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VINDHYA PRADESH TV

@r.n.jayswal
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दिल्ली के जंतर-मंतर से छिन सकता है प्रदर्शन स्थल का दर्जा! सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा सुझाव!

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र से किसी वैकल्पिक जगह पर विचार करने को कहा।

CJI सूर्यकांत ने जंतर-मंतर के आसपास सरकारी आवास, सांसदों के घर और प्रदर्शनकारियों के लिए सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया।

नई जगह पर शौचालय, पेयजल और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था होनी चाहिए।

अब सवाल, क्या दिल्ली में धरना-प्रदर्शन का पता ही बदल जाएगा?

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*महाराष्ट्र से कुछ छात्र प्रोटेस्ट के लिए जंतर मंतर दिल्ली पहुंच रहे थे उन्हें मध्य प्रदेश के इटारसी जंक्शन ट्रेन से ही उठाकर हिरासत में ले लिया गया हे*

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🚨 मऊगंज में कथित वायरल ऑडियो को लेकर चर्चा तेज!

सोशल मीडिया पर एक ऑडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसे कांग्रेस नेता एवं मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना का बताया जा रहा है। इस ऑडियो को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

🎙️ क्या है वायरल ऑडियो की सच्चाई?
क्या यह ऑडियो वास्तविक है या इसकी सत्यता की जांच जरूरी है? फिलहाल इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: यह ऑडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त हुआ है। विंध्य प्रदेश टीवी इस ऑडियो की प्रामाणिकता, आवाज अथवा इसमें कही गई बातों की पुष्टि नहीं करता है। सत्यता की पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

📺 विंध्य प्रदेश टीवी
खबर वही, जो तथ्यों के साथ हो।

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🚨 नैकिनिया माता मंदिर चोरी में बड़ा अपडेट!

“आरोपी पकड़ा गया... अब घंटियों की तलाश!”
“नैकिनिया माता मंदिर चोरी का खुलेगा राज?”

रतनगवां से एक आरोपी के पकड़े जाने की खबर...

अब सवाल—कहां हैं मंदिर से चोरी हुई पीतल की घंटियां?

क्या आरोपी की निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद होगा?

और क्या पूछताछ में आसपास के दूसरे मंदिरों की चोरियों का भी खुलेगा राज?

🎥 देखिए पूरी खबर... जुड़े रहिए विंध्य प्रदेश टीवी के साथ।
*कल्पना मिश्रा कांड में डिप्टी सीएम का बड़ा एक्शन: डॉ. गुंजन गोस्वामी सस्पेंड, इलाज में लापरवाही बनी सस्पेंशन की वजह, डीन ने जारी किया निलंबन आदेश*

*26 अगस्त को डिलीवरी के बाद हुई थी कल्पना की मौत, सिरमौर चौराहे पर 14 दिन चला था परिवार का धरना, अब तक 6 से ज्यादा डॉक्टर-नर्स और अधिकारी नप चुके हैं*

रीवा। रीवा के चर्चित कल्पना मिश्रा मौत कांड में कार्रवाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। डिप्टी सीएम के सख्त निर्देश के बाद श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन ने गायनी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गुंजन गोस्वामी को सस्पेंड कर दिया है।

*क्यों गिरी डॉ. गुंजन पर गाज?*
जांच में सामने आया है कि कल्पना मिश्रा का पूरा इलाज डॉ. गुंजन गोस्वामी के पास ही चल रहा था। परिजन लगातार जांच रिपोर्ट दिखा रहे थे, प्लेटलेट्स काफी कम थे, इसके बावजूद समय पर भर्ती नहीं किया गया। कई अन्य कॉम्प्लिकेशन को भी नजरअंदाज किया गया। डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग ओवर हो गई थी फिर भी आईसीयू में शिफ्ट करने में देरी की गई। इसी लापरवाही को मुख्य वजह मानते हुए भोपाल से आई जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में डॉ. गुंजन को जिम्मेदार ठहराया था, जिसके बाद यह एक्शन लिया गया।

*वीडियो ने मचाया था देशभर में हड़कंप*
हटवा की रहने वाली कल्पना मिश्रा की 26 अगस्त को डिलीवरी के बाद मौत हो गई थी। मौत से पहले उसका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसने पूरे देश का ध्यान संजय गांधी अस्पताल की अव्यवस्थाओं की ओर खींच दिया था। इसके बाद पिता ने सिरमौर चौराहे पर धरना दे दिया था जो 14 दिनों तक चला था। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन किया था।

*अब तक इन पर हो चुकी है कार्रवाई*

इस मामले में अब तक एक के बाद एक कई कार्रवाई हो चुकी हैं -

1.  पहले दो स्टाफ नर्सों को सस्पेंड किया गया जिन पर अभद्रता का आरोप था।
2.  फिर गायनी की डॉ. सोनल अग्रवाल को निलंबित किया गया।
3.  हंगामा न थमने पर अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटा दिया गया।
4.  बाद में डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को भी हटाया गया।
5.  ड्रग इंस्पेक्टर रीवा को भोपाल से आए आदेश पर सस्पेंड किया गया और अर्थवन्ड ब्लड बैंक पर FIR के निर्देश दिए गए।
6.  अब डॉ. गुंजन गोस्वामी पर गाज गिरी है।

*बड़े सवाल - बाकी विभागों के डॉक्टरों को क्यों बचाया जा रहा है?*
इस पूरे कांड में सिर्फ गायनी विभाग को ही टारगेट किया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि बच्चे की मौत के लिए शिशु रोग विभाग के डॉ. गौरव त्रिपाठी और डॉ. द्विवेदी की रात में ड्यूटी थी, दोनों नदारद थे। अगर वे होते तो शायद नवजात बच जाता।

