राज्यसभा में प्रतापगढ़ की सियासी धमक, तीन सांसदों के बाद राधाकांत ओझा पर टिकी निगाहें
प्रतापगढ़। राजनीति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाला प्रतापगढ़ अब राज्यसभा में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। वर्तमान में प्रतापगढ़ से जुड़े तीन नेता राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और अब भाजपा ने जिले की मिट्टी से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का प्रत्याशी घोषित किया है। ऐसे में राधाकांत ओझा के राज्यसभा पहुंचने पर प्रतापगढ़ से जुड़े राज्यसभा सदस्यों की संख्या चार होने की स्थिति बन रही है। भाजपा ने यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में राधाकांत ओझा समेत आठ प्रत्याशियों की घोषणा की है।
राधाकांत ओझा इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1988 में हाईकोर्ट में वकालत शुरू की थी। उनके छोटे भाई प्रो. शिवाकांत ओझा भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे हैं।
प्रतापगढ़ का राजनीतिक इतिहास भी काफी समृद्ध रहा है। कालाकांकर रियासत के राजा दिनेश सिंह केंद्र सरकार में भारी उद्योग, जल संसाधन, वाणिज्य और विदेश जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मानिकपुर नवाब खानदान से जुड़े निगाह हसन उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। पट्टी क्षेत्र से जुड़े प्रो. वासुदेव सिंह भी प्रदेश सरकार में मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रहे।
प्रतापगढ़ की राजनीति से जुड़े कई अन्य नेताओं ने भी प्रदेश और केंद्र की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। राजा अजीत प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे। कुंडा क्षेत्र के राजा भैया प्रदेश की अलग-अलग सरकारों में मंत्री रहे। रामपुर खास से लगातार कई बार विधायक रहे प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहने के बाद राज्यसभा पहुंचे और वर्तमान में राजस्थान से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य हैं।
प्रतापगढ़ से जुड़े इमरान प्रतापगढ़ी भी महाराष्ट्र से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य हैं। वहीं भाजपा नेता अमर पाल मौर्य, जिनका संबंध कुंडा क्षेत्र से है, भी राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस तरह वर्तमान समय में प्रतापगढ़ से जुड़े तीन नेताओं की राज्यसभा में मौजूदगी है।
प्रदेश की राजनीति में प्रो. शिवाकांत ओझा, स्वामी प्रसाद मौर्य, स्व. राजा राम पांडेय, बृजेश शर्मा, राजेंद्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह' और डॉ. महेंद्र सिंह जैसे नेताओं ने भी अलग-अलग सरकारों में मंत्री पद संभालकर प्रतापगढ़ की राजनीतिक पहचान को मजबूत किया।
अब भाजपा द्वारा राधाकांत ओझा को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद जिले की राजनीतिक चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। 16 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान प्रस्तावित है। राधाकांत ओझा का प्रत्याशी बनना प्रतापगढ़ के लिए राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
इस तरह, यदि राधाकांत ओझा राज्यसभा के लिए निर्वाचित होते हैं तो प्रतापगढ़ की मिट्टी से जुड़े राज्यसभा सदस्यों की संख्या चार हो जाएगी, जो जिले की राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय से रही प्रभावशाली मौजूदगी को दर्शाएगी।