
भागलपुर में फर्जी शिक्षिका के नाम पर 98 लाख रुपये का गबन, डीईओ और डीपीओ निलंबित
भागलपुर जिले में फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर एचआरएमएस पोर्टल के जरिए 98.12 लाख रुपये के अवैध वेतन निकासी मामले में शिक्षा विभाग ने बेहद सख्त कदम उठाया है। विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना शशि चंदन चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन विजय कुमार पांडे द्वारा दोनों अधिकारियों के निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी होते ही पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने और विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने को लेकर अलग से पत्र जारी किया जाएगा।
यह पूरी कार्रवाई भागलपुर के जिलाधिकारी की ओर से भेजी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जिलाधिकारी ने नौ अक्टूबर को अपनी जांच रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें डीईओ चंदन कुमार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए गए थे। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से एचआरएमएस पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए सुल्तानगंज प्रखंड में फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर 98,12,773 रुपये का अवैध भुगतान किया गया। इस वित्तीय अनियमितता के उजागर होने के बाद जोगसर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत डीईओ को निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, पूर्णिया प्रमंडल कार्यालय निर्धारित किया गया है।
वहीं दूसरी ओर, फर्जी शिक्षिका को वेतन भुगतान के मामले में दर्ज प्राथमिकी के आलोक में डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी। उन्हें हिरासत में लिए जाने की तिथि नौ अक्टूबर 2026 से ही अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, दरभंगा प्रमंडल कार्यालय तय किया गया है। शिक्षा विभाग के इस कड़े रुख से पूरे जिले में फर्जीवाड़े में संलिप्त अन्य कर्मियों और बिचौलियों के बीच हड़कंप का माहौल बना हुआ है।
Bihar, India | Oct 22, 2026