शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सरप्लस मामले में 'स्टेटस को' लागू, जो जहां हैं वहीं रहेंगे**
`पटना`
पटना उच्च न्यायालय ने राज्य के शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन (सरप्लस ट्रांसफर) मामले में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत देने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने पूरे मामले पर 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद अब जो शिक्षक जिस स्थान पर कार्यरत हैं, वे फिलहाल वहीं बने रहेंगे।
यह अहम आदेश माननीय न्यायमूर्ति अजीत कुमार की एकल पीठ ने याचिका संख्या CWJC 12326/2026 पर सुनवाई करते हुए पारित किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होने तक "जो शिक्षक जहां हैं, वहीं रहेंगे।"
कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ललित किशोर और अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार सिंह ने मजबूती से रखा। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि सरप्लस के नाम पर किए जा रहे स्थानांतरण की प्रक्रिया में कई विसंगतियां हैं, जिससे शिक्षकों को काफी मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दलीलों को सुनने के बाद पीठ ने शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगाने के समतुल्य 'स्टेटस को' का निर्देश जारी किया।
उच्च न्यायालय के इस फैसले से राज्यभर के उन हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो सरप्लस सूची और संभावित तबादलों को लेकर अनिश्चितता के साए में थे। कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब शिक्षा विभाग को अपनी अगली रणनीति और जवाब दाखिल करने तक स्थानांतरण प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति को ज्यों का त्यों बनाए रखना होगा।
*Note- यह खबर सोशल मीडिया से प्राप्त हुई है।*