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मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र की बड़ी कार्रवाई: मशरूम हाट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला मुख्य सरगना गिरफ्तार, जीविका दीदियों ने एसएसपी को गुलदस्ता भेंट कर जताया आभार

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में वरीय पुलिस अधीक्षक  कांतेश कुमार मिश्र के कड़े रुख और कुशल दिशा-निर्देशन के चलते एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के सख्त आदेश पर मशरूम उत्पादन और मशरूम हाट स्थापित कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना आशुतोष मंगलम को धर दबोचा गया। इस त्वरित व निर्णायक कानूनी कार्रवाई से राहत महसूस करते हुए पीड़ित जीविका दीदियों ने एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र को गुलदस्ता भेंट कर उनका हृदय से आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया। जिले के कप्तान द्वारा व्यक्तिगत रुचि लेकर की गई इस सख्त कार्रवाई से आम जनता और पीड़ितों के बीच न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त आशुतोष मंगलम ने अपनी बहन के साथ मिलकर 'Smart Gravity Agrotech Pvt. Ltd.' नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 90 से 120 दिनों के भीतर स्मार्ट हट तैयार कराने, मशीनरी व कच्चा माल देने और प्रतिमाह 11,000 से 13,000 रुपये तक के नियमित मुनाफे का सब्जबाग दिखाया जाता था। उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में बैंक की ईएमआई खुद भरने का भी झूठा आश्वासन दिया गया था।
इस गिरोह ने बोचहाँ और मुशहरी प्रखंडों में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 60-60 जीविका दीदियों के नाम पर बिहार ग्रामीण बैंक से क्रमशः 1,18,58,727 रुपये और 72,67,025 रुपये का ऋण स्वीकृत करवाकर पूरी राशि हड़प ली। इसके अतिरिक्त, सरैया थाना क्षेत्र में भी एक पीड़िता से 21 लाख रुपये की ठगी कर फर्जी चेक थमा दिए गए, जो बैंक में बाउंस हो गए।
मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने खुद कमान संभाली और विशेष जांच दल का गठन कर पूरे अनुसंधान की लगातार मॉनिटरिंग की। उनके तकनीकी और वैज्ञानिक दिशा-निर्देशों के आधार पर काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र से मुख्य अभियुक्त आशुतोष मंगलम को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी और गोपालगंज जिलों में भी इसी तरह से करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया है, जिसमें अब तक कुल 2.67 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी उजागर हो चुकी है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के कड़े आदेश पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सभी आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
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शादी के 16 महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति पर हत्या का आरोप

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वैशाली,एसएसपी शुभांक मिश्रा ने करताहा थाने का किया औचक निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

वैशाली के एसएसपी शुभांक मिश्रा ने करताहा थाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों के रख-रखाव, पेट्रोलिंग ड्यूटी और दैनिक कार्य व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और दैनिक कार्यों के निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके अलावा एसएसपी शुभांक मिश्रा ने निर्माणाधीन करताहा थाना भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भवन निर्माण की गुणवत्ता की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर नए थाना भवन को शीघ्र क्रियाशील बनाने का आदेश दिया।
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मुजफ्फरपुर आगमन पर राज्यपाल का भव्य स्वागत, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने पौधा भेंट कर की अगवानी

मुजफ्फरपुर। बिहार के माननीय राज्यपाल के मुजफ्फरपुर जिले के दौरे पर आगमन पर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा उनका आत्मीय व गरिमामय स्वागत किया गया। हेलीपैड पर आगमन के दौरान मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक  कांतेश कुमार मिश्र एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी अगवानी की।
इस अवसर पर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने माननीय राज्यपाल महोदय को आदरपूर्वक पौधा भेंट कर जिले में उनका सुस्वागतम व अभिनंदन किया। आगमन के उपरांत राज्यपाल महोदय को पुलिस बल की टुकड़ी द्वारा विधिवत 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। माननीय राज्यपाल के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े व चाक-चौबंद प्रबंध किए गए थे और कार्यक्रम स्थल पर प्रशासनिक महकमे के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मुस्तैद रहे।
जनसुनवाई में जिला पदाधिकारी ने सुनीं 102 शिकायतें।