वहीं एनेस्थीसिया और मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने भी लापरवाही की थी। मेडिसिन में रात में डॉ. राकेश पटेल और डॉ. केशव सिंह की ड्यूटी थी, वे नहीं आए, जूनियर पीजी को भेज दिया। एनेस्थीसिया में फर्स्ट कॉल पर डॉ. निधि ऑपरेशन में व्यस्त थीं और सेकंड कॉल पर डॉ. कुलदीप पटेल ने फोन तक नहीं उठाया। इन सभी पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे परिजनों और जनता में आक्रोश है।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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*जेपी से डालमिया के हाथ में गया रीवा सीमेंट प्लांट, पर 40 करोड़ का बकाया आज भी अधर में: स्थानीय ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर और श्रमिकों में उबाल, दो साल से चक्कर काट रहे कारोबारी*

*एग्रीमेंट में था सभी पुरानी देनदारी चुकाने का वादा, लेकिन जीएसटी-इनकम टैक्स भरने के बाद भी नहीं मिला भुगतान, नायब तहसीलदार को ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*

रीवा। रीवा के नैबस्ता स्थित जेपी सीमेंट प्लांट के डालमिया भारत सीमेंट के हाथों में जाने के बाद स्थानीय लोगों की मुश्किलें कम होने की जगह और बढ़ गई हैं। प्लांट के लिए अपनी जमीनें देने वाले किसानों से लेकर दिन-रात काम करने वाले ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर, सप्लायर और श्रमिक आज अपने ही हक के पैसों के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

*करोड़ों अटके, फूट रहा गुस्सा*
स्थानीय कारोबारियों का आरोप है कि जेपी प्रबंधन के समय का करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान आज भी डालमिया प्रबंधन में अटका हुआ है। वर्षों से किए गए ठेकेदारी, मशीनरी, निर्माण कार्य, सामग्री आपूर्ति और परिवहन के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। इससे न सिर्फ उनका कारोबार ठप हो गया है, बल्कि बैंक का कर्ज, कर्मचारियों का वेतन और परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।

*सबसे बड़ी बेईमानी - जीएसटी तक भर दिया, पैसा नहीं मिला*
कारोबारियों का दर्द यह है कि उन्होंने इन बकाया बिलों पर अपनी जेब से जीएसटी और इनकम टैक्स तक का भुगतान सरकार को कर दिया है, लेकिन कंपनी से उन्हें एक रुपया नहीं मिला। अब वह दोहरी मार झेल रहे हैं।

*स्वामित्व बदला, वादा टूटा मीटिंग में दिया था भरोसा*
कारोबारियों ने बताया कि करीब दो साल पहले जब जेपी से डालमिया को स्वामित्व हस्तांतरण हो रहा था, तब दोनों कंपनियों के बड़े अधिकारियों ने क्षेत्रीय लोगों के साथ बैठक की थी। बैठक में साफ तौर पर आश्वासन दिया गया था कि किसी भी स्थानीय कर्मचारी का रोजगार नहीं जाएगा और सभी पुराने बकायों का भुगतान डालमिया ग्रुप द्वारा कर दिया जाएगा। एग्रीमेंट में भी यह बात लिखी गई थी, लेकिन अब प्रबंधन अपने ही वादे से मुकर रहा है।

*24 जुलाई को दिया था ज्ञापन, आज तक कोई सुनवाई नहीं आंदोलन की तैयारी में व्यापारी*
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय ठेकेदारों, परिवहनकर्ताओं, आपूर्तिकर्ताओं और श्रमिकों ने 24 जुलाई 2026 को हुजूर वृत्त के नायब तहसीलदार नैबस्ता को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की थी। लेकिन दो महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर अब स्थानीय लोग एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

*जमीन हमारी, खदानें हमारी, फिर भी हम बेरोजगार*
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सीमेंट प्लांट और उसकी खदानें क्षेत्रीय लोगों की ही जमीन पर संचालित हैं। लोगों ने उद्योग के लिए अपनी जमीन देकर सहयोग किया था, ताकि क्षेत्र का विकास हो और रोजगार मिले। लेकिन आज उसी जमीन पर चल रहे प्लांट से उन्हें बेरोजगारी और कर्ज ही मिल रहा है। बताया जा रहा है कि बकाया राशि में श्रीराम ट्रांसपोर्ट, श्रीराम रोडवेज, राम राम गुड्स कैरियर, प्रकाश स्ट्रक्चरल, इंटरप्राइजेज, संजीव पांडेय, शुक्ला कंस्ट्रक्शन सहित जेपी कंपनी के कई अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।
*संजय गांधी अस्पताल में ऐतिहासिक पहल: अब मरीज तय करेंगे अस्पताल की व्यवस्था कैसी है, हर वार्ड में रखा गया 10 कॉलम वाला सुझाव रजिस्टर, छुट्टी के समय लिखना होगा पूरा अनुभव*

*पंजीयन से लेकर भर्ती, डॉक्टर-नर्स के व्यवहार, दवा-जांच और साफ-सफाई तक की होगी समीक्षा, फीडबैक से पता चलेगी खामी, डीन-अधीक्षक की पहल पर टली नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल*

रीवा। विंध्य के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए एक नई और अनोखी पहल शुरू की गई है। अब अस्पताल की व्यवस्था कैसी है, इसका फैसला अधिकारी नहीं बल्कि खुद मरीज करेंगे।

