
नमो ड्रोन दीदी से लखपति दीदी बनीं अंबिका राणा, स्वरोजगार से लिख रही सफलता की नई कहानी
पंचकूला, 1 अक्तूबर। देव दर्शन शर्मा की रिपोर्ट।
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को ऋण और प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे वे अपना रोजगार शुरू कर आमदनी अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
ग्राम पंचायत भोज कोठी, मोरनी की अंबिका राणा ऐसी ही सफल महिलाओं में शामिल हैं। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से ऋण और प्रशिक्षण प्राप्त कर अंबिका राणा पंचकूला जिले की पहली ‘ड्रोन दीदी’ बनी हैं। नमो ड्रोन दीदी से लखपति दीदी तक का उनका सफर महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल है।
अंबिका राणा ने बताया कि उन्होंने नगर खेड़ा महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। ऋण और प्रशिक्षण की मदद से उन्होंने स्वरोजगार के कई कार्य शुरू किए। इनमें नमो ड्रोन दीदी प्रशिक्षण के बाद ड्रोन सेवा, सिलाई कार्य, ब्यूटी पार्लर, ग्रामीण नागरिक सेवा केंद्र और बैंक सखी के रूप में वित्तीय सेवाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से वह सालाना करीब 2 से 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसमें ड्रोन सेवा से लगभग 60 हजार रुपये तथा अन्य कार्यों से करीब 1.40 लाख से 2.40 लाख रुपये तक की आय शामिल है।
अंबिका राणा ने जिले की अन्य महिलाओं से अपील की कि वे हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की योजनाओं का लाभ उठाएं और प्रशिक्षण व ऋण सुविधाओं का उपयोग कर अपना स्वरोजगार स्थापित करें। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के बल पर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
अंबिका राणा की सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और महिला के स्वयं के प्रयासों के समन्वय से ग्रामीण महिलाएं नए अवसर पैदा कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।