में मौजूदगी से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वे वास्तव में अवैध प्रवासी हैं या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=झारखंड nis:value=झारखंड nis:enabled=true nis:link/> में जारी छात्र आंदोलन को अब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। इस दावे के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रख रहे हैं। आंदोलन में शामिल एक छात्र ने कहा, "हम लोग सोनम सर के पदचिन्हों पर चल रहे हैं। यदि सरकार आने वाले कुछ दिनों में हमारी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती है, तो हम भूख हड़ताल शुरू करेंगे।"

आंदोलन के संयोजक देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, छात्रों की मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है और अब उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों से भी समर्थन मिल रहा है। उनका कहना है कि सरकार को छात्रों की बात सुनकर जल्द समाधान निकालना चाहिए।

फिलहाल, सोनम वांगचुक की ओर से इस समर्थन को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, सरकार की ओर से भी छात्रों की नई चेतावनी पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

झारखंड का यह छात्र आंदोलन अब नए चरण में प्रवेश करता दिख रहा है। यदि तय समय के भीतर मांगों पर कोई समाधान नहीं निकलता, तो छात्रों ने आंदोलन को भूख हड़ताल के रूप में आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।
<nis:link nis:type=tag nis:id=राजस्थान nis:value=राजस्थान nis:enabled=true nis:link/> की राजधानी जयपुर की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने मध्य प्रदेश पुलिस के तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा को एक चर्चित आपराधिक मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने महिला से दुष्कर्म और उसकी नाबालिग पुत्री के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में यह फैसला सुनाया।

अदालत के फैसले के अनुसार, दोषी ने पीड़िता के पति की जेल से जुड़े मामले में मदद का भरोसा दिलाकर उसका विश्वास जीता। इसके बाद कथित तौर पर उसे अलग-अलग शहरों में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी होने के बावजूद अभियुक्त ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया, जबकि उसकी जिम्मेदारी आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना थी।

अदालत ने महिला से दुष्कर्म के मामले में अनिल मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, पीड़िता की नाबालिग पुत्री के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में पॉक्सो कानून के तहत तीन वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संदीप वाजपेयी और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मुकेश पाठक ने अदालत को बताया कि पीड़िता ने 11 जुलाई 2014 को जयपुर के महिला थाना (दक्षिण) में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने पर अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध मानते हुए यह फैसला सुनाया।

यह फैसला इस बात का महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति अपने पद या प्रभाव के कारण जवाबदेही से ऊपर नहीं है। अदालत ने अपने निर्णय में पीड़िता के साथ हुए अपराध की गंभीरता और अभियुक्त के पद की जिम्मेदारी को भी महत्वपूर्ण आधार माना।
<nis:link nis:type=tag nis:id=कॉकरोच nis:value=कॉकरोच nis:enabled=true nis:link/> जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके क्या खुद को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बराबर समझने लगे हैं? यह बड़ा सवाल पूर्व विदेश सचिव और दिग्गज एक्सपर्ट कंवल सिब्बल ने उठाया है। दरअसल, अभिजीत दिपके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते दिख रहे हैं कि वे अपने स्कॉलरशिप के दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हैं और इसी के साथ वे पीएम मोदी से भी अपनी डिग्री दिखाने का अनुरोध करते हैं।
​दिपके के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व वरिष्ठ राजनयिक कंवल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर वीडियो शेयर कर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि हो सकता है यह छोटा सा वीडियो पूरा सच न दिखाए, लेकिन इससे साफ जाहिर होता है कि दिपके खुद को देश के प्रधानमंत्री के समकक्ष और उनका प्रतिद्वंद्वी मान बैठे हैं। पीएम मोदी की डिग्री पर सवाल उठाकर खुद से तुलना करने के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
​<nis:link nis:type=tag nis:id=abhijitdipke nis:value=AbhijitDipke nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=kanwalsibal nis:value=KanwalSibal nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pmmodi nis:value=PMModi nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=narendramodi nis:value=NarendraModi nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=politicsnews nis:value=PoliticsNews nis:enabled=true nis:link/>
_मोदी तेरे जंवाई हैं क्या...__ लाठीचार्ज के बाद भड़के महिपाल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत 6 अगस्त को देशभर के 100 से अधिक शहरों के 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइटेड नेशन्स' (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ पर आयोजित वार्षिक चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर होगा।

जानकारी के अनुसार, इस संवाद में देशभर के विभिन्न शहरों से हजारों छात्र शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के साथ नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और भविष्य की चुनौतियों जैसे विषयों पर संवाद स्थापित करना बताया जा रहा है।

यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब हाल के दिनों में युवाओं से जुड़े विभिन्न आंदोलनों और राजनीतिक चर्चाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। इसी कारण सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम को लेकर भी व्यापक चर्चा हो रही है। हालांकि, RSS या कार्यक्रम आयोजकों ने इस संवाद को किसी विशेष आंदोलन या संगठन से जोड़कर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