*हर वार्ड में रखा गया सुझाव रजिस्टर*
अस्पताल प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए अस्पताल के सभी वार्डों में सुझाव एवं फीडबैक रजिस्टर रखवाया है। अब जो भी मरीज इलाज के लिए भर्ती होगा, उसे छुट्टी के समय इस रजिस्टर में अपना अनुभव दर्ज करना अनिवार्य होगा।

*10 कॉलम में पूछे जाएंगे ये सवाल*
इस रजिस्टर में कुल 10 कॉलम बनाए गए हैं। जिसमें पंजीयन से लेकर अस्पताल से छुट्टी होने तक की पूरी प्रक्रिया को शामिल किया गया है। मरीज को लिखना होगा कि पंजीयन से भर्ती होने तक की प्रक्रिया सरल रही या नहीं, डॉक्टरों की सेवाओं से वह संतुष्ट है या नहीं, नर्सिंग स्टाफ का व्यवहार कैसा रहा, दवाएं समय पर मिलीं या नहीं और जरूरी जांचें समय पर हुईं या नहीं।

*साफ-सफाई और व्यवहार पर भी देनी होगी राय*
मरीज को अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार पर भी अपनी राय देनी होगी। अंत में उसे यह लिखना होगा कि कुल मिलाकर वह अस्पताल की सुविधाओं से संतुष्ट है या नहीं।

*मरीज का फीडबैक बताएगा कहां हो रही है कमी*
अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर आए दिन सवाल उठते हैं। रजिस्टर में दर्ज शिकायतों और सुझावों से यह पता चल सकेगा कि मरीजों को वास्तविक परेशानी किन व्यवस्थाओं में हो रही है। अधिकारियों की रिपोर्ट के साथ-साथ मरीजों के अनुभव से भी आकलन होगा, जिससे सुधार में मदद मिलेगी।

*डीन-अधीक्षक से चर्चा के बाद टली नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल*
नर्सिंग एसोसिएशन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़ताल की चेतावनी के बाद बुधवार को सुरक्षा गार्डों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। अमहिया थाना प्रभारी मनोज कुमार गौतम ने एसजीएमएच एवं जीएमएच की सुरक्षा पर मार्गदर्शन दिया और शालीन व्यवहार पर जोर दिया। इसके बाद डीन और अधीक्षक से चर्चा कर नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल स्थगित कर दी।
*नहीं रहे बॉलीवुड के 'क्रांतिवीर' - प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन, गोवा में कार्डियक अरेस्ट से ली अंतिम सांस*

*8 अक्टूबर 2026 सुबह 5:20 बजे डोना पाउला स्थित आवास पर बेहोश मिले, मणिपाल अस्पताल में 45 मिनट तक CPR के बाद भी नहीं बचाई जा सकी जान, मेडिको-लीगल केस दर्ज, आज होगा पोस्टमार्टम*

नई दिल्ली। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार 8 अक्टूबर 2026 को सुबह 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।

*निधन से जुड़ी मुख्य बातें*
मणिपाल हॉस्पिटल, गोवा के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने आवास पर बेहोशी की हालत में पाए गए थे। उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक लगातार CPR दिया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसे मेडिको-लीगल केस (MLC) के तौर पर दर्ज किया गया है और मौत के सही कारणों के लिए आज पोस्टमार्टम किया जाएगा। 3f93

*फिल्मी सफर और उपलब्धियां*
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुद-जंजीरा में हुआ था।

उन्होंने 1978 में फिल्म 'गमन' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। हिंदी और मराठी सिनेमा में उन्होंने अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई। 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'अग्नि साक्षी', 'अब तक छप्पन', 'वेलकम' और मराठी फिल्म 'नटसम्राट' उनके करियर की यादगार फिल्में रहीं। उन्होंने अपने बेहतरीन अभिनय के दम पर तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
पत्रकारों के विरोध के बाद मऊगंज थाना प्रभारी राम सिंह लाइन अटैच

कलेक्टर की मध्यस्थता के बाद सुलझा विवाद, अजय खोबरागढ़े होंगे नए थाना प्रभारी

मऊगंज। मऊगंज प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों और थाना प्रभारी राम सिंह के बीच पिछले करीब 15 दिनों से चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। पत्रकारों द्वारा थाना प्रभारी के स्थानांतरण की मांग को लेकर लगातार विरोध और शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने थाना प्रभारी राम सिंह पटेल को लाइन अटैच कर दिया है।

विवाद की शुरुआत पत्रकारों द्वारा थाना प्रभारी पर पत्रकारों को टारगेट करने, बिना पर्याप्त विवेचना के एफआईआर दर्ज करने तथा पुलिस के व्यक्तिगत प्रेस नोट में पत्रकारों के संबंध में आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल के आरोपों से हुई थी। पत्रकारों ने इसे लेकर पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। बाद में कलेक्टर की समझाइश के बाद प्रेस नोट में बदलाव भी किया गया।

थाना प्रभारी के स्थानांतरण की मांग को लेकर मऊगंज प्रेस क्लब ने पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और जिला अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा को शिकायत एवं ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद मामला और आगे बढ़ा तथा भाजपा कार्यालय में धरना देने के साथ प्रदेश अध्यक्ष के मऊगंज आगमन के दौरान पत्रकारों ने अपना विरोध दर्ज कराया।

लगातार बढ़ते विवाद के बीच कलेक्टर मऊगंज संजय कुमार जैन की मध्यस्थता के बाद पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने राम सिंह पटेल को लाइन अटैच करने का आदेश दिया। वहीं अजय खोबरागढ़े को मऊगंज थाने का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम के बाद शांति एवं जनहित को प्राथमिकता देते हुए सभी पक्षों से संयम के साथ कार्य करने की अपेक्षा की गई है।
*कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा ने दिए सख्त निर्देश, सीएम हेल्पलाइन में 100 दिन से अधिक लंबित पत्रों का शत-प्रतिशत निराकरण करें, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त*

*कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक, 50 और 100 दिन से लंबित प्रकरणों से जिले की रैंकिंग प्रभावित, पेंशन-अनुकंपा-मजदूरी भुगतान के मामले 7 दिन में निपटाने के निर्देश, बिजली बिल सुधार के 250 आवेदनों का 3 दिन में होगा निराकरण*

रीवा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में प्रभारी कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने कहा कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक समय से लंबित पत्रों का शत-प्रतिशत निराकरण करें। मांग आधारित पत्रों को बंद कराएं। प्रत्येक आवेदन पत्र पर समुचित कार्यवाही करें।

*लापरवाही नहीं होगी सहन, रैंकिंग हो रही प्रभावित*
उन्होंने कहा इसमें किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में लंबित आवेदनों के निराकरण की लगातार समीक्षा की जा रही है। सीएम हेल्पलाइन में 50 दिन और सौ दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की बड़ी संख्या के कारण जिले की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। सभी अधिकारी पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति, मजदूरी भुगतान तथा स्थापना से जुड़े अन्य प्रकरणों का सात दिन में निराकरण कराएं।

*विभागवार दिए निर्देश*
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना में छात्रवृत्ति से संबंधित आवेदनों की त्रुटियां दूर करके छात्राओं को भुगतान कराएं। मेडिकल कालेज में लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों पर डीन मेडिकल कालेज तथा अधीक्षक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं अधीक्षक संजय गांधी हॉस्पिटल तत्परता से कार्यवाही करें।

अधीक्षण यंत्री विद्युत मण्डल बिजली बिलों में सुधार के सभी 250 आवेदनों का तीन दिन में निराकरण कराएं। जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम उपार्जन से संबंधित प्रकरणों में किसानों को तीन दिन में भुगतान कराकर प्रकरण निराकृत करें।

बैठक में खाद्य, नगरीय विकास, ग्रामीण विकास, उच्च शिक्षा, सहकारिता, स्कूल शिक्षा, पीएचई, ऊर्जा, स्वास्थ्य तथा राजस्व विभाग में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी कलेक्टर अदिति जैन तथा सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
🗳️ नईगढ़ी पंचायत उपचुनाव का परिणाम सामने!

29 सितंबर को मतदान और 3 अक्टूबर को मतगणना के बाद पथरौड़ा में राजेश प्रजापति तथा जोधपुर द्वितीय में ठाकुर सोमेश्वर सिंह ने सरपंच पद पर जीत दर्ज की।

🏆 पथरौड़ा — राजेश प्रजापति 131 वोट से विजयी
🏆 जोधपुर द्वितीय — सोमेश्वर सिंह 82 वोट से विजयी

नईगढ़ी तहसीलदार सुनील द्विवेदी ने नवनिर्वाचित सरपंचों को प्रमाणपत्र प्रदान कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मतदान से मतगणना तक पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही।

📍 नईगढ़ी, मऊगंज | विंध्य प्रदेश TV

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पूर्व विधानसभाध्यक्ष के करीबियों में उनके ही सामने मारपीट!
 सुरेंद्र सिंह चंदेल और शिवपुरा सरपंच अनुराधा द्विवेदी और उनके पति गंगा द्विवेदी के 2 पक्षों के बीच मारपीट का मामला!

देवतालाब के शिवपुरा में कार्यक्रम के दौरान विवाद के बाद मामला लौर थाने पहुंचा। दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज हुई और थाना परिसर में भी हंगामे की बात सामने आई।

अब वायरल वीडियो में “चाकू चलने” और “गाड़ी तोड़ने” जैसी बातें सुनाई दे रही हैं।
❓ आखिर चाकू मारा किसने और किसको?
❓ किस पक्ष के व्यक्ति को लगी चोट?
❓ क्या थाना परिसर में भी हुआ था विवाद?
सच्चाई क्या है? पुलिस जांच के बाद तस्वीर साफ होगी।
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रीवा में न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट का विरोध: ग्राम पंचायत सरई कला की ग्राम सभा ने खारिज किया बोर लागिंग का प्रस्ताव//

जिला रीवा के तहसील सिरमौर अंतर्गत आने वाले ग्राम रोझोही और आसपास के क्षेत्रों में टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (TPCL) द्वारा प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट (NPP) / BSR परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। ग्राम पंचायत सरई कला (जनपद पंचायत गंगेव) में आयोजित एक विशेष ग्राम सभा बैठक में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से इस परियोजना से संबंधित भू-तकनीकी (Geotech) जांच एवं बोर लागिंग अध्ययन की अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया है।

*कलेक्टर के पत्र के जवाब में बुलाई गई थी विशेष ग्राम सभा*

  प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, रीवा द्वारा जारी पत्र क्रमांक 117 / आर्म्स लाय / 2026 (दिनांक 21-08-2026) के माध्यम से ग्राम पंचायत सरई कला से TPCL द्वारा प्रस्तावित 08 बोर होल (जिनमें 100 मीटर गहराई के 04 बोर होल और 50 मीटर गहराई के 04 बोर होल शामिल हैं) की भू-तकनीकी जांच और बोर लागिंग अध्ययन हेतु सहमति/अनुमति और सहयोग मांगा गया था।
यह जांच परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) की स्टैंडिंग साइट सिलेक्शन कमेटी (SSSC) द्वारा समीक्षा किए जाने वाले साइट सिलेक्शन स्टेज का हिस्सा थी। आरटीआई से प्राप्त जानकारी अनुसार कलेक्टर कार्यालय के इसी पत्र के संदर्भ में 03 सितंबर 2026 को पंचायत भवन में सरपंच श्रीमती कोमल संजय सिंह की अध्यक्षता में विशेष ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई।

