
*बीकानेरी रसगुल्ला मावा भण्डार का मावा और लम्माणी स्वीट्स एंड कैटर्स से बर्फी जांच में अनसेफ*
*मिलावट पर वार: बर्फी और मावे के नमूने अनसेफ मिलने पर दो संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू*
*बीकानेर से बस के माध्यम से हनुमानगढ़ लाई जा रही मावे की खेप को रुकवाकर लिया गया था मावा का सैंपल*
हनुमानगढ़। जिले में शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा त्योहारी सीजन पर की गई नमूनीकरण एवं निरीक्षण कार्रवाई के दौरान लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर से प्राप्त रिपोर्ट में थालड़का स्थित लम्माणी स्वीट्स एंड कैटर्स से लिया गया बर्फी का नमूना तथा बीकानेर से हनुमानगढ़ परिवहन कर लाए गए मावे का नमूना अनसेफ पाया गया है।
➡️ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त, राजस्थान सरकार, जयपुर एवं जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव के मार्गदर्शन में जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सघन निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान चलाया गया था। इसी अभियान के दौरान मुखबिर की सूचना पर बीकानेर से बस के माध्यम से हनुमानगढ़ लाई जा रही मावे की खेप को रुकवाकर खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों से मावे एवं रसगुल्लों के नमूने लिए गए थे। मावे की जांच के दौरान बीकानेरी रसगुल्ला मावा भण्डार के मालिक सुनील जाट पुत्र बाबूलाल द्वारा मंगवाए गए मावे का नमूना भी जांच में अनसेफ पाया गया है। इसके अलावा अभियान के तहत थालड़का स्थित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से भी पनीर, मावा, रसगुल्ला, बर्फी एवं मिक्स दूध सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। सभी नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर भेजा गया था। इनमें से मैसर्स लम्माणी स्वीट्स एंड कैटर्स से बर्फी का नमूना लिया गया था। जांच में यह नमूना भी अनसेफ पाया गया।