
लाडली बहना की राशि बनी आत्मनिर्भरता की सीढ़ी
सब्जी बेचकर शुरू किया व्यापार, अब फ्रिज से बढ़ाई आय
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रही है। आगर-मालवा की अयोध्या बस्ती छावनी, वार्ड 16 की निवासी श्रीमती कला बाई पति श्री तेजकरण की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। योजना से मिली राशि ने न केवल उनके जीवन को संबल दिया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ कर दी।
48 हजार की राशि से जगी उम्मीद
कला बाई बताती हैं कि 10 जून 2023 को जब लाडली बहना योजना शुरू हुई तो उन्हें विश्वास नहीं था कि यह योजना उनकी जिंदगी बदल देगी। योजना की शुरुआत से जून 2026 तक उनके खाते में कुल 48,001 रुपये की राशि जमा हो चुकी है। परिवार में पति, बेटा, बहू और दो बेटियां हैं।
छोटी दुकान से बड़ी पहचान
कला बाई ने योजना की राशि को खर्च न कर उससे सब्जी की दुकान शुरू की। नियमित मेहनत और बचत से दुकान चल निकली। इसके बाद योजना की अगली किस्तों और दुकान की बचत से उन्होंने अपने घर के लिए फ्रिज खरीदा। अब वे केवल सब्जी ही नहीं, बल्कि फ्रिज की सहायता से दूध, दही, छाछ और गर्मियों में ठंडी सामग्री भी बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
योजना बनी वरदान
कला बाई कहती हैं "लाडली बहना योजना मेरे लिए वरदान से कम नहीं है। इस राशि ने मुझे अपना काम शुरू करने का हौसला दिया। आज मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हूँ और मेरा परिवार खुशहाल है।"
Dr Mohan Yadav
CM Madhya Pradesh
Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh
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