*रेडिएशन, प्रदूषण और विस्थापन पर जताई गंभीर चिंता*

ग्राम सभा की बैठक में उपस्थित ग्रामीणों, क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के दूरगामी और गंभीर दुष्परिणामों पर गहन चिंता व्यक्त की।
कार्यवृत्त के अनुसार, बैठक में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:

*स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर खतरा:* परमाणु ऊर्जा संयंत्र से निकलने वाले खतरनाक न्यूक्लियर कचरे और विकिरण (Radiation) के कारण जल, वायु एवं भूमि प्रदूषण का खतरा बना रहेगा। इससे स्थानीय निवासियों में कैंसर, ल्यूकेमिया जैसी असाध्य बीमारियां और आने वाली पीढ़ियों में जन्मजात अपंगता का जोखिम बढ़ेगा।

*वैश्विक हादसों का हवाला:* ग्राम सभा में पूर्व सोवियत संघ के चेरनोबिल हादसे (1986) और जापान के फुकुशिमा परमाणु हादसे का उल्लेख करते हुए कहा गया कि ऐसे हादसों के कारण लाखों लोगों की मौत, जन्य विकलांगता और व्यापक विस्थापन हुआ है, जो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है।

*विस्थापन और पलायन की मजबूरी:* यदि इस क्षेत्र में न्यूक्लियर प्लांट स्थापित होता है, तो सरई कला और आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों के हजारों परिवारों को अपने घर-बार छोड़कर विस्थापन और पलायन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

*सर्वसम्मति से पारित हुआ असहमति का प्रस्ताव*

बैठक में उपस्थित समस्त सदस्यों ने न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के पुराने इतिहास और इसके विनाशकारी प्रभावों को देखते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि:
TPCL द्वारा प्रस्तावित 08 बोर होल करने की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं दी जाएगी और साथ में भविष्य में भी ग्राम पंचायत सरई कला या आसपास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।
ग्राम पंचायत सरई कला द्वारा इस सर्वसम्मत निर्णय और ग्राम सभा के कार्यवृत्त (पृष्ठ 1 से 04) की प्रति संलग्न कर जांच प्रतिवेदन के रूप में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, रीवा को औपचारिक रूप से प्रेषित कर दिया गया है।

*ग्राम सभा की असहमति के बाद भी मैसर्स फुग्रो नामक बोर होल करने वाली कंपनी ने जबरन घुसेड़ी मशीनें*

 गौरतलब है कि ग्राम सभा की असहमति के बाद भी पिछले दिनों टाटा कंपनी से संबंधित कंपनी बोर होल किए जाने के लिए मैसर्स फुग्रो द्वारा अपनी दो नग बोरिंग मशीन लेकर मौके पर पहुंचने वाली थीं जिनको की ग्रामीणों ने भारी विरोध के बाद वापस कर दिया था। 

  ग्रामीणों और जानकारों ने सवाल उठाये हैं कि जब ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर कंपनी को न्यूक्लियर पावर प्लांट से संबंधित किसी प्रकार के कार्य को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं मिली थी तब कैसे बिना पंचायत की अनुमति और एनओसी के टाटा कंपनी कार्य को आगे बढ़ा रही है जिसको लेकर ग्रामीणों और आसपास के जनमानस में काफी अक्रोश व्याप्त है।
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*एमपी में पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा, प्रदेश में नायरा के 275 पंपों पर बढ़े रेट, भोपाल में पेट्रोल 119.81; डीजल 102.59 रुपए लीटर*

भोपाल। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिखने लगा है। नायरा एनर्जी ने शनिवार को मध्य प्रदेश में पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए। इसके साथ ही भोपाल में नायरा के पंपों पर पेट्रोल 119.81 रुपये और डीजल 102.59 रुपये प्रति लीटर हो गया।

*मध्य प्रदेश में 275 पेट्रोल पंप*
शुक्रवार को यही कीमतें क्रमश: 114.81 और 99.59 रुपये थीं। नायरा एनर्जी के मध्य प्रदेश में करीब 275 पेट्रोल पंप हैं। कंपनी के पंपों पर रोजाना करीब नौ हजार लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत बताई गई है। भोपाल में कंपनी के आठ पंप हैं। कीमतों में बढ़ोतरी से इन पंपों से ईंधन लेने वाले वाहन चालकों पर सीधे अतिरिक्त भार पड़ेगा।

*क्रूड महंगा हुआ तो बढ़ाए दाम*
कंपनी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से रिटेल कीमत और लागत के बीच अंतर बढ़ गया था। इसे कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस साल मार्च में भी नायरा ने पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपये महंगा किया था।
इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रूड के दाम घटने पर एक जुलाई को कंपनी ने दोनों ईंधनों की कीमतों में समान राशि की कटौती की थी। अब करीब तीन महीने बाद फिर कीमतें बढ़ाई गई हैं।

*सरकारी कंपनियों ने नहीं बदले रेट*
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने शनिवार को कीमतों में बदलाव नहीं किया। भोपाल में इन कंपनियों के पेट्रोल की कीमत करीब 114.54 रुपये और डीजल की 99.64 रुपये प्रति लीटर है। जियो ने भी फिलहाल दाम नहीं बढ़ाए हैं।
*एडवायजरी, पुलिस कमिश्नरेट भोपाल, साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता संदेश*