कई मामलों का तत्काल हुआ निपटारा।

बेतिया। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी श्री तरनजोत सिंह ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं। जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे फरियादियों विनोद कुमार, फुलझरी देवी, साहेब आलम, मजबुन नेशा, विपिन सिंह, ललिता देवी, हरिशंकर सिंह, उमा देवी आदि ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।

जनसुनवाई के दौरान कुल 102 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें कई शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई में राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, भूमि विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली आपूर्ति, पेयजल, सड़क एवं मरम्मत आदि से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों की बारीकी से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। 

जनसुनवाई कार्यक्रम राज्य सरकार के ’’सात निश्चय-3’’ के तहत संचालित सबका सम्मान-जीवन आसान अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान कर पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्री काजले वैभव नितिन, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, श्री अमरेन्द्र कुमार समेत अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मोतिहारी में डकैती कांड का सफल उद्भेदन: एसपी स्वर्ण प्रभात ने घोड़ासहन, ढाका व कुंडवा चैनपुर थानाध्यक्षों समेत पूरी टीम को किया सम्मानित

मोतिहारी,जिले में हाल ही में सामने आए चर्चित डकैती कांड का त्वरित और सफल उद्भेदन करने वाली विशेष पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक  स्वर्ण प्रभात ने सम्मानित किया है। एसपी कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान पुलिस कप्तान ने मामले की गुत्थी सुलझाने और अपराधियों की गिरफ्तारी में सराहनीय भूमिका निभाने वाले सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं तकनीकी शाखा के कर्मियों की पीठ थपथपाई और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया।
डकैती की वारदात सामने आने के तुरंत बाद एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें घोड़ासहन, ढाका, कुंडवा चैनपुर सहित कई अन्य थानों के थानाध्यक्ष और जिला पुलिस बल के तेजतर्रार जवान शामिल थे। इस टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान, मानवीय इनपुट और तकनीकी निगरानी के आधार पर लगातार छापेमारी करते हुए पूरे मामले का पर्दाफाश किया तथा डकैती में शामिल अपराधियों को दबोचने में सफलता पाई।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस अवसर पर कहा कि बेहतर टीम वर्क और त्वरित कार्रवाई के दम पर ही इतने चुनौतीपूर्ण कांड का त्वरित उद्भेदन संभव हो सका है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने से बल का मनोबल बढ़ता है और उनमें कर्तव्य के प्रति नया उत्साह भरता है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराध पर पूरी तरह नकेल कसना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
मोतिहारी में एसपी स्वर्ण प्रभात की बड़ी कार्रवाई बंजरिया और पताही थानाध्यक्ष लाइन हाजिर, नए SHO की हुई तैनाती

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और पुलिसिंग में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने दो थानों के प्रभारियों पर बड़ा एक्शन लिया है। जनता से मिल रही लगातार शिकायतों और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में बंजरिया और पताही थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों थानों में नए थानाध्यक्षों की पदस्थापना की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
कार्रवाई की जानकारी देते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया कि बंजरिया थानाध्यक्ष के खिलाफ आम जनता की ओर से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए उन्हें लाइन क्लोज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, पताही थाना क्षेत्र में हाल ही में हुए हत्या के एक मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसपी ने साफ संदेश दिया है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही और जनहित की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासनिक नियंत्रण और कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए रिक्त हुए दोनों थानों में नए अधिकारियों की पोस्टिंग कर दी गई है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस अवर निरीक्षक अभिषेक कुमार (2009 बैच) को पताही थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पूर्व वे सीतामढ़ी के बेला थाना और मुजफ्फरपुर के जैतपुर थाना में थानाध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं तुर्कौलिया थाने में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक निभा कुमारी (2020 बैच) को बंजरिया थाना की नई कमान सौंपी गई है। दोनों अधिकारियों को तुरंत पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।
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मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा से JDU में सियासी हलचल, दो मंत्री पद को लेकर बढ़ी बेचैनी

