
*बच्चों की सुरक्षा एवं पारिवारिक सशक्तिकरण को लेकर जिला स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित*
सनोज कुमार संगम
नवादा जिला पदाधिकारी, रवि प्रकाश के दिशा-निर्देश पर आज दिनांक 25 जून, 2026 को वृहद आश्रय गृह, नवादा में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं मिरेकल फाउंडेशन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में बच्चों की सुरक्षा, देखभाल एवं पारिवारिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "Family Strengthening and Family Based Alternative Care" विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, नवादा श्री रीतेश कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित बाल संरक्षण पदाधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हित में परिवार आधारित देखभाल को प्रोत्साहित करना तथा बच्चों के संस्थागतकरण की आवश्यकता को कम करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण एवं पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना समाज एवं प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि बच्चों का संरक्षण मुख्य रूप से दो स्तरों पर किया जाता है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल केयर (Non-Institutional Care) के अंतर्गत परिवार के साथ रह रहे जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप, परवरिश एवं अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर परिवार में ही उनका समुचित विकास सुनिश्चित किया जाता है। वहीं इंस्टीट्यूशनल केयर (Institutional Care) के अंतर्गत विभिन्न बाल गृहों में आवासित बच्चों की देखभाल, संरक्षण एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है।
इस अवसर पर सहायक निदेशक ने फैमिली स्ट्रेंथनिंग (Family Strengthening) की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे के माता अथवा पिता का निधन हो जाता है, तो परिवार आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करता है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चे पर पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में परिवार को आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति, यूनिफॉर्म, साइकिल, आयुष्मान कार्ड, आवास सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं सामाजिक स्तर पर सशक्त बनाया जाना आवश्यक है, ताकि बच्चा अपने परिवार के साथ सुरक्षित वातावरण में रह सके।
उन्होंने फैमिली बेस्ड अल्टरनेटिव केयर (Family Based Alternative Care) के संबंध में बताया कि माता-पिता के निधन अथवा अन्य विशेष परिस्थितियों में बच्चों को सीधे बाल गृह में रखने के बजाय किनशिप केयर (दादा-दादी, चाचा-चाची, मामा-मामी अथवा अन्य निकट संबंधियों द्वारा देखभाल), फॉस्टर केयर, दत्तक ग्रहण (Adoption) तथा फैमिली री-इंटीग्रेशन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे बच्चों का समग्र विकास पारिवारिक वातावरण में हो सके।
कार्यक्रम में मिरेकल फाउंडेशन इंडिया के प्रतिनिधि श्री दीपक सिंह ने परिवार आधारित वैकल्पिक देखभाल की अवधारणा, उसके महत्व एवं जिला स्तर पर संचालित की जाने वाली गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने चयनित प्रखंडों में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न विभागों के समन्वय तथा बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने पर भी विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी एवं कर्मियों सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
Rajauli, Nawada | Jun 25, 2026