*व्हाट्सएप पर आई ZIP / EXE / DLL फाइल से सावधान रहें*

'इनवॉइस', 'व्यू डिटेल्स' या 'डॉक्यूमेंट' के नाम पर भेजी गई फाइल मालवेयर हो सकती है। इसे खोलने पर आपका सिस्टम, डेटा और व्हाट्सएप वेब जोखिम में पड़ सकता है।

*1. ठगी कैसे होती है?*
- साइबर अपराधी ZIP फाइल या संदिग्ध लिंक भेजते हैं।
- फाइल के अंदर.EXE,.DLL या अन्य हानिकारक फाइल हो सकती है।
- फाइल चलाते ही सिस्टम या ब्राउज़र पर अनधिकृत नियंत्रण पाने का प्रयास होता है।
- इसके बाद आपके नाम से ठगी वाले संदेश भेजे जा सकते हैं।

*2. क्या करें?*
- फाइल एक्सटेंशन अवश्य जांचें।
- भेजने वाले से फोन पर पुष्टि करें।
- केवल अधिकृत स्रोत से ही डाउनलोड करें।
- व्हाट्सएप के लिंक्ड डिवाइसेस नियमित जांचें।

*3. क्या न करें?*
- अज्ञात ZIP / EXE / DLL / APK फाइल न खोलें।
- OTP, पासवर्ड, UPI PIN या बैंक जानकारी साझा न करें।
- किसी के कहने पर रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
- जल्दबाजी में लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें।

*4. यदि फाइल खुल जाए तो*
- तुरंत इंटरनेट बंद करें।
- व्हाट्सएप वेब / लिंक्ड डिवाइसेस से लॉगआ
*बिना जांचे नहीं चढ़ेगा खून: MP के 5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शुरू होगी NAT टेस्टिंग,15 दिन में संक्रमण को पकड़ लेगी मशीन*

भोपाल । रक्त चढ़ाने से होने वाले संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए मध्य प्रदेश के पांच बड़े शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अब नैट (न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) की सुविधा शुरू की जा रही है।

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में लगाई जा रही नैट मशीनें रक्त में हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और एचआईवी वायरस की मौजूदगी का संक्रमण के शुरुआती चरण में ही पता लगा सकेंगी। अक्टूबर के अंत तक पांचों स्थानों पर यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है।

*15 दिन में पता चलेगी रिपोर्ट*
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नैट से चार से 15 दिन में संक्रमण की पहचान संभव होगी। अभी रक्त की जांच मुख्य रूप से एलाइजा जैसी सीरोलॉजिकल जांच से होती है, जिसमें शरीर में संक्रमण के बाद बनने वाली एंटीबॉडी की पहचान की जाती है। संक्रमण के बाद एंटीबाडी बनने में 3 से 6 माह तक लगते हैं। इस दौरान व्यक्ति के संक्रमित होने के बावजूद जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हो पाती। इसे ही विंडो पीरियड कहा जाता है। इस अवधि में ब्लड बैंक से लिया गया यह रक्त जिसे चढ़ाया जाता है वह भी संक्रमित हो जाता है। नैट जांच वायरस के आनुवंशिक पदार्थ की पहचान करती है, इसलिए संक्रमण का पता अपेक्षाकृत पहले चल जाता है।

*नैट जांच के बाद ही चढ़ाया जाएगा रक्त*
नई व्यवस्था के तहत रक्तदान से एकत्र किए गए रक्त की नैट जांच अनिवार्य रूप से होगी। जांच में संक्रमण नहीं पाए जाने के बाद ही रोगियों को चढ़ाने के लिए जारी किया जाएगा। दूसरे जिलों के ब्लड बैंकों से लाया गया रक्त भी संबंधित मेडिकल कॉलेज में नैट जांच से गुजरेगा, यानी बिना नैट जांच के रक्त रोगी को नहीं दिया जाएगा। सतना जिला अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना के बाद सरकार यह सुविधा शुरू करने जा रहा है। बता दें कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख यूनिट ब्लड स्वैच्छिक रक्तदान से मिलता है।

*62 सरकारी ब्लड बैंकों का रक्त पांच केंद्रों पर जांचा जाएगा*
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने नैट जांच के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया है। शासन कंपनी को प्रति यूनिट जांच के लिए 950 रुपये का भुगतान करेगा। पांचों मेडिकल कॉलेजों में लगने वाली मशीनों के माध्यम से मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और अन्य शासकीय संस्थानों को मिलाकर 62 शासकीय ब्लड बैंकों से आने वाले रक्त की जांच की जाएगी। नैट जांच की प्रक्रिया के दौरान मरीजों को रक्त की तत्काल जरूरत होने पर समस्या न आए, इसके लिए ब्लड बैंकों में अतिरिक्त स्टाक रखने की व्यवस्था की जाएगी।
*सुगम परिवहन सेवा' पर CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा अपडेट कहा- सरकारी बसों का होगा विस्तार*

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में नव-प्रारंभिक 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के व्यापक विस्तार और सुचारू संचालन को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और सस्ती यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से इस सार्वजनिक परिवहन सेवा का निरंतर विस्तार किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों (SP) को समीक्षा बैठक में निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी से काम करे। बसों के बाधारहित आवागमन के लिए लोकल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का विशेष सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

*सुगम परिवहन सेवा: क्या है योजना और वर्तमान स्थिति?*
राष्ट्रवादी विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (25 सितंबर) के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया था।

21 साल बाद वापसी: वर्ष 2005 में मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (MPSRTC) के बंद होने के बाद सार्वजनिक बस सेवा का जो अभाव था, उसे करीब 21 वर्षों बाद इस योजना के जरिए दूर किया गया है।