पटना। केंद्र की मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल या विस्तार की चर्चाओं के बीच बिहार की सियासत में भी हलचल तेज होती नजर आ रही है। खासकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर संभावित बदलाव को लेकर तरह-तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

चर्चा है कि अगर केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है और JDU के कोटे से नए चेहरों को जगह देने का फैसला लिया जाता है, तो पार्टी के सामने पुराने और नए समीकरण के बीच संतुलन साधने की चुनौती खड़ी हो सकती है। JDU कोटे से दो सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की स्थिति में पार्टी के मौजूदा मंत्रियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठाया जा रहा है कि यदि JDU नेतृत्व केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए चेहरे को शामिल करने का फैसला करता है, तो मौजूदा समीकरण में किसे जगह छोड़नी पड़ सकती है।

हालांकि, अभी तक इस तरह के बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में इन चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

JDU के भीतर क्यों बढ़ी बेचैनी?

मंत्रिमंडल विस्तार की संभावित चर्चा ने JDU के अंदर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी के भीतर नए चेहरों को मौका देने, मौजूदा मंत्रियों की भूमिका और केंद्रीय राजनीति में पार्टी के प्रतिनिधित्व को लेकर अलग-अलग राय सामने आने की चर्चाएं हैं।

यही वजह है कि JDU के भीतर संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ती दिखाई दे रही है। अगर वास्तव में केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है, तो इसका सीधा असर पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या JDU अपने मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों के साथ आगे बढ़ेगा या फिर मंत्रिमंडल में नए चेहरे को शामिल करने के लिए बदलाव का रास्ता अपनाएगा?

फिलहाल निगाहें JDU नेतृत्व और केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में तस्वीर साफ होने के साथ यह भी स्पष्ट होगा कि मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा महज राजनीतिक अटकल है या इसके पीछे कोई ठोस सियासी तैयारी चल रही है।
एसएसपी शुभांक मिश्रा के निर्देश पर पुलिस को बड़ी सफलता, सराय में छिनतई कांड का 12 घंटे में खुलासा कर 3 शातिर गिरफ्तार

वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक एसएसपी शुभांक मिश्रा के कड़े तेवर और सटीक दिशा-निर्देश के कारण वैशाली पुलिस ने सराय थाना क्षेत्र में हुई छिनतई की गंभीर वारदात को महज 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने के साथ ही घटना में प्रयुक्त बाइक और लूटे गए सोने के आभूषण भी बरामद कर लिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, बीते 8 सितंबर 2026 को सराय थाना क्षेत्र के विशुनपुर धन्नू गांव में बाइक सवार अपराधियों ने छिनतई की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के संबंध में सराय थाना कांड संख्या 315/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी शुभांक मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। उनके निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (लालगंज) के नेतृत्व में सराय थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई।
गठित पुलिस टीम ने मानवीय आसूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर त्वरित छापेमारी की और मामले में शामिल तीन अपराधियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बाजीतपुर बेरई निवासी अभिषेक कुमार, धोबघटी (थाना काजीपुर) निवासी सुमित कुमार और सोनू कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता पूरी तरह स्वीकार कर ली है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त यामाहा एफजेड  मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन तथा छीने गए आभूषणों में एक सोने का मंगलसूत्र, एक सोने का जितिया और एक सोने का ढोलना बरामद किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए तीनों बदमाशों का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है और वे सराय एवं काजीपुर थाना क्षेत्र के कई स्नैचिंग मामलों में वांछित रहे हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
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मोतिहारी, त्वरित निष्पादन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियोजन पदाधिकारी सम्मानित, एसपी और डीएम ने सौंपा प्रशस्ति पत्र