IIMUN की वार्षिक चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस देशभर के विद्यार्थियों को संवाद और नेतृत्व से जुड़े मंच उपलब्ध कराने के लिए जानी जाती है। इसी मंच से मोहन भागवत पहली बार एक साथ 100 से अधिक शहरों के छात्रों को संबोधित करेंगे और उनके सवालों का भी जवाब दे सकते हैं।

फिलहाल इस कार्यक्रम को लेकर छात्रों और सामाजिक-राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। सभी की नजरें 6 अगस्त को होने वाले इस संवाद पर हैं, जिसमें युवाओं के लिए RSS प्रमुख का संदेश और विभिन्न मुद्दों पर उनके विचार सामने आने की संभावना है।
दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष को किया
उत्तर प्रदेश के आगरा में  <nis:link nis:type=tag nis:id=साध्वी nis:value=साध्वी nis:enabled=true nis:link/> प्राची का एक बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन युवतियों पर टिप्पणी की, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है।

मीडिया से बातचीत के दौरान साध्वी प्राची ने कहा कि लोग उन युवतियों की तस्वीरें अपने मोबाइल में सुरक्षित रख लें, "कहीं वे आपके घर की बहू न बन जाएं।" उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

साध्वी प्राची ने अपने बयान में प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

वहीं, इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने साध्वी प्राची के बयान का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसे अनुचित और विवादित टिप्पणी बताया। फिलहाल, इस बयान पर संबंधित प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह मामला राजनीतिक विमर्श में भाषा की मर्यादा और सार्वजनिक बयानों की सीमाओं को लेकर एक नई बहस का विषय बन गया है।
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मां की मेहनत और त्याग का <nis:link nis:type=tag nis:id=कर्ज nis:value=कर्ज nis:enabled=true nis:link/> शायद कभी पूरी तरह नहीं चुकाया जा सकता, लेकिन एक बेटे ने अपनी मां को ऐसा तोहफा दिया जिसने लाखों लोगों को भावुक कर दिया। करीब 10 साल तक जिस घर में मां घरेलू सहायक के रूप में सफाई का काम करती रहीं, उसी घर की चाबी एक दिन बेटे ने उनके हाथों में थमा दी। यह पल सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है।

वायरल वीडियो में बेटा अपनी <nis:link nis:type=tag nis:id=मां nis:value=मां nis:enabled=true nis:link/> को उस घर के बाहर लेकर जाता है, जहां उन्होंने वर्षों तक काम किया था। पहले तो मां को कुछ समझ नहीं आता, लेकिन जैसे ही बेटा उनके हाथ में घर की चाबी रखकर बताता है कि अब यह घर उनका अपना है, वह भावुक हो जाती हैं। उनकी आंखों से खुशी के आंसू बहने लगते हैं और वह बेटे को गले लगा लेती हैं। वहां मौजूद लोग भी इस भावुक पल के गवाह बनते हैं।

बताया गया है कि इस सपने को पूरा करने में हाउसिंग प्लेटफॉर्म <nis:link nis:type=tag nis:id=housiey nis:value=Housiey nis:enabled=true nis:link/> ने भी सहयोग किया। हालांकि, लोगों का कहना है कि इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत किसी ब्रांड का नाम नहीं, बल्कि एक बेटे का अपनी मां के संघर्ष, मेहनत और त्याग के प्रति सम्मान है।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हजारों लोग मां-बेटे के इस रिश्ते की सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि जिंदगी की सबसे बड़ी सफलता वही है, जब इंसान अपने माता-पिता के अधूरे सपनों को पूरा कर सके।

यह कहानी केवल एक घर खरीदने की नहीं, बल्कि उस मां के संघर्ष को सलाम करने की है, जिसने वर्षों तक दूसरों के घर संवारकर अपने परिवार का भविष्य बनाया और आखिरकार उसी घर की मालकिन बन गई, जहां कभी वह काम करने जाया करती थीं।
बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में शुमार पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान पटना साहिब से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का एक विवादित बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल हो रहे इस बयान में रविशंकर प्रसाद को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, "बांकीपुर से कुत्ता-बिल्ली भी लड़ा देंगे तो BJP जीत जाएगी।"
विरोधी दलों का आरोप है कि यह बयान बीजेपी के 'राजनीतिक अहंकार' को दर्शाता है। जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भी इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि बांकीपुर की जनता अब इस तरह के अति-आत्मविश्वास और अहंकार को बर्दाश्त नहीं करेगी और चुनाव नतीजों के जरिए इसका करारा जवाब देगी।
बीजेपी का पारंपरिक गढ़ रही है बांकीपुर सीट
गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले तीन दशकों से भारतीय जनता पार्टी का अभेद्य किला मानी जाती रही है। पूर्व विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर जीत बरकरार रखने के लिए बीजेपी ने पूरा ज़ोर लगाया था। हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान आया रविशंकर प्रसाद का यह बयान अब बीजेपी के लिए गले की फांस बनता दिख रहा है।
दतिया उपचुनाव हारने के बाद मोहन यादव का बड़ा बयान..
वीडियो हुआ वायरल
ब्रेकिंग- दतिया चुनाव हार के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी ने भितरघात के लगाए आरोप..
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