वर्तमान बेड़ा (351 बसें): प्रथम चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड) से 351 बसों (120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी) का संचालन शुरू किया गया है। इनमें 180 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें और पूर्व से संचालित फिट बसें शामिल हैं।

एकल नोडल एजेंसी: पहले अलग-अलग निकायों द्वारा संचालित बसों को अब 'मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' (MPYPIL) के अंतर्गत एक ही एकीकृत व्यवस्था में लाया गया है।

*आगामी लक्ष्य और योजना का बैकग्राउंडर*

2031 तक 15,000 बसों का लक्ष्य: राज्य सरकार ने वर्ष 2031 तक प्रदेश भर में 14,981 (लगभग 15 हजार) आधुनिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा है।

ग्रामीण कनेक्टिविटी: योजना के तहत वर्ष 2031 तक प्रदेश की 75 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों को इस बस सेवा से जोड़ा जाएगा।

सुरक्षा और हाई-टेक फीचर्स: बसों की रियल-टाइम निगरानी के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, पैनिक कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस ट्रैकिंग जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।

ई-बस और पर्यावरण: पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए बेड़े में लगातार इलेक्ट्रिक एवं स्वच्छ ईंधन चालित (Clean Energy) बसों का अनुपात बढ़ाया जाएगा।
*रीवा सड़क हादसा मामले में हाई कोर्ट ने कहा - एजेंट ने प्रीमियम हड़पा फिर भी बीमा कंपनी को देना होगा क्लेम*

जबलपुर। बीमा प्रीमियम की राशि अधिकृत एजेंट द्वारा हड़प लिए जाने के आधार पर बीमा कंपनी मुआवजा देने की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। हाई कोर्ट ने रीवा के सड़क हादसे से जुड़े मामले में यह महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए इंडसइंड मार्केटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की अपील निरस्त कर दी।

*गबन किया है तो इसका दायित्व कंपनी पर रहेगा*
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि अधिकृत एजेंट ने ग्राहक से प्रीमियम वसूलने के बाद उसका गबन किया है तो इसका दायित्व कंपनी पर रहेगा। एजेंट की धोखाधड़ी को आधार बनाकर पीड़ित को बीमा क्लेम से वंचित नहीं किया जा सकता।

*हाइवा की टक्कर से शनी बंसल की मृत्यु हो गई थी*
मामला 29 जून 2019 का है। रीवा में सुबह करीब 8:30 बजे तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर से 15 वर्षीय शनी बंसल की मृत्यु हो गई थी। दुर्घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजे के लिए दावा प्रस्तुत किया। अधिकरण ने 22 अक्टूबर 2024 को मुआवजा देने का आदेश पारित किया था।

*शाखा प्रबंधक की ओर से अपील दायर की गई थी*
आदेश को चुनौती देते हुए कंपनी के शाखा प्रबंधक की ओर से हाई कोर्ट में अपील दायर की गई थी। कंपनी की ओर से दलील दी गई कि ग्राहकों से बीमा प्रीमियम वसूलने वाले प्रतिनिधि ने कई ग्राहकों की राशि का गबन कर लिया और उसे कंपनी के पास जमा नहीं किया। इसलिए कंपनी को बीमा क्लेम का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

*कृत्य के लिए संबंधित संस्था जिम्मेदारी*
हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। एकलपीठ ने प्रतिनिधिक दायित्व के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकृत एजेंट अपने कार्य के दौरान धोखाधड़ी करता है तो उसके कृत्य के लिए संबंधित संस्था जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

*निर्धारित मुआवजे का भुगतान करने का रास्ता साफ हो गया*
एजेंट द्वारा प्रीमियम की राशि का गबन किया जाना बीमा कंपनी को क्लेम भुगतान के दायित्व से मुक्त करने का आधार नहीं है। कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के आदेश को बरकरार रखते हुए कंपनी की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही पीड़ित पक्ष को निर्धारित मुआवजे का भुगतान करने का रास्ता साफ हो गया।
💥*बड़ी खबर*💥
*रामभद्राचार्य की बढ़ी मुश्किलें, ब्राह्मणों पर टिप्पणी मामले में केस दर्ज करने का आदेश*
तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर प्रयागराज की ACJM-8 कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता सुरेश चंद्र उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि 3 फरवरी 2024 को वृंदावन में भागवत कथा के दौरान रामभद्राचार्य ने उपाध्याय, पाठक, चौबे, त्रिगुणायत और दीक्षित ब्राह्मणों को अधम-नीच बताते हुए कहा था कि इनमें हम अपनी बेटियों की शादी नहीं करते। कोर्ट ने नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 12 अक्टूबर तय की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस बयान के बाद समाज में इन उपजातियों से जुड़े लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और उनके परिवारों के वैवाहिक संबंधों व सामाजिक प्रतिष्ठा पर असर पड़ा है।
*छुइया घाटी कांड के बाद चार संदिग्ध गांजा तस्कर घर छोड़कर फरार!*

*भोला-शुभम हाल में NDPS केस में जमानत पर आए, डब्ल्यू जायसवाल और भाई भी लापता; पुराने कनेक्शन खंगालने की जरूरत*