मोतिहारीजिले में लंबित कांडों के निष्पादन को गति देने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के उद्देश्य से उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियोजन पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। 10 सितंबर 2026 को आयोजित विशेष प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मोतिहारी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात द्वारा इन अधिकारियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
समारोह के दौरान न्यायालय में लंबित त्वरित विचारण  एवं सामान्य विचारण से संबंधित मामलों के त्वरित व प्रभावी निष्पादन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले अभियोजन पदाधिकारियों के कार्यों की विशेष रूप से सराहना की गई। सम्मानित होने वाले पदाधिकारियों में सुश्री शिवानी पाठक, श्री राजीव कुमार द्विवेदी, श्री संजीव कुमार वर्मा, श्री यश कुमार सोनी, श्री ताराकांत चौधरी और श्री अभिषेक आनंद शामिल रहे।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात और जिलाधिकारी ने अधिकारियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों को समय पर सजा दिलाने में अभियोजन पदाधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के सम्मान से पदाधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे आगे भी इसी निष्ठा व तत्परता के साथ न्यायिक कार्यों को अंजाम देंगे।
बिहार में बाढ़
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात का बड़ा एक्शन,अंतरजिला डकैत गिरोह का पर्दाफाश, 15.50 लाख कैश, चरस व हथियारों के साथ 4 कुख्यात गिरफ्तार

पूर्वी चम्पारण के पुलिस अधीक्षक  स्वर्ण प्रभात के सख्त रुख और सटीक रणनीति के चलते मोतिहारी पुलिस को अंतरजिला डकैत गिरोह के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। ढाका थाना क्षेत्र के ग्राम मठिया मोहन निवासी मनोज कुमार शर्मा के घर 30 अगस्त 2026 की रात हुई भीषण डकैती की वारदात को एसपी ने बेहद गंभीरता से लिया था। घटना के उद्भेदन और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्वयं पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली और सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।
एसपी स्वर्ण प्रभात की बनाई सटीक रणनीति और पुलिस टीम के जमीनी अनुसंधान का नतीजा रहा कि पुलिस ने सीतामढ़ी और नेपाल से जुड़े इस शातिर गिरोह की नब्ज पकड़ ली। हाल ही में जेल से छूटे सीतामढ़ी के बथनाहा निवासी मोहम्मद सफीक मंसूरी उर्फ बन्ठा को दबोचकर जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने सिकरहना अनुमंडल में हुई 5 बड़ी डकैतियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद एसपी के निर्देश पर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए पुलिस ने गिरोह के अन्य तीन कुख्यात सदस्यों—मो० तनवीर शेख, शंभू पासवान उर्फ मोगल और अमरनाथ ठाकुर को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
एसपी के मार्गदर्शन में गठित टीम ने इस अंतरजिला गिरोह के पास से डकैती के लूटे गए 15.50 लाख रुपये नकद, 1 पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस, 2.107 किलोग्राम चरस, दरवाजा तोड़ने वाली 2 लोहे की रॉड, 5 मोबाइल फोन, भारी मात्रा में चांदी के जेवरात और डकैती की रकम से खरीदी गई एक नई मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार अपराधियों पर मोतिहारी, सीतामढ़ी और दरभंगा के विभिन्न थानों में डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस के दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात की इस त्वरित और असरदार कार्रवाई से पूरे जिले में अपराधियों के हौसले पस्त हैं और आम जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। मामले में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी एसपी के निर्देश पर लगातार दबिश दी जा रही है।
गोपालगंज में अपराध नियंत्रण को लेकर एसपी विनय तिवारी सख्त, मासिक अपराध गोष्ठी में दिए कड़े निर्देश

