
तेज डीजे की आवाज के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा सुल्तानपुर का मुद्दा
घर सुल्तानपुर फाउंडेशन ने दाखिल की जनहित याचिका, 6 अक्टूबर को पहली सुनवाई
सुल्तानपुर-तेज आवाज में डीजे बजाने और उससे होने वाले ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सुल्तानपुर में चल रही मुहिम अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच तक पहुंच गई है। घर सुल्तानपुर फाउंडेशन की ओर से इस संबंध में जनहित याचिका दाखिल की गई है, जो WPIL No. 965/2026 के रूप में पंजीकृत है। मामले की पहली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को डिवीजन बेंच के समक्ष निर्धारित है।
निस्वार्थ सेवा व पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने वाली संस्था घर सुलतानपुर फाउंडेशन की ओर से राघवेंद्र प्रताप सिंह याचिकाकर्ता हैं, जबकि सचिन सिंह एवं डी.पी.गुप्ता सहयोगी के रूप में जुड़े हैं। याचिका की पैरवी अधिवक्ता अभिषेक तिवारी एवं उत्कर्ष मिश्रा कर रहे हैं।
याचिका में प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव,गृह विभाग,पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जिलाधिकारी सुल्तानपुर,पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,नगर पालिका परिषद सुल्तानपुर तथा जिला मेला समिति के अध्यक्ष को प्रतिवादी बनाया गया है।
मामला Public Interest Litigation (WPIL) श्रेणी में दर्ज है। इसकी फाइलिंग तिथि 30 सितंबर 2026 तथा रजिस्ट्रेशन तिथि 2 अक्टूबर 2026 दर्ज है।
सुल्तानपुर में पिछले कुछ समय से तेज आवाज वाले डीजे और ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे को लेकर नागरिकों, चिकित्सकों,वरिष्ठ नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही है।
घर सुल्तानपुर फाउंडेशन ने भी इस मुद्दे को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाते हुए तेज डीजे की आवाज एवं वाइब्रेशन के खिलाफ शांति मार्च का आयोजन किया था।
फाउंडेशन का कहना है कि अत्यधिक तेज ध्वनि से बच्चों, बुजुर्गों,बीमार व्यक्तियों सहित आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में निर्धारित ध्वनि मानकों और नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
जनहित याचिका के हाईकोर्ट पहुंचने के बाद इस मुद्दे को लेकर जिले में चर्चा तेज हो गई है। अब लोगों की निगाहें 6 अक्टूबर की पहली सुनवाई पर टिकी हैं और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्यायालय इस जनहित के मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।