
विक्टोरियागंज माइनर सूखी, धान की रोपाई पर संकट: किसानों ने कैनाल विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
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#हरदोई: धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में अहिरोरी के विक्टोरियागंज माइनर में पानी न आने से क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष विकास सिंह चौहान ने विक्टोरियागंज माइनर का निरीक्षण कर सूखी पड़ी माइनर की स्थिति दिखाई और कैनाल विभाग पर किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि समरेहटा से पिपरी तक माइनर में बालू, सिल्ट और कचरा जमा होने के कारण पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित है। इससे हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित हो रही है और किसान धान की रोपाई के लिए पानी को तरस रहे हैं। उनका कहना है कि मार्च माह से ही माइनर में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया है।
विकास सिंह चौहान ने बताया कि लगभग आठ दिन पहले कैनाल विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) से वार्ता हुई थी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जेसीबी मशीन से दो-तीन दिन के भीतर माइनर की सफाई कराकर हेड से टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि बाद में विभाग की अवर अभियंता (जेई) सोनम पाल से भी फोन पर बात हुई। जेई ने कहा कि सफाई के लिए टेंडर की प्रक्रिया होगी और जहां अधिक सिल्ट जमा है, वहां जेसीबी से सफाई कराई जाएगी। बावजूद इसके अब तक माइनर की सफाई शुरू नहीं हो सकी है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि हर वर्ष यही स्थिति बनी रहती है। माइनर में समय पर सफाई नहीं होने से सिंचाई का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पाता और उन्हें मजबूरी में बोरिंग व पंपसेट के सहारे महंगे डीजल से सिंचाई करनी पड़ती है। किसानों का कहना है कि डीजल और खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसल से उतनी आय नहीं हो पा रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि कैनाल विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं करते। उनका कहना है कि सरकार किसानों की सुविधा के लिए सिंचाई व्यवस्था पर खर्च करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका लाभ नहीं मिल रहा है।
किसानों ने मांग की है कि विक्टोरियागंज माइनर की तत्काल सिल्ट और कचरे की सफाई कराकर हेड से टेल तक पानी पहुंचाया जाए, ताकि धान की रोपाई समय पर पूरी हो सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
#रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज
Hardoi, Hardoi | Jul 11, 2026