गोपालगंज: समाहरणालय स्थित सभागार में पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय, साइबर व रक्षित), परिचारी पुलिस उपाधीक्षक, अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष, ओपी अध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी शामिल हुए। बैठक में अपराध नियंत्रण, गंभीर कांडों के निष्पादन, मादक पदार्थ और शराब तस्करी पर रोक लगाने के साथ-साथ आगामी महावीरी मेला की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर अहम निर्देश दिए गए।
एसपी ने मादक पदार्थों के निपटारे को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया कि जब्त सामग्री का सचल न्यायालय से सर्टिफिकेशन और फोटोग्राफी कराकर उसे थाना मालखाना में न रखकर अनिवार्य रूप से सेंट्रल गोडाउन, थावे में जमा कराया जाए। सभी अंचल निरीक्षकों को दो दिनों के भीतर प्रमाण पत्र देना होगा कि किसी भी थाना मालखाना में एनडीपीएस पदार्थ शेष नहीं है। चालू माह को 'ड्रग रिकवरी मंथ' के रूप में मनाते हुए स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे को ड्रग-फ्री जोन सुनिश्चित करने का टास्क सौंपा गया है। इसके अलावा शराब बरामदगी अभियान में तेजी लाने और छापेमारी के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट व अन्य सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।
गुमशुदा बच्चों की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन तलाश' के तहत एक माह के गोल्डन पीरियड में बच्चों को ढूंढने और उसकी सूचना तुरंत मिशन वात्सल्य पोर्टल पर दर्ज कराने को कहा गया है। वहीं हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में 2026 से पूर्व के मामलों का अन्वेषण अंचल निरीक्षक करेंगे, जबकि 2026 के मामलों की जांच व गिरफ्तारी की निगरानी संबंधित थानाध्यक्ष खुद करेंगे। इस माह को गृहभेदन के मामलों के उद्भेदन का माह घोषित करते हुए विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाहन चोरी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रत्येक थाने को हर महीने कम से कम 3 चोरी की बाइक बरामद करने का लक्ष्य मिला है।
मादक पदार्थों व अन्य अवैध गतिविधियों से संपत्ति जुटाने वालों के खिलाफ पीएमएलए और पिट-एनडीपीएस के तहत प्रस्ताव भेजने का आदेश दिया गया है। प्रत्येक जांच अधिकारी को प्रतिमाह 10 कांडों का निष्पादन करना होगा। आगामी महावीरी मेला को लेकर एसपी ने असामाजिक तत्वों पर पहले से निरोधात्मक कार्रवाई, जुलूस से पूर्व जांच और हथियारों की रोकथाम के निर्देश दिए। मेला जुलूस में अश्लील व उत्तेजक नृत्य पर पूरी तरह रोक रहेगी और शांति समिति की बैठकों के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। एसपी विनय तिवारी ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को इन सभी दिशा-निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पालन करने का आदेश दिया है।
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात का बड़ा एक्शन,अंतरजिला डकैत गिरोह का पर्दाफाश, 15.50 लाख कैश, चरस व हथियारों के साथ 4 कुख्यात गिरफ्तार

पूर्वी चम्पारण के पुलिस अधीक्षक  स्वर्ण प्रभात के सख्त रुख और सटीक रणनीति के चलते मोतिहारी पुलिस को अंतरजिला डकैत गिरोह के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। ढाका थाना क्षेत्र के ग्राम मठिया मोहन निवासी मनोज कुमार शर्मा के घर 30 अगस्त 2026 की रात हुई भीषण डकैती की वारदात को एसपी ने बेहद गंभीरता से लिया था। घटना के उद्भेदन और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्वयं पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली और सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।
एसपी स्वर्ण प्रभात की बनाई सटीक रणनीति और पुलिस टीम के जमीनी अनुसंधान का नतीजा रहा कि पुलिस ने सीतामढ़ी और नेपाल से जुड़े इस शातिर गिरोह की नब्ज पकड़ ली। हाल ही में जेल से छूटे सीतामढ़ी के बथनाहा निवासी मोहम्मद सफीक मंसूरी उर्फ बन्ठा को दबोचकर जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने सिकरहना अनुमंडल में हुई 5 बड़ी डकैतियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद एसपी के निर्देश पर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए पुलिस ने गिरोह के अन्य तीन कुख्यात सदस्यों—मो० तनवीर शेख, शंभू पासवान उर्फ मोगल और अमरनाथ ठाकुर को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
एसपी के मार्गदर्शन में गठित टीम ने इस अंतरजिला गिरोह के पास से डकैती के लूटे गए 15.50 लाख रुपये नकद, 1 पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस, 2.107 किलोग्राम चरस, दरवाजा तोड़ने वाली 2 लोहे की रॉड, 5 मोबाइल फोन, भारी मात्रा में चांदी के जेवरात और डकैती की रकम से खरीदी गई एक नई मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार अपराधियों पर मोतिहारी, सीतामढ़ी और दरभंगा के विभिन्न थानों में डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस के दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात की इस त्वरित और असरदार कार्रवाई से पूरे जिले में अपराधियों के हौसले पस्त हैं और आम जनता में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। मामले में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी एसपी के निर्देश पर लगातार दबिश दी जा रही है।

