
मनोरोग से उपचारित होकर शिवम और खलील पहुंचे अपने घर
आशा आश्रय गृह से अब तक 58 मनोरोगियों को मिला पुनः परिवार का साथ
बड़वानी 20 जून 2026/मनोरोग का उपचार संभव है बशर्ते सही उपचार और सही परिवेश के साथ स्वावलंबन के नियमित कार्य से यदि किसी मनोरोगी को जोड़ दिया जाता है तो उसके सकारात्मक परिणाम बहुत जल्द प्राप्त होते हैं। इस बात का उदाहरण बना कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह के मार्गदर्शन में आशाग्राम ट्रस्ट द्वारा संचालित निराश्रित मनोरोगियों का आशा आश्रय गृह जहां से पांच वर्ष में 58 मनोरोगीयो का पारिवारिक पुनर्वास संभव हुआ है। जो अपनी सुध बुध खोकर बरसों से विभिन्न राज्यों से भटक कर बड़वानी जिले में निराश्रित जीवन जीने को विवश थे ऐसे मनोरोगी डॉ राहुल पाटीदार मनोरोग विशेषज्ञ के चिकित्सकीय परामर्श से ठीक होकर अब ट्रस्ट के प्रयासों से अपने मूल परिवार में सामान्य जीवन जी रहे हैं। ऐसे ही दो मनोरोगी खरगोन निवासी खलील जो 8 माह से तथा केरवा बड़वानी निवासी शिवम 1 वर्ष से घर से निकले हुए थे । जो अब ठीक हो चुके हैं उन्हें ट्रस्ट परिवार के द्वारा उनके जैविक परिवार के सुपुर्द कर उज्जवल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी । ट्रस्ट के सचिव डॉ चक्रेश पहाड़िया ने बताया मनोरोगी को जब टीम आश्रय गृह के द्वारा रेस्क्यू करके लाया जाता है तब उसके मनोविकारों के उपचार के साथ-साथ उसके शारीरिक फिटनेस एवं ध्यान साधना और आध्यात्म का भी समावेश कर हम उसे शीघ्र स्वस्थ होने के अनुकूल परिवेश उपलब्ध कराते हैं। जिसके परिणाम स्वरुप अल्प समय में ही मनोरोगी ठीक हो रहे हैं। उन्होंने बताया वर्तमान में 19 मनोरोगी निःशुल्क उपचार प्राप्त कर रहे हैं। इस दौरान आशाग्राम ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष डॉ मदन सिंह सोलंकी, न्यासी श्री अशोक दोषी, ट्रस्ट के श्री सचिन दुबे, श्री समाधान पाटील श्रीमती साधना भावसार एवं परिजन उपस्थित थे।
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