
*रीवा में 82 घंटे से आमरण अनशन पर दिलीप शर्मा, मेडिकल चेकअप जारी; अधीक्षण अभियंता कार्यालय के घेराव का ऐलान, भूपेश विक्रम की संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल!*
*रीवा, मध्य प्रदेश*
बिजली विभाग में कथित अनियमितताओं और आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों को लेकर रीवा में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर दिलीप शर्मा का आमरण अनशन 82 घंटे बाद भी जारी है। डॉक्टरों द्वारा उनका मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर कर्मचारी संगठन ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। संगठन ने श्रमदान के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए अधीक्षण अभियंता कार्यालय के घेराव और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
*नियुक्त कर्मचारी की जगह दूसरे व्यक्ति से काम कराने का आरोप*
कर्मचारी संगठन का आरोप है कि बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री भूपेश विक्रम के कार्यालय में नियुक्त कर्मचारी के स्थान पर कथित तौर पर बिना नियुक्ति वाले व्यक्ति से कार्यालयीन कार्य कराया जा रहा था। इस मामले को लेकर सवाल उठाए जाने पर कथित रूप से जवाब दिया गया कि “श्रमदान कोई करना चाहता है, तो कर सकता है।”
इस जवाब से नाराज संगठन ने सवाल उठाया है कि आखिर किस नियम के तहत कार्यालय के अंदर कार्यालयीन कार्य कराया जा रहा था? यदि किसी व्यक्ति से कार्यालयीन कार्य लिया जा रहा था, तो उसकी नियुक्ति और कार्य करने की आधिकारिक व्यवस्था क्या थी?
संगठन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए,तत्काल कर्मचारियो की बहाली हो और जिम्मेदार दोषी अधिकारियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिये अन्यथा अब पूरे रीवा में ब्लैक आउट्स भी किया जाएगा
*भूपेश विक्रम की संपत्ति और करोड़ों के मकान को लेकर चर्चा*
इस पूरे मामले के बीच कार्यपालन यंत्री भूपेश विक्रम की कथित संपत्ति, जमीन और करोड़ों रुपये के मकान निर्माण पर होने वाले खर्च को लेकर भी चर्चाएं सामने आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी का वेतन लगभग सवा लाख रुपये प्रतिमाह है, जबकि जमीन और मकान पर करोड़ों रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है।
इन्हीं चर्चाओं के बीच संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि इस संबंध में दस्तावेजों सहित औपचारिक शिकायत की जाती है, तो आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जांच की मांग की जा सकती है।
हालांकि, संपत्ति की वास्तविक कीमत, मकान निर्माण की लागत, आय के स्रोत और वेतन संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना आवश्यक है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर EOW की जांच शुरू होने की पुष्टि नहीं है। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।
*दिलीप शर्मा सहित छह कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग*
आमरण अनशन पर बैठे दिलीप शर्मा की मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। संगठन की प्रमुख मांग है कि दिलीप शर्मा सहित छह कर्मचारियों को न्याय दिया जाए और कर्मचारियों से जुड़े मामलों का उचित निराकरण किया जाए।
*संगठन ने श्रमदान के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन करने और अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की है। कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की गई है।*
*कलेक्टर कार्यालय के सामने एकत्रित होंगे कर्मचारी*
संगठन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, सभी कर्मचारियों और समर्थकों से कलेक्टर कार्यालय के सामने एकत्रित होने की अपील की गई है। सूचना में दोपहर 1 बजे कल यानी 16 क्टूबर का समय दिया गया है।
*अब अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर नजर*
रीवा बिजली विभाग से जुड़े इस मामले में एक ओर दिलीप शर्मा का आमरण अनशन जारी है, तो दूसरी ओर कर्मचारी संगठन बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है। संगठन कार्यालयीन कार्य और श्रमदान से जुड़े आरोपों की जांच की मांग कर रहा है, जबकि भूपेश विक्रम की कथित संपत्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर भी आधिकारिक स्पष्टीकरण की जरूरत है।
अब देखना होगा कि विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं, आमरण अनशन को समाप्त कराने के लिए कोई पहल होती है या नहीं, और संपत्ति से जुड़े आरोपों पर कोई औपचारिक शिकायत या जांच की मांग सामने आती है।
*विंध्यप्रदेश टीवी*
Rewa Commissioner
Collector Rewa
Jitu Patwari
Dr Mohan Yadav
Mauganj, Rewa | Oct 15, 2026