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बाढ़ पीड़ितों के बीच बिना तामझाम पहुंचीं पूर्व IPS काम्या मिश्रा, नाव से सुदूर गांवों में जाकर बांटी राहत सामग्री

भोजपुर में गंगा नदी के उफान से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और सैकड़ों परिवार बेहाल हैं। इस गंभीर मानवीय संकट के बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित की पत्नी काम्या मिश्रा ने बिना किसी तामझाम या प्रचार के सीधे बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचकर मिसाल पेश की है।
उन्होंने बड़हरा प्रखंड के केशवपुर घाट से नाव के सहारे नेकनाम टोला, शालिग्राम सिंह का टोला, बखोरापुर और जिबा राय का टोला जैसे सुदूर जलमग्न इलाकों का रुख किया। इन गांवों में पानी के तेज बहाव के बीच नाव से पहुंचकर उन्होंने 400 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को अपने हाथों से राहत सामग्री वितरित की।
राहत सामग्री वितरण के दौरान महिलाओं और किशोरियों की मूलभूत जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया। राहत किट में सूखे राशन के अलावा सैनिटरी पैड्स भी शामिल किए गए, जिससे बाढ़ के दौरान महिलाओं को स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
काम्या मिश्रा की इस मानवीय पहल की सबसे खास बात उनकी सादगी रही। राहत पहुंचाने के दौरान उन्होंने न तो मीडिया से कोई बातचीत की और न ही अपनी कोई आधिकारिक तस्वीर खिंचवाई। जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वे भी स्थानीय ग्रामीणों ने अपने मोबाइल कैमरों से चुपचाप रिकॉर्ड किए थे। संकट के समय दिखावे और प्रचार से दूर रहकर सीधे जरूरतमंदों की मदद करने का उनका यह अंदाज पूरे इलाके में चर्चा और सराहना का विषय बना हुआ है।
मोतिहारी के छतौनी चौक पर सड़क पर बस खड़ी कर यात्री बैठाने वालों पर चला ट्रैफिक पुलिस का डंडा, काटे गए चालान

मोतिहारी: शहर के व्यस्ततम छतौनी चौक पर सड़क किनारे अनधिकृत रूप से बस खड़ी कर जाम लगाने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सड़क पर बस रोककर मनमाने ढंग से पैसेंजर चढ़ाने और उतारने के मामले में ट्रैफिक पुलिस ने सघन जांच अभियान चलाते हुए कई बसों के चालान काटे हैं। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से बस चालकों और एजेंटों में हड़कंप मच गया।
छतौनी चौक और आसपास के मार्गों पर अक्सर बस चालकों द्वारा सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे वहां दिनभर भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को होने वाली भारी परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
ट्रैफिक पुलिस ने बस मालिकों और चालकों को दो टूक चेतावनी दी है कि वे बस स्टैंड के बाहर या मुख्य सड़क के किनारे गाड़ियां खड़ी करके यात्रियों को बैठाना तुरंत बंद करें। निर्धारित स्थान और बस डिपो के अलावा यदि कोई भी बस बीच सड़क या किनारे खड़ी पाई गई, तो नियम तोड़ने वालों पर आगे भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर वाहनों को जब्त भी किया जाएगा।
लालगंज में भारतमाला परियोजना के पुल का लॉन्चर गिरने से 7 मजदूर घायल, मौके पर पहुंचे एसएसपी शुभांक मिश्रा ने संभाला मोर्चा