रीवा/मनगवां। सीधी के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र की छुइया घाटी में ओडिशा पुलिस की अभिरक्षा से NDPS आरोपी आदित्य मिश्रा को गोलीबारी के बीच छुड़ाए जाने के बाद जांच का दायरा रीवा तक पहुंचता नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार मनगवां क्षेत्र से जुड़े चार संदिग्ध गांजा तस्कर घटना के बाद से अपने घरों पर नहीं मिले हैं। इनके नाम पूर्व में NDPS मामलों से जुड़े होने की बात सामने आती रही है।
सूत्रों के मुताबिक मढ़ी कला निवासी भोला जायसवाल, इटौरा निवासी शुभम जायसवाल, मनगवां बस्ती निवासी संदीप उर्फ डब्ल्यू जायसवाल और उसका भाई घटना के बाद से घर से गायब बताए जा रहे हैं। इनमें भोला और शुभम के हाल ही में NDPS मामले में हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आने की जानकारी सामने आई है।

*पुराने NDPS कनेक्शन ने बढ़ाया शक*
बताया जाता है कि वर्ष 2025 में मनगवां पुलिस ने भोला जायसवाल को कथित रूप से गांजे की खेप और बड़ी मात्रा में नकदी के साथ पकड़ा था। उस मामले में आदित्य मिश्रा और शुभम जायसवाल के नाम भी सामने आने की बात कही गई थी। ऐसे में छुइया घाटी कांड के बाद पुराने संपर्कों और संभावित नेटवर्क की कड़ियों को खंगालना जांच का अहम पहलू हो सकता है।

*छुइया घाटी केस में कई आरोपी नामजद*
पुलिस के मुताबिक छुइया घाटी प्रकरण में कुंवर प्रताप सिंह उर्फ शिवम सिंह, कुलदीप ओझा, संजय पटेल, सचिन पटेल, आशीष पटेल, संग्राम सिंह, राजा पटेल, पुन्नी और रवि समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। इनमें से कुंवर प्रताप सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

*मनगवां पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल*
छुइया घाटी कांड के बाद मनगवां क्षेत्र के चार संदिग्धों के कथित रूप से घर से गायब होने की चर्चा ने स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े किए हैं। क्या मनगवां पुलिस ने इनके पुराने NDPS रिकॉर्ड, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच शुरू की है? यदि इनका छुइया घाटी कांड से कोई संपर्क सामने आता है तो रीवा-सीधी कनेक्शन जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बन सकता है।

*अब निगाहें रीवा एसपी डॉ. गुरकरन सिंह और जोन आईजी डॉ. गौरव राजपूत की कार्रवाई पर हैं।*
*मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' गाने वाले सुनील लोधी को मिलेगी आंखों की रोशनी, 'हनुमान अंश' फिल्म की टीम कराएगी इलाज*

भोपाल। अपनी ठेठ बुंदेली शैली और सुरीली आवाज से देशभर में खास पहचान बनाने वाले दृष्टिबाधित लोक गायक सुनील लोधी के लिए अब एक नई उम्मीद की किरण जगी है। नीम करौली बाबा के जीवन और महिमा पर आधारित बहुचर्चित हिंदी फिल्म 'हनुमान अंश' के सुपरहिट भजन "मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान" से लोकप्रिय हुए सुनील के नेत्र इलाज के लिए फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर खुद आगे आई हैं।

*मुंबई के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे आंखों की जांच*
मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले सुनील लोधी की आंखों के उपचार के लिए फिल्म निर्माता अनुप्रिया नागर ने मुंबई के एक प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ से अपॉइंटमेंट लिया है। जल्द ही सुनील को मुंबई ले जाया जाएगा, जहां वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी आंखों का विस्तृत परीक्षण करेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनकी आंखों की रोशनी वापस लौटने की कितनी संभावनाएं हैं और किस तरह का चिकित्सा उपचार अपनाया जाएगा।

*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी दे चुके हैं इलाज का आश्वासन*
सुनील लोधी की प्रतिभा से प्रभावित होकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पूर्व में हुई मुलाकात के दौरान उनके इलाज के लिए हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराने का भरोसा दे चुके हैं।

बचपन से दृष्टिबाधित होने के बावजूद सुनील ने कभी अपनी इस शारीरिक चुनौती को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने अपनी बुंदेलखंडी लोक गायकी को साधना बनाया और अपनी अनूठी गायकी के दम पर आज देश भर के संगीत प्रेमियों के दिलों में अपनी खास जगह बना ली है।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को जनता के बीच आने के लिए अडे पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना!
भारी संख्या में कलेक्ट्रेट कार्यालय पर पहुंचे स्थानीय लोग!
जोधपुर द्वितीय में सरपंच पद के उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज है।

सरपंच पद के प्रत्याशी राजू तिवारी लगातार मतदाताओं के बीच पहुंचकर अपने समाजसेवा कार्यों और क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बता रहे हैं।

राजू तिवारी का कहना है कि जनता उन्हें मौका देती है तो गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।

राजू तिवारी ने युवाओं के लिए बेहतर अवसर, विद्यार्थियों के लिए शिक्षा संबंधी सुविधाओं में सुधार, गांव की सड़कों और आवागमन की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाकर उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा और गांव के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

अपने समाजसेवा कार्यों को जनता के सामने रखते हुए राजू तिवारी ने मतदाताओं से समर्थन और आशीर्वाद की अपील की।

अब जोधपुर द्वितीय के मतदाताओं का फैसला क्या होगा, यह चुनाव परिणाम के बाद ही सामने आएगा।

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जोधपुर द्वितीय में चुनाव प्रचार थमा, कल मतदान 🗳️

सरपंच उपचुनाव में अब मतदाताओं की बारी। वर्तमान सरपंच संतोष दुबे ने अपने 6 महीने के कार्यकाल में किए गए 2 नाली, 3 PCC सड़क, स्टॉप डैम सहित कई विकास कार्यों को लेकर समर्थन का दावा किया है।

कल सुबह 7 बजे से मतदान, अब जनता की बारी।

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