बिहार के वैशाली जिले में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे NH-139W फोरलेन निर्माण के दौरान लालगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर, इतवारपुर गांव स्थित सती स्थान के पास एक बड़ा हादसा पेश आया। यहां निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा, जिससे निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया और कई मजदूर मलबे की चपेट में आ गए।
हादसा होते ही आसपास के लोग और अन्य कर्मी राहत व बचाव कार्य में जुट गए। लॉन्चर की मशीनरी के बीच फंसे एक मजदूर को निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी और करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मशीन को काटकर उस मजदूर को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। दुर्घटना में घायल कुल सात कर्मियों को तत्काल लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से तीन मजदूरों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही वैशाली एसएसपी शुभांक मिश्रा ने स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और घायलों को त्वरित इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। एसएसपी लगातार मौके पर रहकर हर स्थिति पर सीधी नजर बनाए हुए हैं। जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे लगातार सक्रिय हैं और किसी भी बड़ी घटना की सूचना मिलते ही खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचते हैं; इससे पूर्व भी दो दिन पहले वैशाली में हुए नाव हादसे के दौरान वे स्वयं घटनास्थल पर जायजा लेने पहुंचे थे।
पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पटना समेत 18 जिलों में बरसेंगे बादल

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लालगंज में भारतमाला परियोजना के पुल का लॉन्चर गिरने से 7 मजदूर घायल, मौके पर पहुंचे एसएसपी शुभांक मिश्रा ने संभाला मोर्चा

बिहार के वैशाली जिले में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे NH-139W फोरलेन निर्माण के दौरान लालगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर, इतवारपुर गांव स्थित सती स्थान के पास एक बड़ा हादसा पेश आया। यहां निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा, जिससे निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया और कई मजदूर मलबे की चपेट में आ गए।
हादसा होते ही आसपास के लोग और अन्य कर्मी राहत व बचाव कार्य में जुट गए। लॉन्चर की मशीनरी के बीच फंसे एक मजदूर को निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी और करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मशीन को काटकर उस मजदूर को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। दुर्घटना में घायल कुल सात कर्मियों को तत्काल लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से तीन मजदूरों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही वैशाली एसएसपी शुभांक मिश्रा ने स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और घायलों को त्वरित इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। एसएसपी लगातार मौके पर रहकर हर स्थिति पर सीधी नजर बनाए हुए हैं। जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे लगातार सक्रिय हैं और किसी भी बड़ी घटना की सूचना मिलते ही खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचते हैं; इससे पूर्व भी दो दिन पहले वैशाली में हुए नाव हादसे के दौरान वे स्वयं घटनास्थल पर जायजा लेने पहुंचे थे।
मोतिहारी में भैंस नहलाने के दौरान गिरे पानी के छींटे पर खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में दो लोगों की मौत; तीन गिरफ्तार

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के पताही थाना क्षेत्र स्थित जिहुली गांव में भैंस नहलाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद दोहरे हत्याकांड में तब्दील हो गया। सड़क पर पानी गिरने और छींटे पड़ने की बात पर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो गाली-गलौज और हाथापाई से होते हुए शाम ढलते-ढलते जानलेवा चाकूबाजी तक पहुंच गई। इस हिंसक झड़प में गंभीर रूप से घायल दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी  ने रात में ही घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल तीन नामजद आरोपियों को रात में ही दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जिहुली गांव निवासी संजय सिंह, नागनारायण सिंह और लक्ष्मीनारायण सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पानी बहाने के मामूली विवाद में दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा अन्य संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। फिलहाल  स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में तथा सामान्य है। पुलिस इस मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई कर रही है।
बिहार में ‘ब्यूटी विथ बॉटल्स’! नेहा झा के बाद पटना में दूसरी युवती गिरफ्तार, शराब तस्करी का खुलासा